टिप्पणी:"होंगछ्याओ बुद्धि" से खुलेपन और नवाचार की शक्ति झलकती है

2019-11-07 17:24:13
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

इधर के दिनों में पूर्वी चीन के शांगहाई शहर में आयोजित दूसरे चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो के अधीन कई मंच भी आयोजित किये जा रहे हैं। होंगछ्याओ मंच में उपस्थित अनेक विदेशी प्रतिनिधियों ने आर्थिक वैश्विकरण तथा बहुपक्षीय व्यापार की रक्षा करने के लिए अपने-अपने सुझाव पेश किये हैं।

वर्तमान में व्यापार संरक्षणवाद और एकतरफवाद के उभरने से आर्थिक भूमंडलीकरण के सामने बाधा रहने तथा आर्थिक मंदी का दबाव सामने आने की स्थितियां मौजूद हैं। इस स्थिति में होंगछ्याओ मंच में साठ से अधिक विदेशी श्रेष्ठ विद्वानों और राजनेताओं को आमंत्रित किया गया। उन्होंने व्यावसायिक वातावरण, एआई तकनीक, विश्व व्यापार संगठन में सुधार, ई-कॉमर्स, और मानव के समान भाग्य समुदाय आदि सवालों पर विचार विमर्श किया।

तथ्यों से यह साबित है कि खुलेपन और सहयोग के जरिये उभय जीत हासिल की जा सकती है। आयात एक्सपो का आयोजन करना चीन द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। प्रथम आयात एक्सपो में 57.8 अरब अमेरिकी डालर अनुबंध संपन्न किये गये और इस के बाद बड़ी संख्या में विदेशी मालों का चीनी बाजार में प्रवेश हुआ। दूसरे आयात एक्सपो में भी विभिन्न देशों के व्यापारियों के बीच सहयोग करने का उत्साह नजर आ रहा है। पर खुले व्यापार के लिए व्यापारी दीवार हटाने की जरूरत है। पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता गैरी क्लेड हफ्वेयर ने कहा कि चीन सरकार ने अपने बिजनेस वातावारण में सुधार लाने के लिए वास्तविक प्रयास किया है। आयात एक्सपो के साझाकरण विचार से विश्व के 150 से अधिक देशों के तीन हजार कारोबारों को आकर्षित किया गया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के विशेष दूत लूहुर्त ने होंगछ्याओ मंच में कहा कि सभी देशों के बीच सहयोग करने और सभी पक्षों के लिए स्वीकृत संरचना संपन्न करना चाहिये ताकि समान विकास का लक्ष्य साकार किया जाए।

दूसरा चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो केवल व्यापारिक सहयोग मंच नहीं, बल्कि एक बहुपक्षीय सूचना इंटरकनेक्शन प्लैटफोर्म भी है। आजकल एक्सपो के विभिन्न पवेलियन और मंच में नवाचार और खुलेपन की बुलंद आवाज सुनती जा रही हैं। आशा है कि इससे संरक्षणवाद का विरोध करने और वैश्विकरण का समर्थन करने की समग्र शक्तियां संपन्न हो सकेंगी ताकि विश्व अर्थतंत्र की बहाली की जा सके।

( हूमिन )

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories