टिप्पणी:चीन-अमेरिका सहयोग लोगों की समान अभिलाषा है
3 जुलाई को“वाशिंगटन पोस्ट”ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और कांग्रेस को दिया गया एक खुला पत्र प्रकाशित किया, जिसे पूर्व अमेरिकी राजनीतिज्ञों, जाने माने विद्वानों, विशेषज्ञों ने लिखा है, जो कि अमेरिका के अकादमिक, कूटनीतिक, सैन्य और वाणिज्यिक जगतों के 95 विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से दिया है। पत्र में कहा गया है कि चीन को शत्रु बनाने से अमेरिका को लाभ नहीं मिलेगा। चीन-अमेरिका संबंध की गिरावट से अमेरिका और सारी दुनिया के हितों को नुकसान पहुंचेगा। वाशिंगटन में“चीन के साथ व्यापक प्रतिरोध करने की आम सहमति”मौजूद नहीं है। पत्र में चीन-अमेरिका संबंधों को लेकर सात सूत्रीय सुझाव पेश किए गए। इस पत्र से अमेरिका में चीन-अमेरिका संबंधों के विकास के प्रति लोगों की प्रतीक्षा जाहिर हुई है।
इस खुले पत्र में कहा गया है कि चीन और अमेरिका के शीर्ष नेताओं ने जापान के ओसाका में भेंटवार्ता की। उन्होंने समन्वय, सहयोग और स्थिरता के आधार पर चीन-अमेरिका संबंधों के विकास को आगे बढ़ाने, समानता और आपसी सम्मान के आधार पर आर्थिक व्यापारिक वार्ता को फिर शुरु करने पर सहमति जताई। यह दोनों देशों की जनता की समान अभिलाषा ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आम प्रतीक्षा में भी है।
इस खुले पत्र में कहा गया है कि चीन आर्थिक क्षेत्र में अमेरिका का शत्रु नहीं है। चीन-अमेरिका संबंध का मूल, आपसी लाभ और उभय जीत का है। साल 1979 में द्विपक्षीय माल व्यापार राशि 25 करोड़ डॉलर से कम थी, लेकिन 2018 में यह राशि 6.3 खरब डॉलर तक पहुंच गई। दोनों देशों की कुल आर्थिक मात्रा विश्व में 40 प्रतिशत तक पहुंच गई। चीन और अमेरिका के बीच एक ही पक्ष की सफलता दूसरे पक्ष की सफलता को आधार बनाया जाता है। अमेरिका के टैरिफ़ को बढ़ाने वाली कार्रवाई चीन और अमेरिका के बीच आपसी लाभ और उदारता वाले द्विपक्षीय संबंधों से दूर हुई, जिससे खुद को ही नहीं, दूसरे को भी नुकसान पहुंचेगा।
अमेरिका वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 3 जुलाई को जारी आंकड़ों के मुताबिक, गत मई महीने में अमेरिका का व्यापारिक असंतुलन लगातार बढ़ रहा है, जो पिछले पाँच महीनों में सबसे ऊँचा है। इसमें अमेरिका-चीन व्यापारिक असंतुलन 12.2 प्रतिशत बढ़ गया, जो कि 30.2 अरब डॉलर तक पहुंचा, जिससे ज़ाहिर है कि टैरिफ़ को बढ़ाने से अमेरिका की आर्थिक व्यापारिक चिंता को दूर नहीं किया जा सकता। मॉर्गन स्टेनली द्वारा बनाया गया वाणिज्यिक स्थिति बीसीआई सूचकांक मई में 45 पॉइन्ट था, जबकि जून में यह सूचकांक घट कर 13 पॉइन्ट तक पहुंच गया। ज़ाहिर है कि अमेरिका में विभिन्न व्यवसायों का वाणिज्यिक विश्वास तेज़ी से कम हो रहा है। टैरिफ़ बढ़ाने से अर्थतंत्र को क्षति पहुंची। यह भी जाहिर है कि चीन-अमेरिका सहयोग दोनों देशों के हित में है, चीन-अमेरिका घर्षण दोनों को नुकसान पहुंचाएगा। सहयोग घर्षण से अच्छा है, जबकि बातचीत प्रतिरोध से अच्छी है।
चीनी और अमेरिकी शीर्ष नेताओं द्वारा जी-20 ओसाका शिखर सम्मेलन में संपन्न आम सहमतियों के अनुसार, दोनों देशों के आर्थिक व्यापारिक दल आगे ठोस मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे। कठिनाईयों को दूर करने और मतभेदों का अच्छी तरह निपटारा करने के लिए दोनों पक्षों का ज्यादा प्रयास चाहिए। अमेरिका द्वारा अपने देश में आयातित चीनी वस्तुओं पर ज्यादा टैरिफ़ बढ़ाना चीन-अमेरिका आर्थिक व्यापारिक घर्षण की शुरुआत थी। अगर दोनों पक्षों के बीच संधि संपन्न हुई, तो बढ़ाए गए सभी टैरिफ़ को पूरी तरह रद्द किया जाना ज़रूरी है। अगर दोनों पक्ष ओसाका में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच संपन्न महत्वपूर्ण आम सहमति के अनुसार समानता और आपसी सम्मान वाले तरीके से आर्थिक व्यापारिक वार्ता को आगे बढ़ाएंगे, आपसी लाभ और उदारता के आधार पर एक ही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो दोनों देशों की जनता के स्वीकृत और विश्व की जनता के स्वागत वाला नतीजा मिलेगा।
(श्याओ थांग)