चीन-भारत सीमा पर विशेष प्रतिनिधि की 21वीं बैठक आयोजित

2018-11-24 17:05:33
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चीन के स्टेट कांउसुलर व विदेश मंत्री वांग यी ने 24 नवम्बर को दक्षिणी चीन के सछ्वान प्रांत के छंगतु शहर में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल के साथ सीमा पर विशेष प्रतिनिधि की 21वीं बैठक बुलायी।

वांग यी ने कहा कि चीन और भारत दोनों महान सभ्यता वाले देश हैं और विश्व में सबसे बड़े विकासमान देश और नव उभरती शक्तियां भी हैं। दोनों देशों के व्यापक समान हित और सहयोग संभावना मौजूद हैं। चीन और भारत के बीच हाथ में हाथ डालकर दोनों देशों के विकास कार्यक्रम में तेज़ी लायी जा सकेगी और विश्व शांति व मानव की प्रगति के लिए नया योगदान पेश किया जाएगा।

वांग यी ने कहा कि इस वर्ष में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तीन बार मुलाकात की और उन के बीच वूहान मुलाकात मील का पत्थर जैसा महत्व है। दोनों देशों की सीमा पर विशेष प्रतिनिधि की बैठक को भी इस सकारात्मक प्रवृत्ति के अनुकूल होना चाहिये ताकि रचनात्मक तौर पर सीमा वार्ता को बढ़ावा देने के जरिये द्विपक्षीय संबंधों को सही वातावरण तैयार किया जाए।  

उधर डोभाल ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के मार्गदर्शन में भारत और चीन के बीच संबंधों का नया मोड़ आया है। मैं वांग यी द्वारा द्विपक्षीय संबंधों के महत्व पर की गयी व्याख्या पर सहमत हूं, और सीमा पर विशेष प्रतिनिधि बैठक की संरचना से रणनीतिक आवाजाही और राजनीतिक विश्वास को मजबूत करने को तैयार है, ताकि निष्पक्ष और दोनों के लिए स्वीकार्य सीमा समस्या का समाधान निकला जाए।

वार्ता में डोभाल ने कराची कांउसुलेट को हुए हमले के प्रति संवेदना जतायी और आतंकी हमले की कड़ी निन्दा की। वांग यी ने कहा कि राजनयिक संस्थाओं के खिलाफ किया गया प्रहार असहनीय है। आतंकवाद विश्व के विभिन्न देशों के लिए समान दुश्मन है, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के विरूद्ध में सहयोग करना चाहिये।

( हूमिन )

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