शी चिनफिंग की आम लोगों के बीच में कहानी 6 --- शी चिनफिंग और अल्पसंख्यक जातीय लोगों के बीच कहानी

2019-02-10 21:11:00
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“विभिन्न जातियों के लोगों को अनार के बीजों की तरह एकता बनाए रखना चाहिए।”“सर्वांगीण खुशहाल समाज की स्थापना के लिए किसी भी एक जाति की कमी नहीं होनी चाहिए।”ये चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का वक्तव्य है, जिससे जातीय एकता और विभिन्न जातियों के समान विकास के प्रति उनकी अभिलाषा जाहिर हुई है।

चीन 56 जातियों वाला देश है, कई अल्पसंख्यक जातियां पीढ़ी दर पीढ़ी सुदूर इलाके में बसती हैं। कैसे विभिन्न जातियों के बड़े परिवार में हर एक अल्पसंख्यक जाति एक साथ सुखमय जीवन बिताएंगी?देश में सर्वोच्च नेता के रूप में शी चिनफिंग इस बात का हमेशा ख्याल रखते हैं। साल 2012 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के आयोजन के बाद से लेकर अब तक शी चिनफिंग ने देश के कई क्षेत्रों का निरीक्षण दौरा किया, उनके पद चिह्न कई अल्पसंख्यक जातीय बहुल क्षेत्रों में मिले हैं। चाहे पहाड़ी क्षेत्रों में हो, या सुदूर इलाके ही क्यों न हों, शी चिनफिंग आम नागरिकों की जीवन स्थिति जानने उनके सामने जाते हैं और उन्होंने देश भर में जातीय एकता और अल्पसंख्यक जातीय क्षेत्रों में विकास को आगे बढ़ाने के लिए निर्णय लिया और संबंधित व्यवस्था भी की।

“आज मैं बहुत खुश हूँ। आप लोग दूर से यहां आए। सर्दियों के दिनों में ठंड होने के बावजूद पहले बर्फ़ीले पहाड़ों से बाहर नहीं निकलना आसान नहीं है।”साल 2015 में शी चिनफिंग पहली बार दूसरे स्थल के निरीक्षण दौरे के लिए पेइचिंग से निकले। उन्होंने दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत में बसी तुलोंग जातीय क्षेत्र की यात्रा की। गांव वासियों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने ये बात कही।

शी चिनफिंग और अल्पसंख्यक जातीय लोगों के बीच कहानी

शी चिनफिंग तुलोंग जातीय लोगों के साथ बातचीत करते हुए

यहां आप को बताना चाहती हूँ कि तुलोंगच्यांग जिला युन्नान प्रांत के नूच्यांग प्रिफेक्चर स्थित कोंगशान कांउटी में बसा हुआ है, जो चीन में सबसे सुदूर इलाकों में से एक है। पहले यहां का यातायात बंद हुआ करता था, स्थिति बहुत मुश्किल थी। साल 2014 के आने की पूर्व बेला में कुछ स्थानीय सरकारी अधिकारियों ने शी चिनफिंग को पत्र लिखकर बताया कि उनका जन्मस्थान यानी काओली कांगशान तुलोंगच्यांग राजमार्ग की सुरंग का यातायात जल्द ही शुरु होगा। शी चिनफिंग ने पत्र पढ़कर जवाब देते हुए उनकी बधाई दी। एक साल बाद वे युन्नान प्रांत के निरीक्षण दौरे में खास तौर पर तुलोंग जाति बहुल क्षेत्र में आए। उन्होंने कहा:

“तुलोंग जाति की जनसंख्या कम है, केवल 6900 से अधिक है, लेकिन यह हमारी 56 जातियों वाले बड़े परिवार की सदस्य है, जो दूसरी जातियों के बराबर है। अब हमारे पास चीनी राष्ट्र का महान पुनरुत्थान करने, चीनी स्वप्न को साकार करने वाला पवित्र मिशन है। हर एक जाति के बिना नहीं होनी चाहिए। हम सभी सर्वांगीण खुशहाल जीवन को बखूबी अंजाम देंगे। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी विभिन्न जातियों के विकास और निर्माण का ख्याल रखती है। पूरे समाज में खुशहाली के लिए पार्टी और सरकार हमेशा समर्थन करती रहेंगी।”

