टिप्पणीः हांगकांग में हो रही उग्रवादी हिंसक आपराधिक कार्रवाई के तीन मुख्य खतरे

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हाल में ब्रासीलिया में आयोजित 11वीं ब्रिक्स बैठक में कहा कि हांगकांग में हो रही उग्रवादी हिंसक आपराधिक कार्रवाई गंभीरता से कानूनी प्रशासन और सामाजिक व्यवस्था को पैरों तले रौंदती है, गंभीरता से हांगकांग की समृद्धि और स्थिरता को बर्बाद करती है और गंभीरता से “एक देश दो व्यवस्था” के सिद्धांत की अंतिम रेखा को चुनौती देती है। इससे उग्रवादी हिंसक आपराधिक कार्रवाई का गंभीर खतरा और सार दिखाया गया।
पश्चिमी देशों के कुछ लोगों ने हांगकांग को गड़बड़ बनाने और चीन को रोकने के लिए दोहरा मापदंड अपना कर काले को सफेद बताया और हिंसकों को “लोकतंत्र योद्धा” बताया। लेकिन तथ्य यह है कि हिंसकों ने सड़क अवरुद्ध किया, आग लगाई, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों पर हमला किया। उनकी कार्रवाई से हांगकांग वासियों की लोकतंत्र और स्वतंत्रता को गंभीर नुकसान पहुंचा।
पिछले पाँच महीनों से जारी हिंसा कार्रवाई लगातार बिगड़ रही है। अब तक सौ से अधिक लोग घायल हुए और एक बेगुनाह की मौत हुई। हिंसकों ने मनमाने ढंग से कानूनी प्रशासन और सामाजिक व्यवस्था को पैरों तले रौंद डाला, जिन्हें कानूनी सज़ा देना होगी।
हांगकांग के चीन में वापस आने के बाद पिछले 22 सालों में “एक देश दो व्यवस्था” के सिद्धांत में हांगकांग में सर्वस्वीकृत प्रगति हुई। लेकिन जारी हिंसक कार्रवाई से हांगकांग की अर्थव्यवस्था को भारी आघात पहुंचा है।
चीनी सर्वोच्च नेता ने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हांगकांग में हो रही उग्रवादी हिंसक आपराधिक कार्रवाई के खतरों पर विश्लेषण किया और कहा कि हिंसक कार्रवाई को बंद करना और समाज की सामान्य व्यवस्था को बहाल करना वर्तमान में हांगकांग का सबसे आवश्यक कर्तव्य है। इससे हांगकांग की स्थिति स्थिर बनाने के लिए दिशा दिखाई गई और मार्ग सुझाया गया है।
(ललिता)