टिप्पणी:विश्व व्यापार संगठन ने चीन और अमेरिका के बीच कृषि उत्पाद विवाद पर चर्चा की

2019-04-21 15:57:34
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विश्व व्यापार संगठन ने 18 अप्रैल को चीन और अमेरिका के बीच गेहूं, चावल और मकई के आयात कर प्रबंधन के प्रति विवाद पर चर्चा की, जिसके मुताबिक चीन के अपारदर्शी कदम की आलोचना करने के साथ-साथ अमेरिका की संबंधित अपीलों का खंडन भी किया।

विश्व व्यापार संगठन के अन्दरूनी विवादों पर चीन हमेशा इस बात पर डटा रहा है कि इस संगठन के विवाद समाधान संरचना के मुताबिक विवादों का समाधान करना चाहिये। विश्व व्यापार संगठन से केंद्रित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था ने विश्व भर में व्यापारिक विकास तथा खुली अर्थव्यवस्था के निर्माण को बढ़ाने के लिए कुंजीभूत भूमिका अदा की है। संगठन के तहत विवाद समाधान संरचना को व्यापारिक विवादों के समाधान का न्यायालय माना जाता है। जिसकी स्थापना से विश्व व्यापार संगठन के सिद्धांत और नियम का पालन करने की गारंटी की जाती है। अभी तक इस संरचना के तहत पाँच सौ विवादों का समाधान किया जा चुका है। अधिकांश सदस्यों ने संबंधित चर्चा का समादर किया गया। मिसाल के तौर पर वर्ष 2018 के अप्रैल तक चीन ने विश्व व्यापार संगठन में 17 मामले उठाये हैं, उन में 8 मामलों पर चर्चा की गई है। चीन के खिलाफ 27 मामले उठाये गये हैं और उनमें 23 मामलों पर चर्चा की जा चुकी है। उधर अमेरिका के खिलाफ भी अनेक मामले उठाये गये हैं। मिसाल है कि वर्ष 2016 में चीन ने मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हल्के उद्योग, धातु और खनन उद्योग पर अमेरिका के द्वारा एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने पर मामला उठाया। विश्व व्यापार संगठन ने चीन के पक्ष में चर्चा की है। लेकिन इधर के वर्षों में अमेरिका के एकतरफावाद और संरक्षणवाद ने विश्व व्यापार संगठन की विवाद समाधान संरचना की भूमिका पर रोक लगा दी है। विशेषज्ञों ने यह चेतावनी दी है कि विश्व व्यापार प्रबंधन प्रणाली की स्थापना गंभीरता से हट जाएगी।

बहुत से देशों ने विश्व व्यापार संगठन के रुपांतर पर सुझाव पेश किया है। चीन ने गत वर्ष के नवम्बर में विश्व व्यापार संगठन के रुपांतर पर अपने तीन रुख और पाँच सूत्रीय सुझाव पेश किये। जिनका केंद्र है कि नियम से आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा की जाएगी और संरक्षणवाद को रोका जाएगा। ताकि विश्व व्यापार संगठन की भूमिका को अच्छी तरह उजागर किया जाए।

विश्व व्यापार संगठन के भूतपूर्व महासचिव पास्कल लैमी ने कहा कि विभिन्न सदस्यों के बीच नियम की समझ में भी मतभेद मौजूद हैं। विश्व व्यापार संगठन में ऐसा सदस्य नहीं है जिस का नियम के प्रति कार्यांवयन काफी संतोषजनक है पर चीन का प्रदर्शन ऐ प्लस होता है।

( हूमिन )

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