टिप्पणी: सुधार की निश्चितता के सहारे भविष्य का स्वागत करेगा चीन

2019-01-03 17:04:38
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सुधार की निश्चितता के सहारे भविष्य का स्वागत करेगा चीन

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया द्वारा चुने गये वर्ष 2018 के टॉप 10 समाचारों में अमेरिका द्वारा छेड़े गये व्यापार घर्षण का समाचार भी शामिल हुआ।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने नये साल के बधाई संदेश में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्थितियों में कैसा भी परिवर्तन आ जाये, चीन की राष्ट्रीय प्रभुसत्ता व शांति की रक्षा करने की कल्पना कभी नहीं बदलेगी, और चीन की विश्व शांति और समान विकास को बढ़ाने की ईमानदारी और सद्भावना नहीं बदलेगी। इसका मतलब है कि चीन पार्टी की 19वीं कांग्रेस में निर्धारित सिद्धांत के अनुसार अपना सुधार करता रहेगा और साथ ही वह दृढ़ता से विश्व शांति व समान विकास की रक्षा करेगा।

वर्ष 2018 में चीन ने सुधार और खुलेपन के सिलसिलेवार कदम उठाये हैं। चीन ने आयात निर्यात टैरिफ को कम किया है, विदेशी निवेश के प्रति प्रतिबंध की सूची में कटौती की है और बौद्धिक संपदा संरक्षण को मजबूत किया है। इसके पीछे यही पृष्ठभूमि नजर आयी है कि चीन ने उच्च गुणवत्ता का आर्थिक विकास करने के लिए रुपांतर को गहराई से चलाया है। उधर वर्ष 2018 में विश्वव्यापी तौर पर लोकलुभावनवाद, संरक्षणवाद और एकतरफावाद उभरे हैं। मुक्त व्यापार और भूमंडलीकरण को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक घर्षण होने के बाद दोनों पक्षों ने वार्ता के जरिये सवाल का समाधान करने की इच्छा प्रकट की।

सुधार और खुलेपन के विस्तार में चीनी अर्थतंत्र के सामने भी नयी चुनौतियां मौजूद हैं। सौभाग्यवश चीनी अर्थतंत्र में स्वतंत्र नवाचार का रुझान बढ़ता जा रहा है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में चीन के पेटेंट, ट्रेडमार्क, औद्योगिक डिजाइन और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकार संबंधी अनुप्रयोग विश्व में सबसे ज्यादा है।

वर्ष 2019 में विश्व अर्थतंत्र की अनिश्चितता की चर्चा करते हुए विश्व का ध्यान चीन-अमेरिका व्यापारिक घर्षण पर आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंध काफी महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के वार्ताकार अर्जेंटीणा में संपन्न सहमतियों के कार्यांवयन पर विचार विमर्श कर रहे हैं। यह कहा जा सकता है कि चीन और अमेरिका के बीच संपन्न समझौता जरूर ही दोनों के लिए लाभदायक होगा, जिससे दोनों पक्षों और यहां तक सारी दुनिया के आर्थिक विकास के अनुकूल होगा। चीन के लिए भावी अनिश्चितता का सामना करने के लिए एक ही रास्ता होता है यानी कि चीन को पूर्ण रुपांतर को अंत तक चलाना चाहिये। बीते चालीस सालों के इतिहास से यह बात साबित हुई है कि चीन ने हमेशा सुधार और खुलेपन को गहराई में चलाने के जरिये बाह्य चुनौतियों का सामना किया है।

( हूमिन )

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