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टिप्पणीः ओसाका जी-20 शिखर सम्मेलन में बहुपक्षीयवादी की आवाज़ दी गयी

2019-06-30 16:13:10
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ओसाका जी-20 शिखर सम्मेलन 29 जून को संपन्न हुआ। शिखर सम्मेलन में घोषणा पत्र जारी कर कहा कि जी-20 स्वतंत्र, न्यायपूर्ण, भेदभाव रहित और स्थिर व्यापार और निवेश के वातावरण के निर्माण में जुटा रहेगा, विश्व व्यापार संगठन द्वारा आवश्यक सुधार करने का समर्थन करेगा। जी-20 सदस्यों में पेरिस समझौते के हस्ताक्षर पक्षों ने इस समझौते का कड़ाई से पालन करने की बात दोहराई। इस दौरान जी-20 के सदस्य देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय औऱ बहुपक्षीय राजनयिक गतिविधियों का आयोजन किया, जिससे ओसाका शिखर सम्मेलन बहुपक्षीयवादी को आगे बढ़ाने और समस्या का हल करने का अहम प्लेटफॉर्म बनाया गया और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के विश्वास को प्रेरित किया गया।

इस साल विश्व संरक्षणवाद और एकतरफ़ावाद का समना कर रहा है जिससे विश्व वित्तीय स्थिरता को नुकसान हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का पूरा विश्वास भी नहीं दिखाया जाता है। इस कठिन वक्त में ओसाका शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं ने विश्व अर्थतंत्र, व्यापार व निवेश, नवाचार, पर्यावरण और ऊर्जा, रोज़गार, विकास और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर विचार विमर्श किया और सुझाव भी दिया।

इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शिखर सम्मेलन में भाषण दिया और सिलसिलेवार द्विपक्षीय और बहुपक्षीय राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है।

ओसाका शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आपसी सम्मान, न्याय, सहयोग और साझी जीत वाले नये ढंग के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की रचना करने, नवोदित बाज़ार और विकासमान देशों के लाभ में खुलेपन के विश्व अर्थतंत्र का निर्माण करने, क्षेत्रीय गर्म समस्याओं का राजनीतिक समाधान करने, मानव साझे भाग्य वाले समुदाय की रचना जैसे मुद्दों पर विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के साथ गहन रूप से विचार विमर्श किया। उनके द्वारा पेश की गयी विचारधारणा, सुझाव और कदम ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विश्वास दिया है और वैश्विक प्रशासन के सुधार के लिए रास्ता दिया है।

गौरतलब है कि चीनी राष्ट्रपती शी चिनफिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ओसाका में फिर एक बार वार्ता की। दोनों नेताओं ने समन्वय, सहयोग और स्थिरता पर आधारित चीन-अमेरिका संबंध को आगे बढ़ाने, समानता और आपसी सम्मान के आधार पर आर्थिक और व्यापारिक वार्ता को फिर शुरू करने पर मंजूरी दी। अमेरिका चीनी उत्पादकों पर नये टैरिफ़ नहीं लगाएगा। वार्ता में दिया गया सक्रिय संकेत दोनों देशों के लोकमतों के अनुकूल है और विश्व की प्रतिक्षा में है, जो बाज़ार में तनावपूर्ण भावना में शैथिल्य ला सकेगा। चीन-अमेरिका संबंध विश्व में सबसे अहम द्विपक्षीय संबंधों में से एक है। हालांकि दोनों के बीच कुछ मतभेद मौजूद रहे हैं, फिर भी अगर दोनों पक्ष आपसी सम्मान, आपसी लाभ की बड़ी दिशा को पकड़ते, तो अवश्य ही समान विकास कर सकेंगे और विश्व को और अधिक स्थिरता और निश्चितता दे सकेंगे।

ओसाका शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जापानी प्रधान मंत्री शिन्जो अबे से वार्ता की और दस सहमतियों पर संपन्न किया। ये सहमतियां द्विपक्षीय संबंधों को विकास के एक नये दौर में विकसित करने के लिए लाभदायक हैं, साथ ही विश्व के इन दोनों देशों द्वारा स्वतंत्र और न्यायपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार तंत्र और खुलेपन विश्व आर्थिक प्रणाली की रक्षा करने का इरादा जताया जाता है।

बहुपक्षीयवादी का समर्थन करना विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के नेताओं द्वारा ओसाका शिखर सम्मेलन में दिया गया संकेत है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने कहा कि हाल में अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति कुंजीभूत काल में रही है। व्यापार क्षेत्र और खाड़ी परिस्थिति में तनाव नज़र आया है। उन्होंने कहा कि चीन की बेल्ट एंड रोड पहल, चीन-अफ्रीका सहयोग आठ एक्शन, अफ्रीकी संघ 2063 कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र संघ 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम एक दूसरे से मिलता जुलता है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका की एकतरफावाद की भी आलोचना की। निसंदेह बहुपक्षीयवादी और अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली की रक्षा करना ओसाका शिखर सम्मेलन में सबसे बड़ी अपील रही है।

हाल ही में विश्व अर्थतंत्र फिर एक बार चौराहे पर आया है। जी-20 शिखर सम्मेलन ने बहुपक्षीयवादी का समर्थन करने, खुलेपन और समावेशी, सहयोग, साझी जीत की जबरदस्त अपील की है। शिखर की उपलब्धियों का किस तरह कार्यान्वयन किया जाएगा। निसंदेह इसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा जाएगा। जब तक विभिन्न सदस्य देश साझेदारी भावना पर डटे रहते, तब तक विभिन्न अनिश्चितता और अस्थिरता का सामना किया जा सकेगा और विश्व अर्थंतंत्र के विश्वास को मज़बूत किया जा सकेगा। चीन के लिए खुद के काम को अच्छी तरह अंजाम देना और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को साकार करना जनता और विश्व के लिए चीन की सबसे मज़बूत एक्शन होगी।

(श्याओयांग)

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