टिप्पणी:चीन की स्थिर अर्थव्यवस्था का निरंतर विकास
चीनी राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने 15 जुलाई को यह घोषित किया कि इस साल के पहले छह महीनों में चीन का जीडीपी 450.9 खरब युआन तक रहा जो पिछले साल से 6.3 प्रतिशत अधिक रहा है।
गत वर्ष से बाहर की स्थितियों में स्थिरता न रहने के कारण चीन के आर्थिक विकास में मंदी का दबाव पड़ा है। इस साल के पहले छह महीनों की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रही जो पिछले साल की 6.4 प्रतिशत से थोड़ा कम रही है। लेकिन यह मात्रा फिर भी चीन सरकार के 6 से 6.5 प्रतिशत के लक्ष्य में है, जो चीन के आर्थिक विकास की प्रतीक्षा के अनुकूल है। इसी के साथ रोजगार, दाम और आय जैसे मैक्रो संकेत भी उचित दायरे में दिखते रहे हैं। मिसाल के तौर पर इस साल के पूर्वार्द्ध में शहरों में रोजगार की संख्या में 73.7 लाख की वृद्धि हुई। इस के साथ ही सीपी यानी उपभोक्ता कीमत की वृद्धि दर केवल 2.2 प्रतिशत तक रही है। देश में प्रति व्यक्ति के लिए प्रयोज्य आय 15294 युआन तक रही जो पिछले साल से 6.5 प्रतिशत अधिक रही।
अनुमान है कि इस साल के पूर्वार्द्ध में चीन के आर्थिक आंकड़े अधिकांश देशों से अच्छे रहे हैं। चीन का विश्व के आर्थिक विकास में योगदान तीस प्रतिशत भाग है। चीन विश्व अर्थतंत्र के विकास के लिए शक्तिवान इंजन साबित है। चीनी अर्थतंत्र के निरंतर विकास होने के पीछे चीन सरकार और चीनी उद्योगधंधों के समान प्रयासों का परीणाम है। एक तरफ चीन सरकार ने सकारात्मक वित्तीय नीतियां लागू की हैं और दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रीय स्वामित्व वाले उद्योगधंधों में बाजार उन्मुख रुपांतर भी जोरों पर किया जा रहा है। उधर निजी कारोबारों के अनेक नये क्षेत्रों में प्रवेश होने लगा है। साथ ही पारंपरिक उद्योगधंधों में नयी नयी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाने लगा है। विदेशी निवेशकों ने भी चीन में अधिक निवेश करना शुरू किया है।
इस साल चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं जयंती है और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा देश भर में खुशहाल समाज का निर्माण किये जाने का कुंजीभूत साल है। इस साल के पूर्वार्द्ध में चीनी अर्थतंत्र के विकास से यह साबित है कि चीनी अर्थतंत्र के स्वस्थ विकास की आम स्थितियां वही रहती हैं। चीन इस साल के वृद्धि लक्ष्य तक जा पहुंचने में काफी विश्वस्त है।
( हूमिन )