भारत व चीन को करीब लाने का एक और तरीका है योग- राजदूत मिस्री

2019-08-19 09:56:10
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पेइचिंग अंतरराष्ट्रीय बागबानी एक्सपो में भारतीय उद्यान की झलक

पेइचिंग अंतरराष्ट्रीय बागबानी एक्सपो में भारतीय उद्यान की झलक

पेइचिंग में पिछले कुछ महीनों से बागबानी एक्सपो जारी है। जिनमें विश्व के कई देश हिस्सा ले रहे हैं। यह एक्सपो दुनिया के सबसे बड़े और लोकप्रिय एक्सपो में से एक माना जाता है। विशाल क्षेत्र में फैले एक्सपो में विभिन्न देशों के आकर्षक उद्यान बने हुए हैं। भारत भी एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में इस एक्सपो में शिरकत कर रहा है। भारत का उद्यान लोगों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय उद्यानों में से एक है। भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री समेत कई राजनयिक अधिकारियों व चीनी प्रतिनिधियों ने इंडिया डे के मौके पर भारतीय उद्यान का दौरा भी किया।

इस अवसर पर चाइना रेडियो इन्टरनेशनल (सीआरआई) के संवाददाता ने राजदूत विक्रम मिस्री के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि योग चीन व भारत को करीब लाने का एक और तरीका है, यही वजह है कि बागबानी एक्सपो में भारतीय उद्यान की थीम योग पर केंद्रित की गयी है। बकौल मिस्री, जैसा कि हम जानते हैं कि पेइचिंग अंतर्राष्ट्रीय बागबानी एक्सपो का उद्घाटन अप्रैल महीने में हुआ था। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उस समारोह में शिरकत की थी। भारत इस एक्सपो में उत्साह के साथ भाग ले रहा है। हमारा हमेशा मानना है कि प्रकृति और मानव के बीच में जो रिश्ता है, वह एक बहुत ही महत्वपूर्ण रिश्ता है। उसी को दर्शाने के लिए एक्सपो में जो भारतीय बाग़ स्थापित किया गया है, उसमें वो सभी चीजें मौजूद हैं। जैसे कि स्टेप-वेल(बावड़ी) लगाया है, जो बौद्ध धर्म की सीख को बताता है। इसके साथ ही दूसरी आर्ट एंड क्राफ्ट वाली वस्तुएं भी यहां प्रदर्शित की गयी हैं।


सीआरआई संवाददाता को इन्टरव्यू देते हुए भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री

सीआरआई संवाददाता को इन्टरव्यू देते हुए भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री

इसके साथ ही राजदूत ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पेइचिंग अंतर्राष्ट्रीय एक्सपो में हमें मित्रों की मदद मिली है। जिसकी वजह से हम अच्छी तरह इस एक्सपो में भाग ले पाए हैं। उम्मीद है कि अधिक से अधिक लोग उद्यान में आकर आनंद उठा पाएंगे। बताया गया है कि इस एक्सपो में लगभग 110 देशों के उद्यान लगे हैं, लेकिन इंडिया गार्डन को देखने के लिए सबसे अधिक दर्शक आ रहे हैं। जिससे जाहिर होता है कि यह बहुत ही लोकप्रिय उद्यान है।

बातचीत में राजदूत ने इस उद्यान को बनाने और सफलता से संचालित करने वाले प्रतिनिधियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रीय बागबानी बोर्ड ने इस पैवेलियन को बनाने में योगदान दिया है।

योग को उद्यान की थीम व इंटरनेशल योग दिवस को लेकर विक्रम मिस्री कहते हैं कि हमने पेइचिंग और चीन के कई शहरों में योग दिवस मनाया। हम देख रहे हैं कि चीन में बड़ी संख्या में लोग योग के प्रति रुचि दर्शा रहे हैं। चीन में योग सिखाने के लिए बहुत से संस्थान भी खुले हुए हैं। यह चीन व भारत को एक-दूसरे के ज्यादा नजदीक लाने का एक और तरीका है। हम चाहते थे कि उसकी एक झलक इस उद्यान में भी हो, इसी वजह से आप यहां भी योग की थीम देख सकते हैं।

सीआरआई संवाददाता को इन्टरव्यू देते हुए भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री

सीआरआई संवाददाता को इन्टरव्यू देते हुए भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री

इससे पहले इंडिया दिवस पर हुए कार्यक्रम में राजदूत ने कहा कि भारतीय उद्यान में योग के जरिए हम शांति और सद्भावना का संदेश देना चाहते हैं। इसके साथ ही भारतीय उद्यान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से भी जुड़ा हुआ है। गांधी जी प्रकृति के साथ सद्भाव रखने की मजबूत वकालत किया करते थे। इसके साथ ही वे पारंपरिक भारतीय ग्रामीण जीवन-शैली के भी प्रबल समर्थक थे। जो कि नवीकरणीय साधनों के दीर्घकालिक इस्तेमाल पर आधारित है। मिस्री ने गांधी जी के प्रसिद्ध कथन का भी उल्लेख किया कि, प्रकृति हर किसी व्यक्ति की जरूरत को पूरा सकती है, लेकिन लालसा को नहीं।

(प्रस्तुति-अनिल आज़ाद पांडेय)

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