शी चिनफिंग और अल्पसंख्यक जातीय लोगों के बीच कहानी

दक्षिणी शिनच्यांग के काशगर में शी चिनफिंग वेवुर जातीय गांव का दौरा करते हुए

शिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश का क्षेत्रफल पूरे चीन के थलीय क्षेत्रफल का एक छठां भाग है, जहां हान जाति, वेवुर जाति और कज़ाक जाति समेत 47 जातियां रहती हैं। शिनच्यांग में स्थिरता और विकास पर शी चिनफिंग हमेशा ध्यान देते हैं। अप्रैल 2014 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद अपनी पहली शिनच्यांग यात्रा के दौरान शी चिनफिंग ने दक्षिणी शिनच्यांग स्थित काशगर क्षेत्र का निरीक्षण दौरा किया। वेवुर जातीय गांव में गांववासी अब्दुल ग्यूम रोज़ के घर में शी चिनफिंग ने लीविंग रूम, रसोई घर, भेड़शाला, फल उद्यान और कृषि मशीन को देखा और इस परिवार की जीवन उत्पादन स्थिति की जानकारी ली।

“इस बार मैं इसलिए यहां आया हूँ कि मैं देखना चाहता हूँ कि क्या केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई नीति जनता की इच्छानुसार है कि नहीं। पार्टी की सभी नीतियां जनता की इच्छा के अनुसार जनता के उद्धार के लिए बनायी जानी चाहिए, और इसका अच्छी तरह कार्यान्वयन किया जाना चाहिए।”

साल 2017 के मार्च माह में पेइचिंग में एनपीसी और सीपीपीसीसी के राष्ट्रीय सम्मेलनों के आयोजन के दौरान शी चिनफिंग ने शिनच्यांग वेवुर स्वायत्त प्रदेश के हथ्येन क्षेत्र से आए एनपीसी प्रतिनिधि मोहम्मद इब्राहिम के साथ बातचीत की।

शी चिनफिंग:मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि हथ्येन के ग्रामीण क्षेत्र में खेती योग्य भूमि कम है। आपके गांव में हर एक परिवार के पास कितने क्षेत्रफल की भूमि है?

मो. इब्राहिम:हर व्यक्ति के पास औसतन 1.2 मू की जमीन है।

शी चिनफिंग:अब भूमि में अनाज उगाया जाता है या फल के पेड़ उगाये जाते हैं ?

मो. इब्राहिम:अभी फल पेड़ उगाए जाते हैं, मुख्य तौर पर अनार के पेड़। अनार के पेड़ों के बीचोंबीच अनाज उगाए जाते हैं।

शी चिनफिंग:अभी अभी आपने“रिश्तेदार जोड़ी”वाले शब्द का इस्तेमाल किया, क्या आपके घर को ऐसी रिश्तेदार जोड़ी मिली है ?

मो. इब्राहिम:मिली है। वह भीतरी इलाके से आए सब्ज़ी ग्रीनहाउस बनाने वाला है। हम एक साथ मेहनत करते हैं। हमारे बीच परिजनों और रिश्तेदारों जैसे संबंध हैं।

शी चिनफिंग:“परिवार सदस्य के बराबर जातीय एकता”बहुत जरूरी है, इसका गंभीरता के साथ कारगर रूप से कार्यान्वयन किया जाना चाहिए। यह हमारे देश में जातीय एकता के संवर्धन के लिए बहुत सार्थक है। मुझे इतनी वास्तविक जानकारी देने के लिए बहुत आभारी हूँ।

शी चिनफिंग और अल्पसंख्यक जातीय लोगों के बीच कहानी

शी चिनफिंग और एनपीसी प्रतिनिधि मोहम्मद इब्राहिम हाथ मिलाते हुए

शिनच्यांग में जातीय एकता कार्य को अच्छी तरह करने पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग हमेशा ख्याल रखते हैं। उन्होंने बल देते हुए कहा:“जातीय एकता विभिन्न जातियों की जनता की जीवन रेखा है, जो शिनच्यांग के विकास और प्रगति का मूल आधारभूत पत्थर ही नहीं, 1 अरब 30 करोड़ चीनी जनता की समान अभिलाषा भी है। हमें अपनी आंखों की ही तरह जातीय एकता की रक्षा करनी चाहिए। अपनी जान के बराबर जातीय एकता को मूल्यवान समझना चाहिए। हमें अनार के बीजों की ही तरह साथ साथ एकता बनाए रखना चाहिए।”

