चाइना मीडिया ग्रुप के न्यूज़ कार्यक्रम में प्रसारित टिप्पणी आलेख चीनी लोगों में हॉट मुद्दा बन गया

2019-07-28 15:50:54
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चाइना मीडिया ग्रुप के अधीनस्थ सीसीटीवी के न्यूज़ कार्यक्रम में 27 जुलाई को “खुद के मानवाधिकार रोग का इलाज करे अमेरिका” शीर्षक टिप्पणी आलेख प्रसारित किया गया, जो लगातार तीन दिनों में चीनी लोगों में हॉट मुद्दा बन गया है। “क्या आज सीसीटीवी का न्यूज कार्यक्रम देखा?” इंटरनेट पर एक गर्म विषय बन गया।

टिप्पणी “खुद के मानवाधिकार रोग का इलाज करे अमेरिका” में कहा गया है कि लम्बे अरसे से मानवाधिकार हमेशा ही अमेरिका द्वारा दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने या दूसरे देशों पर दबाव डालने का प्रमुख हथियार है। जब अमेरिका किसी पर दबाव डालना चाहता है, तो तथाकथित मानवाधिकार रिपोर्ट जारी करता है और दूसरे देशों की मानवाधिकार स्थिति की निराधार निंदा करता है।

प्रसारित होने के बाद इस टिप्पणी पर लोगों का ध्यान केंद्रित हुआ। नेटिज़नों ने टिप्पणी की प्रशंसा की और सीसीटीवी के इस न्यूज़ कार्यक्रम पर अपना प्यार प्रकट किया।

26 जुलाई को “अमेरिका विश्व सहयोग विकास में बाधा है” शीर्षक टिप्पणी प्रसारित की गई। इसमें कहा गया है कि हाल में अमेरिका के सौ से अधिक चीन के खिलाफ़ तथाकथित कट्टरपंथियों ने एक खुला पत्र जारी कर कहा कि चीन ने आर्थिक हितों से अमेरिका के गठबंधन देशों और अन्य देशों को भुलावे में रखा और वैश्विक प्रभाव का विस्तार किया। इससे चीन के आर्थिक शक्ति की मजबूती के प्रति कुछ अमेरिकियों की ईर्ष्या दिखती है। वास्तव में अमेरिका का एकतरफावाद और संरक्षणवाद ही विश्व के विभिन्न देशों के सहयोग और विकास में बाधा है। उदाहरण के लिए 5जी तकनीक आदि उच्च विज्ञान व तकनीक में अग्रिम स्थान को छीनने के लिए अमेरिका ने राष्ट्रीय शक्ति का इस्तेमाल कर चीनी कारोबारों पर दबाव बनाया और अनेक अमेरिकी कारोबारों के चीनी कारोबार के सहयोग को बंद करने की कोशिश की। किसी भी कीमत पर विश्व विज्ञान व तकनीक की प्रगति, विकास से रोकने की कोशिश सचमुच हालिया दुनिया में सब से बुरी मिसाल है।

25 जुलाई को प्रसारित टिप्पणी “आखिर कौन विश्व में दूसरों को धमकी दे रहा है?” में कहा गया है कि हाल ही में अमेरिका के एक सौ से अधिक चीन विरोधी व्यक्तियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र भेजकर चीन पर विस्तारवाद को बढ़ावा देने और अपनी व्यापक राष्ट्रीय शक्ति से दूसरों को धमकी देने का आरोप लगाया। यह कथन समझने के लिये बिल्कुल मुश्किल है।

(ललिता)


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