भारतीय नौसेना के‘दो रत्न’ आईएनएस कोलकाता और शक्ति

2019-04-26 17:14:44
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दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी और शक्तिशाली नौसना के खजाने में वैसे तो कई रत्न हैं। लेकिन आईएनएस कोलकाता और शक्ति पोत को‘अनमोल रत्न’ कहा जाय तो कोई दोराय नहीं होगी। ये दोनों पोत अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित होने के साथ-साथ रडार और सेंसर्स से भी पूरी तरह लैस हैं। जो कुछ ही पलों में दुश्मन के नापाक इरादों को नेस्तनाबूद कर सकते हैं।

आईएनएस कोलकाता की बात करें तो यह स्वदेश निर्मित पोत है। इसमें लगे तमाम आधुनिक हथियार और तकनीकें नौसेना को समुद्र में निर्बाध आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। यह भारत द्वारा बनाए गए इस श्रेणी के तीन पोतों में पहला पोत है। इसे भारत द्वारा तैयार किया गया सबसे बड़ा ड्रिस्ट्रॉयर यानी विध्वंसक भी कहा जाता है। इसमें कई आधुनिक हथियार और सेंसर्स स्थापित किए गए हैं।

पोत के एक सैन्य अधिकारी ने सीआरआई को बताया कि यह पोत आसमान, समुद्र और गहरे पानी से आने वाले कईं खतरों और चुनौतियों से एक साथ निपटने की क्षमता भी रखता है। इस पोत का वज़न 7500 टन है, जबकि लंबाई 163 मीटर और औसत गति 56 किमी. प्रति घंटा। आईएनएस कोलकाता का मोटो यानी आदर्श वाक्य है, “युद्ध के लिए हमेशा तैयार”।

इसमें एंटी एयर मिसाइल, पोत रोधी/ जमीन रोधी मिसाइल, पनडुब्बी रोधी हथियार फिट किए गए हैं। साथ ही हैलीकॉप्टरों के उड़ने और उतरने की भी व्यवस्था है। इस पोत से जून 2014 और फरवरी 2015 में बह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया गया। इतने आधुनिक और मजबूत भारतीय पोत पर दुश्मन हमला करने की सोच भी नहीं सकता।

नौसेना का दूसरा खास पोत आईएनएस शक्ति समुद्री मार्ग में अन्य भारतीय जहाज़ों को मदद पहुंचाने वाला पोत है। जो युद्धक पोतों को ईंधन, युद्ध का साजो-सामान आदि मुहैया कराने का काम करता है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल भी मौजूद है। इस टैंकर से भी हैलीकॉप्टर उड़ान भर सकता है।

वज़न की चर्चा करें तो यह 27550 टन का भारी-भरकम पोत है। जिसकी लंबाई 175 मीटर है। गति 37 किमी. प्रति घंटा। यह टैंकर 17900 टन का भार ढोने में सक्षम है। इसमें 180 सेलर और 20 नौसेना अधिकारी मौजूद रहते हैं।

शक्ति को दीपक श्रेणी का फ्लीट टैंकर माना जाता है। जिसे इतालवी पोत निर्माण कंपनी फ़िनकातियेरी द्वारा निर्मित किया गया था। 2011 में इसे भारतीय नेवी को सौंपा गया। इस पोत का निर्माण रिकॉर्ड 27 महीनों में पूरा किया गया। आईएनएस शक्ति एक वक्त में चार पोतों को 1500 टन प्रति घंटे की गति से ईंधन की आपूर्ति कर सकता है। जबकि इससे पहले का टैंकर सिर्फ 300 टन प्रति घंटे की गति से ईंधन भर पाता था। यह पोत न केवल आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस है, बल्कि अन्य साजो-सामान और खान-पान की सामग्री भी इसमें तैयार रहती है।

पोत के एक अधिकारी के मुताबिक यह टैंक दो डीजल इंजनों से चलता है। इसके साथ ही इसमें सेल्फ डिफेंस सिस्टम भी लगा हुआ है। वहीं स्वदेशी मिसाइल व्यवस्था इसे और ताकतवर बनाती है। इस पोत का आदर्श वाक्य है, कुछ भी, कहीं भी।

लेखक अनिल को इन दोनों पोतों में भ्रमण करने के साथ-साथ तमाम नौसेना अधिकारियों से बात करने का मौका मिला। ये पोत छिंगताओ पोर्ट में चीनी पीएलए की 70वीं वर्षगांठ में हिस्सा लेने आए थे। जिसका मकसद दोनों देशों के बीच सैन्य क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ करना है।


अनिल आज़ाद पांडेय








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