निंगशा हुई जातीय स्वायत्त प्रदेश उत्तर-पश्चिमी चीन में स्थित है, जहां शीहाईकू क्षेत्र देश में अधिक गरीब जनसंख्या वाले इलाकों में से एक है। शीहाईकू क्षेत्र में गरीबी उन्मूलन की प्रक्रिया और सामाजिक विकास पर शी चिनफिंग खासे चिंतित हैं। उन्होंने जुलाई 2016 में निंगशा का निरीक्षण दौरा किया था। इस दौरान शी चिनफिंग ने एक पुरानी बात की याद करते हुए कहा:“साल 1997 में मैं यहां आया था, उस समय स्थानीय गरीबी की हालत देखकर मैं बड़ा हैरान था और पार्टी की केंद्रीय समिति द्वारा बनाई गई नीतियों और संबंधित बंदोबस्त के यहां अच्छी तरह कार्यान्वयन पर संकल्पबद्ध था। मैंने दक्षिण चीन के फूच्यान प्रांत के निंगशा हुई स्वायत्त प्रदेश की मदद देने वाली कार्रवाई को आगे बढ़ाया। स्थानीय नागरिकों को जीनव उत्पादन के अनुकूल स्थल तक स्थानांतरण करवाया गया और मिन निंग गांव की स्थापना की।”

यहां बताना चाहती हूँ कि मिन फूच्यांग प्रांत का संक्षिप्त शब्द है, जबकि निंग निंगशा का संक्षिप्त शब्द। मिन निंग गांव का नाम दोनों प्रांत और प्रदेश की जोड़ी है। अप्रैल 1997 में शी चिनफिंग फूच्यान प्रांत के उप गवर्नर थे, और साथ ही वे निंगशा की सहायता करने वाले कार्यदल के प्रधान भी। वे निंगशा आए और दोनों प्रांत और प्रदेश के संक्षिप्त नाम से“मिननिंग गांव”शीर्षक गरीबी उन्मूलन सहयोगी परियोजना को नामांकित किया।

शी चिनफिंग और अल्पसंख्यक जातीय लोगों के बीच कहानी

निंगशा हुई स्वायत्त प्रदेश में शी चिनफिंगनागरिकों के साथ बातचीत कहते हुए

अब 20 साल बीत चुके हैं। मिननिंग गांव 8 हज़ार जनसंख्या वाले गरीब आप्रवासी गांव से 60 हज़ार आबादी वाले मिननिंग कस्बे तक परिवर्तित हो गया। पहले यहां गोबी रेगिस्तान वाला इलाका था, लेकिन अब यहां जल, रास्ता और बिजली सब सुविधापूर्ण हैं और एक आधुनिकीकरण पारिस्थितिक आप्रवासी आदर्श कस्बा बन चुका है।

यहां आए जमीन आसमान के परिवर्तन को देखते हुए शी चिनफिंग ने कहा:“20 सालों में मिननिंग गांव मिननिंग कस्बे तक सब बदल गया है। आप लोगों की आय पहले प्रति व्यक्ति के औसतन 500 युआन से वर्तमान के 10 हज़ार युआन तक बढ़ गयी है, जो करीब 20 गुना है। आप लोग अच्छा जीवन बिताने लगे हैं और आप लोगों के चहरे पर मुस्कान देखकर मुझे बेहद खुशी हुई। मेरी ये कामना है कि आप लोगों का जीवन अधिक से अधिक अच्छा होगा और निंगशा हुई स्वायत्त प्रदेश में गरीबी उन्मूलन और खुशहाल समाज के निर्माण वाले लक्ष्य को जल्द ही बखूबी अंजाम दिया जाएगा।”

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