8वां विश्व चीन-विद्या मंच शांगहाई में उद्घाटित

2019-09-11 10:41:09
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“चीन और विश्व:70 सालों की प्रक्रिया” मुख्य थीम वाला 8वां विश्व चीन-विद्या मंच 10 सितंबर को शांगहाई में उद्घाटित हुआ। 35 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से आए 300 से अधिक विशेषज्ञ और विद्वान मौजूदा मंच में भाग ले रहे हैं। उन्होंने “बेल्ट एंड रोड”के सह-निर्माण, चीन के सुधार व खुलेपन और वैश्विकता, चीनी सभ्यता और वैश्विक सभ्यता का आदान-प्रदान व आपसी सीख आदि विषयों पर विचार विमर्श किया, और साथ ही चीन और विश्व के बीच आपसी सीख व उभय जीत के लिए बुद्धि और शक्ति का योगदान दिया।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य, केंद्रीय प्रसार मंत्री ह्वांग खुनमिंग ने उद्घाटन समारोह में भाग लिया और भाषण दिया।

उन्होंने कहा कि नए चीन की स्थापना के बाद पिछले 70 सालों में चीनी जनता और विश्व की जनता सदिच्छापूर्ण रूप से सह-अस्तित्व में हैं, पारस्परिक समर्थन करती हैं। दोनों का भाग्य एक दूसरे पर निर्भर रहता है। चीनी जनता खुद के कार्यों को अच्छी तरह अंजाम देने के साथ-साथ सक्रिय रूप से विश्व को योगदान देती है। चीन अविचल रूप से सुधार और खुलेपन को आगे बढ़ा रहा है। आर्थिक तंगी से ग्रस्त 1.4 अरब चीनी जनता अब व्यापक खुशहाल जीवन यापन करने लगी हैं। चीन ने वैश्विक आर्थिक विकास में जबरदस्त प्रेरक शक्ति का संचार किया और विभिन्न देशों की जनता के बेहतर जीवन की प्राप्ति में चीनी बुद्धि का योगदान दिया। चीन शांति, विकास, सहयोग और उभय जीत वाला झंडा बुलंद करते हुए मानव जाति के शांतिपूर्ण विकास कार्य को सक्रिय रुप से आगे बढ़ा रहा है। चीन हमेशा विश्व शांति का संस्थापक, वैश्विक विकास का योगदानकर्ता और अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति का रक्षक बना रहेगा। चीन ने “बेल्ट एंड रोड” वाली सहयोगी पहल प्रस्तुत की, समान सलाह मशविरा, सह-निर्माण और साझा करने पर कायम रहते हुए विभिन्न देशों की जनता के सुखों की मजबूती के लिए नया मौका मुहैया करवाया।

ह्वांग खुनमिंग ने कहा कि वर्तमान दुनिया बड़े परिवर्तन से गुज़र रही है। मानव जाति के सामने समान जोखिम और चुनौतियां मौजूद हैं। हमें मानव जाति के समान भाग्य वाली विचारधारा स्थापित कर सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान को मजबूत करना चाहिए, संपर्क और आदान-प्रदान के ज्यादा मंच स्थापित करना चाहिए। समानता और आपसी विश्वास वाला अधिक संवाद करना चाहिए, आपसी समझ और आम सहमतियों को लगातार मजबूत करना चाहिए, ताकि चीन और विश्व के बीच आपसी सीख और उभय जीत की प्राप्ति के लिए बुद्धि और शक्ति प्रदान की जा सके।

गौरतलब है कि इस मंच के उद्घाटन समारोह में चीन, अमेरिका, जापान और होलैंड से आए चार विद्वानों को पाँचवां विश्व चीन-विद्या योगदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

(श्याओ थांग)

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