पीली मिट्टी पठार का आत्मा- आनसाई का कमर ढोल

2018-07-14 15:42:58
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छन फील्यांग (पीछे) और परिजनों के साथ

पश्चिमोत्तर चीन के शानशी प्रांत के यानआन शहर में स्थित आनसाई क्षेत्र देश भर में कमर ढोल का उद्गम स्थल माना जाता है। साल 2006 में इसे राष्ट्रीय सांस्कृतिक अवशेषों के पहले चरण की सूची में शामिल किया गया।

आनसाई कमर ढोल नृत्य, वूशू, जिमनास्टिक, तालवाद्य और लोकगीत आदि तरीके शामिल होने वाला सामूहिक प्रदर्शन है, जिसका इतिहास 2 हज़ार से अधिक वर्ष पुराना है। आनसाई में रीति रिवाज़ से संबंधित विशेषज्ञ फ़न शनकांग ने जानकारी देते हुए कहा: “अनुसंधान के अनुसार, आनसाई कमर ढोल भारत के पतली कमर ड्रम से आया है, जो बौद्ध धार्मिक संस्कृति से प्राचीन काल में चीन के पश्चिमी क्षेत्र में प्रवेश हुआ। वहां के रहने वाले कूचा लोग भीतरी इलाके में स्थानांतरण के दौरान इस प्रकार के नृत्य-संगीत कला को तत्कालीन राजधानी छांगआन तक पहुंचाया गया। इसके बाद शाही नृत्य संगीत की प्रधानता वाली संस्कृति का फैलाव देश भर में हुआ, यह कमर ढोल भी स्थानीय रीति रिवाज़ और ड्रम संस्कृति में शामिल किया गया है। विकास के चलते धीरे-धीरे आज के ड्रम नृत्य के रूप में बदल गया।”

आनसाई पीली मिट्टी पठार पर स्थित है, जो गर्मियों के दिनों में मौसम ठंडा रहता है। इस तरह हर वर्ष जून, जुलाई के दिनों में कई पर्यटक गर्मी से बचने के लिए यहां सैर करने के लिए आते हैं। कमर ढोल का प्रदर्शन देखना आनसाई की यात्रा करने आए पर्यटकों का अपरिहार्य कार्यक्रम बन गया है। हर सप्ताह, आनसाई क्षेत्र के दक्षिण में स्थित फ़न च्यायिंग गांव में बड़े पैमाने पर कमर ढोल बजाने का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है। उनमें अधिकतर स्थानीय गांववासी होते हैं। प्रदर्शन दल में हमारी मुलाकात एक वृद्ध व्यक्ति से हुई, वे मशहूर स्थानीय कमर ढोल बजाने वाले प्रदर्शन कलाकार छन फील्यांग हैं। उन्होंने अपना परिचय देते हुए कहा: “मेरा नाम छन फील्यांग है। मेरी आयु 62 साल हैँ। मैं एक किसान हूँ। साल 1974 से ही मैंने कमर ढोल बजाना शुरु किया।”

17 या 18 साल की उम्र से ही छन फील्यांग कमर ढोल बजाते आये हैं। उन्होंने 1988 में आयोजित पहले राष्ट्रीय किसान खेल समारोह, 1990 एशिया खेल समारोह, 1997 हांगकांग की मातृभूमि में वापसी के समारोह, देश की स्थापना की 50वीं और 60वीं वर्षगांठ के समारोहों में भाग लिया। इसी दौरान उन्होंने अपने साथियों के साथ कमर ढोल बजाकर आनसाई की संस्कृति दिखाई। छन फील्यांग ने कहा: “देखिए, यह कमर ढोल बजाने के लिए केवल दो छोटी डंडी होती हैं। लेकिन यही हमारा जीवन है। देश में हो या विदेश में, हम इन दो डंडियों से कमर ड्रम बजाकर प्रदर्शन करते हैं। मेरा जीवन इस पर निर्भर है। इसके साथ ही हम आनसाई की संस्कृति को इस ड्रम से बाहरी दुनिया तक पहुंचाते हैं।”

छन फील्यान न केवल खुद कमर ढोल बजाते हैं, बल्कि उनके पाँच बेटे-बेटियां भी कमर ढोल बजाने में निपुण हैं। अभी उनके पोते उनसे ढोल बजाना सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे आनसाई कमर ढोल का उत्तराधिकार करना चाहते हैं। वे किसी सामाजिक संगठन में कमर ढोल सिखाने का शिक्षक बनना चाहता है, जहां काफी लोग उत्तर शानशी की संस्कृति को जानने व सीखने के लिए आते हो। हमारी मुलाकात छन फील्यांग की बेटी छन योंगहोंग से भी हुई। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता से प्रभावित होकर कमर ढोल बजाती हैं। छन योंगहोंग का कहना है: “बचपन से ही मैं अपने माता-पिता से प्रभावित होकर आनसाई कमर ढोल बजाना पसंद करने लगी। मुझे याद है कि बचपन में हमारे यहां कई बाहरी मेहमान आते थे। मां उन्हें पेपर काटिंग दिखाती थीं और पापा उन्हें कमर ढोल बजाकर दिखाते थे। मैं पीछे से सीखने लगी। और फिर बड़ी होकर मैं अकसर अपने पिता के साथ प्रदर्शन में भाग लेने लगी। मैं इसका उत्तराधिकार करना चाहती हूँ। मेरा बेटा भी इस कमर ढोल को बजाना पसंद करता है।”

छन योंगहोंग का बेटा वू यीफ़ान 7 साल का है, जो कमर ढोल बजाना पसंद करता है। उसका सबसे पसंदीदा काम दादा जी को कमर ढोल बजाते हुए देखना है। नन्हे बच्चे ने कहा: “मैंने किंडरगार्टन से ही कमर ढोल बजाना शुरु कर दिया। इसके साथ ही मैंने अपने दादा जी से दो साल तक सीख चुका हूँ। मुझे कमर ढोल बजाना बहुत पसंद है। भविष्य में मैं दादा जी की ही तरह कमर ढोल बजाने वाले कलाकार बनना चाहूंगा।” 

आनसाई क्षेत्र में जनसंख्या करीब 1 लाख 80 हज़ार है। असंपूर्ण आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में आधे से ज्यादा लोग कमर ढोल बजा सकते हैं। आनसाई में कमर ढोल इतना लोकप्रिय क्यों है?रीति रिवाज़ के विशेषज्ञ फ़न शनकांग के विचार में दो कारण हैं: “आनसाई कमर ढोल को क्यों आज तक इतने अच्छी तरह उत्तराधिकार किया जाता है?पहला, पारिवारिक उत्तराधिकार। वृद्ध ड्रम वादक अपने बेटे, पोते को सीखाते हैं। परिवार में श्रेष्ठ ड्रम वादक उपलब्ध होना सामान्य बात है। दूसरा, सामाजिक उत्तराधिकार, जिसका मुख्य तौर पर स्कूल में किया जाता है। स्कूल में कमर ढोल बजाना पीई कक्षा का विषय है। संबंधित खास पाठ्य पुस्तक भी उपलब्ध है। वर्तमान में आनसाई में करीब 80 हज़ार लोग कमर ड्रम वादक हैं। किसी भी समारोह में, कितने भी ड्रम वादक की आवश्यकता हो, तो हमारे यहां सक्षम हैं।”

 

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