चीन समुद्र की तरह खुला और समावेशी है- वांग यी

2018-11-14 10:46:52
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/5

चीनी स्टेट काउसंलर और विदेश मंत्री वांग यी ने 13 नवम्बर को जर्मन विदेश मंत्री हेइको मास के साथ चौथी चीन-जर्मनी कूटनीतिक और सुरक्षा रणनीतिक वार्ता आयोजित की। इसके बाद उन्होंने संवाददाता से कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पहले चीन अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो में मुख्य भाषण दिया। जिसमें उन्होंने चीनी अर्थतंत्र को समुद्र की तरह कहा। सागर जैसा चीन हमेशा अपना खुलापन और समावेश दिखाता है।

वांग यी ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो विश्व में आयात को विषय बनाने वाला पहला राष्ट्र स्तरीय एक्सपो है, जिसमें विभिन्न पक्षों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और पहले आयात एक्सपो को अनुमान से ज्यादा सफलता मिली है। वांग यी ने कहा कि आयात एक्सपो का आयोजन राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निर्णय और उनकी प्रेरणा से की गई एक रचनात्मक कार्रवाई है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के इतिहास में नया आदर्श मिसाल है। यह चीन के नए दौर वाले खुलेपन में मील का पत्थर ही नहीं, बल्कि मानव जाति के साझे भाग्य वाले समुदाय की स्थापना को आगे बढ़ाने की कार्रवाई भी है, जिसका बहुत सार्थक और दूरगामी महत्व होगा।

वांग यी ने यह भी कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो से विभिन्न देशों ने चीन के विकास का मौका साझा किया। इस दौरान कुल 172 देशों, क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 3600 से अधिक विदेशी उद्यमों ने भाग लिया, एक्सपो में व्यापारिक रकम करीब 60 अरब अमेरिकी डॉलर रही। एक्सपो में हिस्सेदारी कई उद्यमों ने चीनी बाज़ार में बड़ी खरीददारी शक्ति की प्रशंसा की। 11 नवम्बर को चीन के “शॉपिंग डे” में दस हज़ार से अधिक विदेशी उद्यमों ने भाग लिया। एक दिन में 24 घंटे से कम समय में व्यापारिक राशि 2 खरब आरएमबी से अधिक रही। उपरोक्त मात्रा के पीछे चीनी अर्थतंत्र की मजबूती और निहित शक्ति तथा करीब 1 अरब 40 करोड़ आबादी का बड़ा बाज़ार दिखता है। यह बाज़ार लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है।

वांग यी ने अंतरराष्ट्रीय आधिकारिक संस्था के अनुमान के हवाले से कहा कि उत्पादों और वस्तुओं के क्षेत्र से देखा जाए, चीन विश्व में सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। सेवा उद्योग की मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है। चीनी बाज़ार के लगातार विस्तार के चलते चीनी जनता की दिन प्रति दिन निरंतर बढ़ रही उपभोग की मांग को पूरा करने के साथ-साथ विश्व के विभिन्न देशों के विकास को नई प्रेरक शक्ति मिलेगी। इस तरह चीन और विश्व का आपसी लाभ और उभय जीत साकार होगी।

(श्याओ थांग) 

शेयर