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टिप्पणी:शिंच्यांग प्रदेश में आतंकविरोध का जो अनुभव है पश्चिम को सीखना चाहिये

2019-07-16 19:10:10
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हाल ही में रूस, सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत 37 देशों के जेनेवा स्थित राजदूतों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के अध्यक्ष और उच्चायुक्त के समक्ष पत्र लिखकर चीन के शिंच्यांग प्रदेश में आतंकवाद का विरोध किये जाने में प्राप्त अनुभवों का उच्च मूल्यांकन किया। इससे यह जाहिर है कि शिंच्यांग के आतंक विरोध में प्राप्त जो अनुभव हैं, पश्चिमी देशों को सीखना चाहिये।

इन 37 देशों में से अनेक ईस्लामी देश भी शामिल हैं। उन में कुछ देशों के राजनयिकों ने इस वर्ष के जून माह में शिंच्यांग का दौरा किया। उधर कुछ समय पूर्व यूरोपीय देशों समेत 22 देशों ने शिंच्यांग की धार्मिक और मानवाधिकार नीतियों का निराधार आरोप लगाया। पर इन देशों ने मानवाधिकार के झंडे के नीचे आतंकवाद के सवाल पर डबल मानक अपनाया है और शिंच्यांग सवाल पर चीन के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया। इधर के समय में पश्चिमी देशों के राजनीतिक बलों और मीडिया ने शिंच्यांग में स्थापित पेशेवर व शिक्षण केंद्रों को "री-एजुकेशन कैंप" का नाम दिया और चीन सरकार के आतंक-रोधी कदम को बदनाम किया।

सन 1990 के दशक में शिंच्यांग प्रदेश में अलगाववादी, आतंकवादी और उग्रवादी बलों ने अनेक बार गंभीर आतंकवादी प्रहार किया और बहुत गंभीर नुकसान पहुंचाया। चीन सरकार ने शिंच्यांग में सामाजिक स्थिरता बनाये रखने और आतंकवाद को रोकने के लिए कदम उठाये। यह शिंच्यांग प्रदेश में मानवाधिकार का संरक्षण करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम ही है। उन में हल्के अपराध करने वालों को बचाने के लिए पेशेवर शिक्षा केंद्र में रखना लाभदायक खोज माना जाता है। केंद्र के कोर्सों में राष्ट्रीय भाषा, कानूनी ज्ञान, व्यावसायिक कौशल तथा उग्रवाद का विरोध आदि शामिल हैं। केंद्र में छात्रों को निशुल्क व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार करवाने की सेवा मिलती है, जो धार्मिक चरमपंथ और आतंकी प्रहार को जड़ से खत्म करने के लिए मददगार है। केंद्र में रखने से आतंकवाद का विरोध करने में उल्लेखनीय प्रभाव पैदा हुआ है। अभी तक शिंच्यांग में तीन सालों में हिंसक आतंकवादी प्रहार नहीं हुआ है। वर्ष 2018 में शिंच्यांग प्रदेश में जीडीपी की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत तक जा पहुंची। पर्यटकों की संख्या 15 करोड़ तक रही जो पिछले साल से 40 प्रतिशत अधिक रही।आतंकवाद का विरोध करना पूरे विश्व की समस्या है। चीन सरकार द्वारा शिंच्यांग में पेशेवर व शिक्षण केंद्र रखे जाने से मानवाधिकार का संरक्षण करने, जन जीवन में सुधार लाने और आतंकवाद का विरोध करने के कार्यों को एकीकृत किया गया है। शिंच्यांग में आतंकवाद का विरोध करने का अनुभव अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए सीखने योग्य है। संयुक्त राष्ट्र संघ के आतंकवाद विरोध के जिम्मेदार उप महासचिव व्लादिमीर इवानोविच वोरोनकोव ने जून माह में शिंच्यांग का दौरा करते हुए चीन के साथ आतंक-रोधी सहयोग पर विचार विमर्श किया। उधर पश्चिमी देशों के सामने भी आतंकवाद की चुनौतियां मौजूद हैं। अगर वे शिंच्यांग में आतंकवाद का विरोध करने वाले सवाल पर डबल मानक अपनाए, तो उन्हें भी नुकसान पहुंचेगा। इसलिए इन पश्चिमी देशों को शिंच्यांग में आतंकवाद विरोधी अनुभव सीखना चाहिये ताकि उन की अपनी समस्याओं का समाधान करने के लिए सबक ले सके।

( हूमिन )

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