टिप्पणीः अमेरिका के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एक टोकरी की तरह है

2019-06-11 19:09:17
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स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों, वाहन और उपकरण से विदेशी कारोबारों और प्रत्यक्ष निवेश तक, विदेशी विद्यार्थियों व विद्वानों से वीजा आवेदन देने वालों के सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी तक सब कुछ अब वाशिंगटन द्वारा अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को धमकी देने वाला लेबल लगाया गया है। अमेरिका के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एक टोकरी की तरह है, जिस में सभी रखे जा सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सहमति के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा का अर्थ आम तौर पर देश की सत्ता, प्रभुसत्ता, एकता, प्रादेशिक अखंडता, जन-कल्याण, आर्थिक व सामाजिक अनवरत विकास और देश के अन्य अहम हितों के खतरे या धमकी न देने वाली स्थिति है। निसंदेह इस विचारधारा का साफ़ विषय और सीमा है। लेकिन अब उसका विश्व के पहले शक्तिशाली देश अमेरिका द्वारा दुरुपयोग किया गया है, जिसे अमेरिका द्वारा व्यापार संरक्षणवाद को लागू करने और प्रभुत्व की रक्षा करने का माध्यम बनाया गया है।

आंकड़ों के मुताबिक गत् 80 के दशक से 21वीं शताब्दी की शुरूआत तक अमेरिका ने कुल मिलाकर 14 “232 जांच” की और अंततः केवल दो बार दंडात्मक कदम उठाये। यानी पहले अमेरिका के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के बहाने से व्यापारिक पाबंदी लगाने की कार्यवाई सामान्य नहीं थी। लेकिन 2017 के बाद अमेरिका ने क्रमशः स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों, आयातित वाहन व उपकरण, विदेशी निवेश, विदेशी लोग, विदेशी कारोबारों और विदेशी समुन्नत तकनीक आदि को राष्ट्रीय सुरक्षा की धमकी माना और अनेक बार “232 जांच” की। यहां तक कि इस साल के मई माह में अमेरिका ने देश को आपात स्थिति में प्रवेश करने की घोषणा की।

लेकिन जवाब स्पष्ट रहा है। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सच्चे माइने में धमकी का सामना नहीं करती है। अमेरिका के कुछ लोगों ने अमेरिका प्रथम की विचारधारा से राष्ट्रीय सुरक्षा के बहाने मनमाने ढंग से व्यापार साझेदारी पर प्रहार किया और अमेरिका के अति हितों की रक्षा की। इस से यह भी जाहिर है कि अमेरिका दुनिया में होने वाले परिवर्तनों के अनुकूल नहीं है। इसलिए अमेरिका ने पुनः राष्ट्रीय सुरक्षा का झंडा उठाकर अपनी कार्यवाई का कारण बनाया।

इस बारे में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने साफ़ साफ़ देखा है। यूरोपीय संघ ने कहा कि अमेरिका का यह बहाना वास्तव में अपने देश के उद्योग की रक्षा करना है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा की विचारधारा का दुरुपयोग किया गया, जिसने न केवल व्यापारिक साझेदारी को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक व्यवस्था व विश्वास को भी झटका लगा है और खुद को क्षति भी पहुंचायी है। अगर अमेरिका बार बार राष्ट्रीय सुरक्षा का झंडा उठाता है, तो वह धीरे धीरे सच्ची धमकी के एहसास की क्षमता खो देगा। जबकि यही अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने सबसे बड़ी धमकी होगी।


(श्याओयांग)

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