तकनीकी नवाचार से चीनी बुलेट ट्रैन "पुनरुद्धार" के निर्माण को बढ़ावा मिला है

2019-06-25 15:44:23
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चीन निर्मित बुलेट ट्रैन "पुनरुद्धार" दो साल पहले प्रथम बार पेइचिंग-शांघाई रेलवे पर चलना शुरू होने लगा। आज और अधिक बुलेट ट्रैन "पुनरुद्धार" निर्मित किये गये हैं। पता चला है कि बुलेट ट्रैन "पुनरुद्धार" के निर्माण में तकनीकी नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका साबित है।

कुछ समय पूर्व पेइचिंग से उत्तरी चीन के चांग च्या काऊ तक चलने वाले हाई-स्पीड रेलवे का निर्माण समाप्त हुआ जो वर्ष 2022 के पेइचिंग शीत ओलंपिक की सेवा करने वाला है। इस रेल लाइन में ऑटोपायलट तकनीक का प्रयोग होता रहा है। इसी तकनीक से बुलेट ट्रैन की स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा पहुंचेगी। ऑटोपायलट तकनीक से चीनी हाई-स्पीड रेलवे के भावी विकास की दिशा का प्रतीक होता है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 में चीन में हाई-स्पीड रेलवे की लंबाई 29 हजार किलोमीटर तक रही है, जो सारी दुनिया का दो तिहाई भाग होता है। चीन का हाई-स्पीड रेलवे नेट विश्व में सबसे लम्बा और परिपक्व है।

बुलेट ट्रैन "पुनरुद्धार" के प्रयोग से अंतर्राष्ट्रीय मंच में चीनी हाई-स्पीड रेलवे मानक का इस्तेमाल करना भी शुरू होने लगा है। इधर के वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय रेलवे संघ के मानव निर्माण में चीन की हिस्सेदारी हुई है। भविष्य में चीन अधिकाधिक अंतर्राष्ट्रीय मानकों की तैयारी में भाग लेगा।

( हूमिन )

 

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