टिप्पणी:चीन और अमेरिका की समर्थन दर बदली है

2019-03-15 16:08:20
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अमेरिका के मशहूर गैलप के नवीनतम जनमत ग्रहण सर्वेक्षण के अनुसार विश्व में चीन के विश्वव्यापी नेतृत्वकारी शक्ति की समर्थन दर 34% रही है, जबकि अमेरिका की सिर्फ 31% रही है। यह वर्ष 2008 के वित्तीय संकट होने के बाद चीन की समर्थन दर दूसरी बार अमेरिका से आगे रही है।

गैलप का यह जनमत ग्रहण सर्वेक्षण 134 देशों व क्षेत्रों में किया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार यूरोप, एशिया और अफ्रीका में चीन का विश्व नेता के रूप में मानने वालों का अनुपात अमेरिका से अधिक है, जबकि अफ्रीका में चीन की समर्थन दर 53 प्रतिशत रही है, जो सबसे अधिक है।

वर्ष 2008 में अमेरिका की सबप्राइम बंधक संकट ने पूरे विश्व को वित्तीय संकट में फंसा दिया, पर चीन अपने अथक प्रयासों से विश्व अर्थतंत्र का बचाव करने और विश्व अर्थतंत्र को आगे बढ़ाने की जबरदस्त शक्ति बना। उसी वर्ष गैलप का सर्वेक्षण भी था कि चीन का वैश्विक प्रभाव अमेरिका से आगे बढ़ा।

दस साल बाद चीन की सहायता से विश्व अर्थतंत्र संकट से निकल गया है। लेकिन कुछ पश्चिमी देश अपनी सामाजिक संपत्ति का तर्कसंगत वितरण करने में असमर्थ हैं, और इससे उन के यहां अमीर और गरीब के बीच फर्क बढ़ा है, कर्ज अधिक हो गया है और घरेलू लोकलुभावनवाद गंभीर हो गया है। दुनिया में सौ साल के लिए अभूतपूर्व परिवर्तन होने की स्थिति में विभिन्न देशों को अपने लिये अनुकूल विकास मॉडल तलाशने की जरूरत है। और इसी वक्त पर विश्व का ध्यान एक बार फिर चीन की ओर खींचा गया है।

इधर के वर्षों में चीन "नवाचार, समन्वय, हरे, खुलेपन, साझाकरण" की नई विकास अवधारणा पर डटा रहा और चीन ने प्रति वर्ष एक करोड़ से अधिक गरीब लोगों को गरीबी से छुटकारा पाने में मदद की है। चीन ने पूरी दुनिया के लिए आपसी लाभ और उभय जीत का सहयोग मंच तैयार किया। चीन ने 123 देशों और 29 संगठनों के साथ एक पट्टी एक मार्ग की सहयोग दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किये। चीनी विदेश मंत्री वांग यी के अनुसार एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण से पूर्वी अफ्रीका में प्रथम हाई स्पीड मार्ग, मालदीव में प्रथम सी-लिंक पुल, पेरारसिया को अपना प्रथम मोटर गाड़ी विनिर्माण कंपनी, और कजाकिस्तान को पहली बार समुद्र की ओर निकलने का अपना मार्ग प्राप्त हो चुका है। केन्या में निर्मित मोम्बासा-नैरोबी रेलवे से 50 हजार नौकरियां तैयार की गयी हैं। अमेरिका के ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की रिपोर्ट के अनुसार चीन के निवेश और विकास मुद्दों से विश्व के समावेशी विकास के लिए रास्ता प्रशस्त किया जा सकेगा।

तथ्यों से यह साबित है कि चीन द्वारा प्रस्तुत "सहयोग और उभय जीत" तथा "समान भाग्य वाले मानव समुदाय" की विचारधारा का विश्व दायरे में व्यापक समर्थन प्राप्त हो गया है और यही चीन की विश्व भर में मानी जाती नेतृत्वकारी शक्ति है।

( हूमिन )

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