चीन के क्वीचौ में हुआ भारत-चीन व्यापारिक सेमिनार

2018-09-11 11:26:04
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भारत से एक व्यापारिक दल 10 सितंबर को चीन के दौरे पर था जिसने चीन के क्वीचौ प्रांत के गुईयांग शहर में एक व्यापारिक सेमिनार का आयोजन किया। खासकर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिये इसका आयोजन किया गया था। इस दल का प्रतिनिधित्व भारत के वाणिज्य प्रमुख सचिव श्री मुकेश पुरी ने किया जिनके साथ वाणिज्य विभाग के 13 सदस्य ,गुजरात सरकार के 170 सदस्यों के साथ डेढ़ सौ चीनी कंपनियों ने हिस्सा लिया। चीन की तरफ़ से क्वीचौ प्रांत के उप गवर्नर लू योंगझेंग विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।

 क्वीचौ प्रांत चीन में सबसे अधिक युवा कंपनियों के स्थापन और नए स्टार्ट अप के लिये जाना जाता है जिससे ये प्रांत चीन के सबसे गुंजायमान प्रांत है। यहां पर बिग डेटा से जुड़े बहुत से काम हो रहे हैं, और भारत आपसी सहयोग के साथ आईटी क्षेत्र में विश्व को लाभ पहुंचाना चाहता है।

 वहीं भारत इस समय ढाई खरब अमेरिकी डॉलर की विश्व में छठीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है जो सकल घरेलू उत्पाद में 7 से 8 फीसदी की गति से बढ़ रही है, इस वर्ष की पहली तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद गति 8.2 फीसदी रही और यही वजह है कि आईटी क्षेत्र में चीनी कंपनियों के लिये भारत एक उभरता हुआ मज़बूत बाजार है जो साझी विजय के लिये उपयुक्त निवेश स्थल है। इसलिये क्वीचौ के पास भारत को लेकर व्यापार, पर्यटन, तकनीक और निवेश में भारी संभावनाएं मौजूद हैं।

भारत में एक संस्था है जिसका नाम है  “भारत में निवेश” जिसमें चीन के लिये विशेष प्रकोष्ठ बनाए गए हैं जो चीनी व्यापारियों, निवेशकों को विशेष सुविधा मुहैया कराती हैं साथ ही भारत सरकार ने इस वर्ष चीनी नागरिकों के लिये इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा की सुविधा दी है जो तीन-चार दिनों में बिना भारतीय दूतावास गए आसानी से मिल सकती है। चीनी राष्ट्राध्यक्ष शी चिनफिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वूहान बैठक के बाद परिस्थितियां और बेहतर हुई हैं।

अगले वर्ष जनवरी में भारत दूतावास चीन में वाइब्रेंट गुजरात सेमिनार का आयोजन करेगा जिससे चीनी व्यापारियों और निवेशकों को भारत निर्माण उद्योग की तरफ़ आकर्षित किया जा सके।

पंकज श्रीवास्तव

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