फुटबॉल रूपी वैश्विक व्यापार युद्ध को कौन करेगा नियंत्रण?
दो दिवसीय जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक निदेशकों का सम्मेलन 22 जुलाई को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में संपन्न हुआ, जिसमें व्यापार मुद्दे पर व्यापक ध्यान केंद्रित हुआ। सम्मेलन में संयुक्त बयान जारी कर विभिन्न देशों के बातचीत से व्यापार युद्ध द्वारा वैश्विक अर्थतंत्र को पहुंचे जोखिमों से मुकाबला करने पर जोर दिया गया, लेकिन फ्रांसीसी वित्त मंत्री ब्रूनो ले मायर ने कहा कि अमेरिका को स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों पर लगाये गये अतिरिक्त कर को वापिस लेना होगा, नहीं तो यूरोपीय संघ इसके साथ मुक्त व्यापार वार्ता नहीं कर सकता। उन्होंने बल देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता कब और कैसे आयोजित की जाएगी? इस पर फ्रांस और जर्मनी का एक ही रूख है। यानी कि वाशिंगटन को पहला कदम उठाना है, उसे स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों पर लगाये गये अतिरिक्त कर को वापिस लेना है।
आखिरकार फुटबॉल रूपी विश्वव्यापी व्यापार युद्ध पर कौन नियंत्रण करता है? ब्रिटिश पत्रिका“द अर्थशास्त्री”ने 20 जुलाई को“डोनाल्ड ट्रम्प कई मोर्चों पर व्यापार युद्ध लड़ रहा है”शीर्षक लेख प्रकाशित कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को लगता है कि व्यापार युद्ध लड़ना आसान है। इसलिए उन्होंने कई मोर्चों पर व्यापार युद्ध छेड़ा है। यह बात बिल्कुल सच है।
अमेरिका ने बार-बार अतिरिक्त कर वसूलने से उत्तेजक व्यवहार किया। इसके विरुद्ध न केवल चीन और यूरोपीय संघ, बल्कि कनाडा, मैक्सिको, भारत और तूर्की आदि देशों ने कदम उठाए और विश्व व्यापार संगठन के अधीन विवाद समाधान व्यवस्था के तहत अपील दायर की। उन्होंने डब्ल्यूटीओ की व्यवस्था में वार्ता और बातचीत करने की अच्छा व्यक्त की।
जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक निदेशकों के सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की प्रमुख क्रिस्टीना लगार्ड ने खुले आम कहा कि व्यापार युद्ध जारी रखने से वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। आईएमएफ़ के अनुमान के अनुसार, व्यापार युद्ध से भूमंडलीय आर्थिक वृद्धि दर में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आएगी और 4 खरब 30 करोड़ डॉलर का उत्पादन मूल्य खो जाएगा। विश्व में सबसे बड़े आर्थिक समुदाय के रूप में अमेरिका क्यों“आत्मघाती”वाली कार्रवाई करता है?अमेरिकी जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ट्रम्प सरकार ने अतिरिक्त कर वसूलने का कदम औपचारिक तौर पर उठाया, जिनसे संबंधित उत्पादों की कुल रकम अमेरिकी आयातित उत्पादों की कुल रकम का एक तिहाई ही होगी। इसी आधार पर अमेरिकी सरकार का विचार है कि वह इस व्यापार युद्ध जारी रखने में सक्षम होगा।
तो क्या वास्तविक स्थिति ऐसी ही है?आज, वैश्वीकरण कोने-कोने में मौजूद है। ब्रिटिश अखबार“फाइनेंशियल टाइम्स”ने टिप्पणी लेख प्रकाशित कर चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका के डब्ल्यूटीओ नियम का उल्लंघन करने, व्यापार संरक्षण को प्रोत्साहन देने और व्यापार युद्ध करने से दुनिया भर में व्यापार संरक्षणवाद पर जोर होगा, इसके साथ-साथ भू-राजनीति पर भी प्रभाव पड़ेगा, जो कि कमज़ोर अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति पर हानिकारक असर भी पड़ेगा।
फुटबॉल रूपी वैश्विक व्यापार युद्ध को कौन नियंत्रण करेगा? हालांकि ट्रम्प द्वारा“अमेरिका का शत्रु”माना जाता है, लेकिन यूरोपीय संघ ने फिर भी बल दिया कि वह अमेरिका का“साथी”है। फ्रांसीसी वित्त मंत्री ब्रूनो ले मायर के विचार में अमेरिका को बहु-पक्षीय व्यापार नियम का सम्मान करना चाहिए और यूरोपीय संघ तथा चीन के साथ मिलकर बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान करना चाहिए। पता नहीं कि अमेरिकी सरकार इसे समझती है कि नहीं। शायद उसे समझ में नहीं आता है, लेकिन यह अजीब बात नहीं है। क्योंकि अमेरिका के शब्दकोष में फुटबॉल“सोक्कर”होता है, न कि दुनिया भर में सर्वमान्य शब्द “फुटबॉल” होता है।
(श्याओ थांग)




