क्वांगचो : चीनी और भारतीय कलाकारों ने बिखेरा सांस्कृतिक “रंग”

2019-11-24 17:28:04
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चीनी प्रसिद्ध कलाकार ली यूछिंग वाद्ययंत्र कुचङ बजाती हुईं

संगीत और नृत्य लोगों को लुभाते हैं, वो इसलिए क्योंकि संगीत और नृत्य इंसानों के बीच दूरी कम करने वाले महत्वपूर्ण पुल की भूमिका अदा करते हैं। अनेक रंगों से लबरेज भारतीय संस्कृति में संगीत और नृत्य बहुत महत्वपूर्ण होता है, जो कि चीनी लोग भी बहुत पसंद करते हैं। 23 नवम्बर को दक्षिण चीन के क्वांगतोंग प्रांत की राजधानी क्वांगचो में “रंग” शीर्षक संगीत समागम आयोजित हुआ, जिसमें चीनी और भारतीय कलाकारों ने एक ही मंच पर मधुर गीत-संगीत की अद्भुत छटा बिखेरी। वहां उपस्थित दर्शकों ने इस संगीत समागम का लुत्फ उठाया।

भारत से आए कलाकारों ने हिंदी, गुजराती, पंजाबी और मराठी आदि नौ भाषाओं में भारतीय संस्कृति की झलक प्रदर्शित की। भारत के जाने-माने कवि दिनेश रघुवंशी, रेडियो होस्ट हनी वी, मशहूर गायक निर्मल मीरचंदानी और कीबोर्ड प्लेयर प्रशांत मिश्रा आदि नौ कलाकारों ने सुप्रसिद्ध चीनी संगीतकार ली यूछिंग आदि चीनी कलाकारों के साथ एक ही मंच पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। दोनों देशों के कलाकारों ने चीनी और भारतीय संस्कृति का रंग बिखेरा।

मौजूदा संगीत समागम के संयोजक, “चीन में प्रवासी भारतीय” (सीएनआरआई) के प्रबंधक राजेश पुरोहित के मुताबिक, चीन के वूहान और भारत के चेन्नई में अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद चीनी और भारतीय शीर्ष नेताओं ने ब्राजील में अभी-अभी संपन्न हुए ब्रिक्स शिखर वार्ता में एक बार फिर मुलाकात की और सुनहरे भविष्य के बारे में चर्चा की। दोनों देशों के नेताओं ने ज्यादा सामंजस्यपूर्ण और अच्छे चीन-भारत संबंध की स्थापना के लिए मार्गदर्शन किया। चीन और भारत के विभिन्न जगत के लोगों को भिन्न-भिन्न तरीके से द्विपक्षीय संबंध के भावी विकास में योगदान देना चाहिए। मौजूदा संगीत समागम में चीनी और भारतीय कलाकारों ने एक साथ अपने-अपने हुनर का परिचय दिया, जिससे दोनों देशों की जनता के बीच दूरी कम हुई, और पारस्परिक समझ व मैत्री को आगे बढ़ाया गया।

राजेश पुरोहित के अनुसार, उनकी आने वाले साल में यानी जून 2020 में भारत में इसी तरह की गतिविधि आयोजित करने की योजना है। उस समय चीनी कलाकार भारत जाएंगे और वे भारतीय कलाकारों के साथ भारत के मंच पर एक बार फिर चीनी और भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरेंगे।

(श्याओ थांग)

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