पेइचिंग : शी चिनफिंग और मैक्रॉन के बीच वार्ता हुई

2019-11-06 19:23:08
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 6 नवम्बर को पेइचिंग स्थित जन बृहद भवन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ वार्ता की।

शी चिनफिंग ने कहा कि वर्तमान विश्व में बड़ा परिवर्तन आया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य देशों, पूर्वी और पश्चिमी सभ्यता के प्रतिनिधियों के रूप में चीन और फ्रांस को सामरिक संपर्क मजबूत करना चाहिए और ज्यादा उत्तरदायित्व उठाना चाहिए। मैं आप के साथ मिलकर विश्व के सामने भविष्य और जनता के उन्मुख चीन-फ्रांस व्यापक रणनीतिक साझेदारी संबंध को ज्यादा ऊंचे स्तर तक पहुंचाना चाहता हूँ, ताकि द्विपक्षीय संबंध बड़े देशों के संबंधों में अग्रिम पंक्ति में खड़े हो सके।

शी चिनफिंग के मुताबिक चीन फ्रांस के साथ छह पहलुओं में आदान-प्रदान और सहयोग को व्यापक तौर पर आगे बढ़ाना चाहता है, ताकि अधिक से अधिक वास्तविक उपलब्धियां प्राप्त हो सकें।

पहला, राजनीतिक आपसी विश्वास को बनाए रखते हुए इसे आगे बढ़ाया जाए। दूसरा, बड़ी परियोजनाओं के सहयोग को लगातार आगे बढ़ाया जाए। तीसरा, एक दूसरे को बाजार के खुलेपन का विस्तार किया जाए। चौथा,“बेल्ट एंड रोड”पहल के सह-निर्माण और यूरोपीय संघ की यूरेशियाई आपसी संपर्क वाली रणनीति को जोड़ा जाए। पाँचवां, सृजनात्मक सहयोग को गहराया जाए और अनवरत विकास को साकार किया जाए। छठा, सभ्यताओं के आदान-प्रदान और आपसी सीख को मजबूत किया जाए।

वार्ता में मैक्रॉन ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में दो बड़े देश होने के नाते फ्रांस और चीन के कंधों पर खास महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। फ्रांस और चीन के बीच संवाद और सहयोग की मजबूती आदर्श वाली भूमिका होती है। फ्रांस आपसी सम्मान के आधार पर दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेद का अच्छी तरह समाधान करना चाहता है। फ्रांसीसी उद्यम चीन के खुलेपन के विस्तार वाले मौके से लाभ उठाकर सक्रिय रूप से चीनी बाज़ार में प्रवेश करना चाहते हैं। चीन को फ्रांस अपने कृषि उत्पादों के निर्यात का विस्तार करना चाहता है। इसके साथ ही विमानन, एयरोस्पेस और नागरिक परमाणु ऊर्जा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा वैज्ञानिक तकनीकी नवाचार और वित्तीय सहयोग को भी मजबूत करना चाहता है।

वार्ता के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेता कुछ सहयोगी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने के साझी बने। ये दस्तावेज़ विमानन, एयरोस्पेस, नागरिक परमाणु ऊर्जा, सांस्कृतिक अवशेष, कृषि, उद्योग, प्राकृतिक संरक्षण, वित्त और त्रिपक्षीय सहयोग आदि से संबंधित हैं।

(श्याओ थांग)

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