ल्यांगच्याहो (भाग 5)

2018-07-05 10:51:13
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ल्यांगच्याहो (भाग 5)

गुफा के कमरे के बाहर 14 वर्षीय लड़का वू हूई (Wu Hui)खड़ा था। पुराने कपड़े पहने हुए यह लड़का पतला और छोटा था। वू हूई शी चिनफींग से एक साल छोटा था, वह ल्यांगच्याहो गांव का एक मिडिल स्कूल का छात्र था।

सर्दियों का दिन था और कमरे में बहुत ठंड थी। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए शिक्षित युवकों ने वू हूई से मिट्टी से बने पलंग के नीचे के स्टोव में आग जलाने को कहा। इस तरह वू हूई अक्सर इन शिक्षित युवकों के कमरे में आ जाता था। लेकिन शिक्षित युवकों को यैनछ्वान (Yan Chuan) क्षेत्र की बोली समझने में मुश्किलें आती थीं। वू हूई इनकी मदद के लिये अनुवादक का काम करने लगा। शिक्षित युवकों का घनिष्ठ दोस्त बनने के बाद वह अक्सर इनके साथ बातचीत करने लगा। पर युवकों के कमरे में रखी किताबें वू हूई का ध्यान अपनी ओर खींचने लगीं। और वह युवकों से किताब उधार लेने लगा।वू हूई को याद है कि उसने शी चिनफींग से कई पुस्तकें उधार ली थीं। उनमें एक थी “एक लाख प्रश्न”। इस किताब को पढ़ने के बाद वू हूई के दिल में विश्व की खिड़की खुली। अच्छी पुस्तकें पढ़ने से वह बहुत उत्तेजित था।“एक लाख प्रश्न”पढ़ने के बाद वू हूई ने शी चिनफींग के यहां से  “तीन राज्य”, “माता जी” और “मूक नदी डॉन” जैसी चीनी और विदेशी मशहूर कृतियों को उधार लिया। शी चिनफींग और बाकी शिक्षित युवकों से वू हूई को ईमानदारी, द्वार खुलने और व्यावहारिकता की भावना महसूस होने लगी। शी चिनफींग के प्रभाव से वू हूई ज्ञान के महासागर में गोता लगाने लगा और उसके दिल में एक उच्च स्तरीय विद्यालय में पढ़ने का विचार भी जन्म लेने लगा।

वर्ष 1973 में वू हूई ने शी चिनफींग के साथ साथ विश्वविद्यालय की भर्ती परीक्षा में भाग लिया। वू हूई को यैनआन (Yan An) के अध्यापक अकादमी में भर्ती कराया गया। कॉलेज में पढ़ने जाने से पहले शी चिनफींग ने वू हूई को खाद्य पदार्थ खरीदने के लिए कुछ कूपन दिये। फिर शी ने वांग येन शेंग का छोड़ा हुआ एक नीला कोट निकाल कर वू हूई को दिया और उसे बताया, “यह आप के लिए है, सर्दियों के दिनों में ये कोट बहुत मददगार होगा।”

अध्यापक कॉलेज में स्नातक होने के बाद वू हूई ने यैनछ्वान (Yan Chuan) काउंटी के शिक्षा कार्यालय, यूचू (Yu Ju )मिडिल स्कूल, योंगपिंग (Yong Ping) टाउनशिप शिक्षा समिति और योंगपिंग मिडिल स्कूल में काम किया। उसने अपने काम-काज में आदर्श बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता को मज़बूत करने की अथक कोशिश की और अपने कार्यरत मिडिल स्कूल को एक बढ़िया स्कूल बनाया। वू हूई की कोशिश से योंगपिंग मिडिल स्कूल का स्वरूप बनाया गया है, और वह हमेशा अपने को बताता था कि कम बोलना और ज्यादा काम करना चाहिये।  

वर्ष 2014 में रिटायर होने से पहले वू हूई अकेले मिडिल स्कूल के परिसर में गया। परिसर में घूमते समय वू हूई के दिमाग में यह वाक्य उभर आया,“एक आदमी का जीवन इस तरह से खर्च किया जाना चाहिए यानी कि जब वह अपने अतीत का सिंहावलोकन करे, तब वह अपनी अज्ञानता के कारण पश्चाताप नहीं करे, और अपनी निष्क्रियता से शर्मिंदा भी नहीं हो।”वू हूई ने सोचा कि उसने अपने जीवन के अर्थ को बरबाद नहीं किया।

