टिप्पणीः चीन के आंतिक मामले में उद्दंडतापूर्वक हस्तक्षेप करना नाकाम होगा

सीआरआई ने 20 नवंबर को हांगकांग मामले को लेकर एक टिप्पणी जारी की, जिसका शीर्षक है कि चीन के आंतरिक मामले में उद्दंडतापूर्वक हस्तक्षेप करना निश्चिय ही नाकाम होगा।
इस आलेख में कहा गया है कि अमेरिकी सिनेट ने 19 नवंबर को कुछ सांसदों द्वारा प्रस्तुत तथाकथित वर्ष 2019 हांगकांग का मानवाधिकार और लोकतंत्र विधेयक पारित किया ,जिसने सही और गलत को गोलमोल कर खुलेआम हांगकांग के हिंसक अपराधियों का समर्थन किया और उद्दंडतापूर्वक हस्तक्षेप किया। चीन इसकी कड़ी निंदा के साथ इसका डटकर विरोध करता है ।इस विधेयक ने अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मापदंडों का उल्लंघन किया और हांगकांग के विभिन्न जगतों की अपील की अनदेखी की ।इस की कोई प्रभावी शक्ति नहीं है ,जो सरासर एक रद्दी कागज जैसा है। कुछ अमेरिकी लोग लॉन्ग आर्म ज्यूरिस्डिक्शन की कुचेष्टा करना चाहते हैं ,लेकिन वे निश्चिय ही नाकाम होगा ।
आलेख में कहा गया कि हांगकांग मामला एकदम चीन का आंतरिक मामला है ,जिस का निपटारा चीनी संविधान और हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र बुनियादी कानून के ढांचे के अंदर किया जाना है ।किसी शक्ति को इस में दखलदाजी करने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी।
(वेइतुंग)