तिब्बत के आली खुनशा हवाई अड्डे में चिकित्सक

2019-05-15 16:55:58
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/5

देचेन वांगमो तिब्बत के आली खुनशा हवाई अड्डे के चिकित्सा विभाग में काम करने वाली डॉक्टर हैं। वर्ष 2011 में चीन के हपे प्रांत स्थित शीच्याचुआंग मेडिकल कॉलेज से स्नातक होने के बाद उन्होंने समुद्र सतह से 4 हज़ार मीटर की ऊँचाई पर स्थित आली खुनशा हवाई अड्डे में काम करने का आवेदन किया।

हाइपोक्सिया की वजह से आली क्षेत्र की चिकित्सीय स्थिति खराब है। बीमारियों से पीड़ित लोगों का समय पर इलाज नहीं हो पाता। वर्ष 2010 में खुनशा हवाई अड्डा खुलने के बाद स्थिति बिलकुल बदल गयी।

देचेनवंगमो ने बताया कि उड़ान खुलने से पहले गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इलाज के लिए सात या आठ घंटों तक कार चलाकर ल्हासा में जाना पड़ता था। अब विमान से सिर्फ दो या तीन घंटे लगते हैं। वायु परिवहन से बहुत से लोगों की जान बचायी गयी। इधर के सालों में पर्यटन के विकास के साथ साथ विमान से अली क्षेत्र की यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सा विभाग की भूमिका और महत्वपूर्ण हो रही है।

अब खुनशा हवाई अड्डे के चिकित्सा विभाग में सिर्फ एक डॉक्टर और एक नर्स है। रोज़ सुबह विमान उतरने के बाद दोनों व्यक्ति व्हीलचेयर को लेकर पास में खड़े होती हैं, ताकि उन ऊंचाई की बीमारी से पीड़ित यात्रियों की सेवा की जा सके।

(मीनू)

शेयर