टिप्पणीः चीन साझेदार है या प्रतिद्वंदी?पढ़ें यह पुस्तक

2019-03-21 19:21:23
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 21 मार्च से तीन यूरोपीय देशों की यात्रा शुरू की। इटली की यात्रा से पहले चाइना मीडिया ग्रुप(सीएमजी) द्वारा बनाया गया शी चिनफिंग के पसंदीदा साहित्यिक उद्धरण संबंधी वीडियो प्रोग्राम का इतालवी संस्करण इटली में प्रसारित किया गया। इससे पहले राजधानी रोम में 200 से अधिक पाठक शी चिनफिंग द्वारा लिखित किताब "चीन की शासन व्यवस्था" पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ।

संगोष्ठी में इटली के पाठकों ने कहा कि शी चिनफिंग की इस पुस्तक ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा चीन के विकास की प्रगतियां, विकास के कारण और विकास भविष्य को अच्छी तरह समझने में मदद दी है। पुस्तक में देश के प्रशासन और वैश्विक प्रशासन की अनेक अच्छी विचारधाराएं और सुझाव हैं। उनकी नजर में यह पुस्तक चीन और दुनिया के लोगों के बीच संपर्क करने का एक स्वर्णिम चाबी है, जो विभिन्न देशों की जनता द्वारा सुन्दर जीवन की खोज करने के लिए सहमतियां दे सकती है। इसे व्यापक लोगों खास तौर पर युवा पसंद कर रहे हैं।

परिवर्तित दुनिया में चीन और दुनिया एक दूसरे से अलग नहीं रह सकते। क्या चीन साझेदार है या प्रतिद्वंदी ? लोग सोचते हैं और अध्ययन करते हैं। शी की इस पुस्तक ने इस सवाल का सही और यथार्थ जवाब दिया। भूतपूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने कहा कि इस पुस्तक ने एक नेता, एक देश और कई हजारों की सभ्यता को समझने के लिए एक साफ खिड़की खोली है। इस पुस्तक ने चीन और दुनिया की समझ, आपसी विश्वास को प्रगाढ़ करने के लिए एक पुल की तैयारी की है।

पिछले 100 वर्षों में मानव जाति द्वारा शांति व विकास की खोज करने की समान अभिलाषा कभी नहीं बदली है। लेकिन यह अभिलाषा अभी भी साकार नहीं हो सकी है। हरेक देश हरेक जाति का अपना सपना है। ज्यादा से ज्यादा देशों ने यह जान लिया कि चीन दुश्मन नहीं है जबकि गठबंधन है। चीन का विकास उनके द्वारा सपने को साकार करने का अनिश्चित तत्व नहीं है, जबकि चीन अहम स्थिरता का इंजन है। इसी वजह से शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत मानव साझे भाग्य वाली विचारधारा और एक पट्टी एक मार्ग पहल की व्यापक सराहना की जाती है।

(श्याओयांग)

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