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टिप्पणीः विश्वास की कमी को दूर कर एशिया व विश्व के सुन्दर भविष्य की रचना करें

2019-06-15 22:48:35
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 15 जून को तजाकिस्तान की राजधानी दुशांबे में सीआईसीए के संबंध में पांचवें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न पक्षों से उभय प्रयास कर एशिया की सुरक्षा व विकास की नयी परिस्थिति की रचना करने, आपसी सम्मान व विश्वास, सुरक्षा व स्थिरता, विकास व समृद्धि, खुलेपन व समावेशी और सहयोग व नवाचार के एशिया का निर्माण करने की अपील की।

लोगों ने ध्यान दिया कि हाल में विश्व में भारी परिवर्तन में हो रहा है। इस साल चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कई अंतर्राष्ट्रीय जगहों में वैश्विक समूचे हितों और विभिन्न देशों की जनता के कल्याण से प्रस्थान होकर लोगों का व्यापक ख्याल करने वाले सवालों का जवाब दिया और विश्व को एक बड़े देश का कर्तव्य दिखाया।

एशिया में विश्व की एक तिहाई भूमि और दो तिहाई आबादी है। 1000 से अधिक जातियां रहती हैं। एशिया की जीडीपी विश्व की कुल जीडीपी का एक तिहाई है। विश्व में सब से जीवित शक्ति और निहित शक्ति होने वाले क्षेत्रों में से एक एशिया राजनीतिक आपसी विश्वास का अभाव, आर्थिक विकास का असंतुलन, सुरक्षा व प्रशासन समस्या आदि समान चुनौतियों का सामना कर रहा है। 27 साल पहले स्थापित सीआईसीए के संबंध में शिखर सम्मेलन का मकसद विभिन्न देशों के आपसी विश्वास व साझेदारी को प्रगाढ़ करना और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता की रक्षा करना है।

विश्वास की कमी का सामना करने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि आपसी सम्मान और विश्वास करना देशों व देशों के बीच सहअस्तित्व का अच्छा उपाय होना चाहिए। विभिन्न पक्षों को विभिन्न देशों की राजनीतिक प्रणालियों और विकास रास्ते का सम्मान करना चाहिए, खास तौर पर जीरो-सम गेम और संरक्षणवाद को त्यागना चाहिए। केवल इस से राजनीतिक आपसी विश्वास को प्रगाढ़ किया जाएगा और सामरिक सहमति का विस्तार किया जाना चाहिए।

शांति में कमी के प्रति शी चिनफिंग ने बताया कि एशिया को क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा को साकार करना चाहिए। खास तौर पर किसी भी तरीके की आतंकी कार्यवाइयों पर प्रहार करने की जरूरत है।

विकास घाटे की चर्चा में शी चिनफिंग ने जोर दिया कि विकास सभी समस्याओं का हल करने की मुख्य चाबी है। उन्होंने कहा कि चीन बेल्ट एंड रोड पहल को मजबूत कर विभिन्न देशों की विकास रणनीति से जोड़ कर तमाम आपसी संपर्क को आगे बढ़ाएगा और विभिन्न देशों के अर्थतंत्र के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाएगा।

एकतरफावाद, संरक्षणवाद भूमंडलीकरण विरोध द्वारा लाए गए प्रशासन के घाटे को लेकर शी चिनफिंग ने जोर दिया कि विभिन्न देशों को समानता, वार्तालाप और समावेशी सभ्यता विचारधारा की स्थापना करनी चाहिए और विदेशों के साथ मानव आवाजाही का विस्तार करना चाहिए।

दुशांबे शिखर सम्मेलन में दिये गये बयान में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने फिर एक बार चीन द्वारा शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर दृढ़ता से चलने की इच्छा व कदम दोहराया। उन्होंने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र संघ के केंद्र वाली अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और विश्व व्यापार संगठन के केंद्र वाली बहुव्यापारिक प्रणाली की रक्षा करेगा। इसके साथ ही संरक्षणवाद और एकतरफावाद का दृढ़ विरोध करेगा, ताकि विभिन्न देशों के न्यायपूर्ण विकास अधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय न्यायता की रक्षा की जा सके।

सुरक्षा से संबंधित बहुपक्षीय मंच होने के नाते सीआईसीए का मकसद बहुपक्षीय विश्वास कदम बनाकर वार्ता व सहयोग को मज़बूत करना है और एशिया की शांति, सुरक्षा व स्थिरता को आगे बढ़ाना है।

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