टिप्पणीः अच्छा परिणाम पाने के लिए चीन और अमेरिका के समान प्रयास की जरूरत

2019-01-10 17:15:01
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चीन और अमेरिका के बीच उप मंत्री स्तरीय आर्थिक व व्यापारिक वार्ता 9 जनवरी को पेइचिंग में समाप्त हुई।यह चीन और अमेरिका के बीच दोनों नेताओं द्वारा अर्जेंटीना भेंटवार्ता में प्राप्त अहम सहमतियों का कार्यान्वयन करने के लिए पहली फेस टू फेस वार्ता है। दोनों ने समान रुचि वाली व्यापारिक समस्याओं और ढांचागत समस्या पर विस्तृत और गहरी चर्चा की। हालांकि वार्ता एक और दिन के लिए स्थगित की गयी, फिर भी दोनों ने आपसी समझ को प्रगाढ़ किया और एक दूसरे के ध्यानाजनक समस्याओं के हल के लिए आधार तैयार किया। दोनों पक्षों ने घनिष्ट संपर्क बरकरार रखने पर भी मंजूरी दी।

वार्ता में दोनों ने व्यापारिक समस्या पर सहमति प्राप्त की। मिसाल के लिए, चीन अमेरिका से कृषि उत्पादों और ऊर्जा उत्पादों के आयात का विस्तार करेगा। यह उच्च गुणवत्ता वाले जीवन के प्रति चीनी उपभोक्ताओं की मांग को और अच्छी तरह पूरा कर सकेगा। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने वार्ता में ठोस मांग पेश की, जिस में चीन से अमेरिका से आयातित उत्पादों के ठोस समय स्पष्ट करने की मांग भी की गयी। वास्तव में चीनी बाजार में अमेरिकी उत्पादों का कितना बड़ा अनुपात होगा, अहम बात यह है कि अमेरिकी उत्पादक कैसे चीनी उपभोक्ताओं के खरीदने की इच्छा प्रेरित कर सकते हैं।

वार्ता में अमेरिका ने ढांचागत समस्याएं भी पेश कीं, जिन में कुछ चीनी राष्ट्रीय तंत्र, सुरक्षा और विचारधारा से संबंधित हैं, जो चीन के लिए अस्वीकार्य है। जबकि बौद्धिक संपदा संरक्षण जैसी कुछ समस्याओं का हल आजकल चीन कर रहा है। चाहे चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक विवाद होता या न होता, बौद्धिक संपदा संरक्षण, तकनीक सहयोग, बाजार पहुंच आदि समस्याओं का हल चीन में उच्च गुणवत्ता वाले विकास की प्रक्रिया में किया जाएगा। चीन और अमेरिका के बीच वर्तमान वार्ता में प्राप्त सहमतियां चीन में सुधार व खुलेपन की दिशा से मेल खाती हैं।

चीन-अमेरिका व्यापारिक विवाद के तीव्र होने के 9 महीनों के बाद दोनों के उप मंत्री स्तरीय वार्ता में प्रगति मिली। इस का एक बहुत महत्वपूर्ण कारण है कि दोनों देशों यहां तक विश्व को व्यापारी लड़ाई से लाए दर्द को महसूस हुआ है। विश्व बैंक ने हाल में भी इस साल और अगले साल की आर्थिक विकास दर को अलग अलग तौर पर 2.9 और 2.8 फीसदी तक कम किया। निसंदेह आर्थिक व व्यापारिक समझौते पर हस्ताक्षर करना न सिर्फ चीन और अमेरिका की समान अभिलाषा है, साथ ही विश्व की प्रतीक्षा भी है।

चीन और अमेरिका के नेताओं की भेंटवार्ता में प्राप्त सहमति के मुताबिक दोनों के पास सिर्फ 90 दिनों की वार्ता करने का समय है। अब तक 40 दिन हो चुके हैं। इसलिए चीन और अमेरिका के बीच अंतिम समझौता संपन्न करने के लिए बहुत कठोर कार्य करने की जरूरत है।

चीन-अमेरिका व्यापारिक विवाद बहुत जटिल रहा। दोनों देशों के मतभेदों का हल करने के लिए चीन ने हरसंभव कोशिश की और सबसे बड़ी सदिच्छा प्रकट की। लेकिन अंतिम समझौते को पाने के लिए चीन और अमेरिका के समान प्रयास की आवश्यक्ता है। इस हफ्ते टेस्ला कंपनी की पहली विदेशी सुपर कारखाने का निर्माण शांगहाई में शुरू हुई, जिस से चीनी बाजार का आकर्षण दिखाया जाता है। दृढ़ता से खुद का काम को अच्छी तरह अंजाम देना और और उच्च स्तरीय सुधार व खुलेपन को आगे बढ़ाना चीन की नारा नहीं रहा, जबकि वह चीन की यथार्थ कार्यवाई बनेगी।

(श्याओयांग)

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