लेकिन शी चिनफींग, जिन्होंने वू हूई के साथ साथ विश्वविद्यालय की भर्ती परीक्षा में भाग लिया था, को परिवार की पृष्ठभूमि के कारण से छींगह्वा विश्वविद्यालय में भर्ती होने से अस्वीकृत किया गया। पर दो साल बाद यानी वर्ष 1975 में यैनछ्वान काउंटी को फिर एक बार छींगह्वा विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिये दो सीटें मिलीं। मौका एक बार फिर शी चिनफींग के सामने आया। इस समय शी चिनफींग के पिता जी शी चुंग श्वून (Xi Zhong Xun) के प्रति राजनीतिक समीक्षा का निष्कर्ष भी निकला, यानी कि“कॉमरेड शी चुंग श्वून के सवाल से उनके बच्चों की स्कूल की भर्ती और रोज़गार को प्रभावित नहीं होना चाहिये।”इस बार कोई सवाल नहीं था, शी चिनफींग को छींगह्वा विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया।

विश्वविद्यालय में पढ़ने जाने से पहले के दिनों में शी चिनफींग उत्पादन टीम के कामकाजों में व्यस्त रहते रहे थे। अब उनके दिमाग में अपनी टीम में कम्युनिस्ट पार्टी के नए सचिव चुनने का विचार आया। शी (श्र) छून यांग (Shi Chun Yang), इसका उपनाम था स्वेई वा (Sui Wa), एक ईमानदार आदमी था। शी चिनफींग के दिल में वह पार्टी सचिव का सही उम्मीदवार था। कुछ दिन बाद शी चिनफींग ने गांव में सभी पार्टी सदस्यों की मीटिंग बुलायी और कहा कि मैं जाने वाला हूं, पर हमें पार्टी सचिव का निर्वाचन करना पड़ता है। मैं स्वेई वा की सिफारिश करता हूं। शी और दूसरे सहपाठियों का एक ही विचार था। स्वेई वा को सारे लोगों का समर्थन मिला। बाद में स्वेई वा यानी शी छून यांग ने कहा कि मैंने तो कोई असाधारण काम नहीं किया। लेकिन गांव में लोगों को शी चिनफींग पर बहुत विश्वास था। उनकी सिफारिश से मुझे निर्वाचित किया गया। 

शी (श्र) छून यांग की याद में एक अविस्मरणीय बात थी कि जब शी चिनफींग ने उत्पादन टीम में पार्टी सचिव का पद संभाला, तब उन्हें सरकार की तरफ से कुछ राहत अनाज दिया गया। लेकिन लोगों में अनाज कैसे बांटा जाए, इस बात पर सभी के विचार अलग थे। शी चिनफींग को मालूम था कि हर किसी का जीवन मुश्किल से भरा था। राहत अनाज सबको चाहिये था। शी चिनफींग ने लोगों को बताया कि हम हरेक गांववासी के घर में देखने जाएं, किसका जीवन मुश्किल है और किसका नहीं, यह बहुत आसानी से देखा जा सकता है।  

उसी रात दस बजे से अगले दिन सुबह पाँच बजे तक शी चिनफींग ने अपने सहपाठियों के साथ साथ हर घर का दौरा किया। इस तरह हर परिवार की स्थिति एकदम साफ़ थी, जो ज्यादा मुश्किल में था, उसे ज्यादा राहत अनाज दिया गया। ऐसा करने से कोई शिकायत नहीं हुई।

इस बात ने शी (श्र) छून यांग के दिमाग में गहरी छाप छोड़ी थी। उसने कहा कि ऐसा करने से धोखेबाजी करने वाले को मौका नहीं मिलेगा। अगर नेतागण निष्पक्ष नहीं होते, तो लोगों को भी विश्वास नहीं होता। निष्पक्षता बनाये रखने के लिए सही तरीका अपनाना पड़ता है। नहीं तो लोग स्वीकार नहीं करेंगे।

वर्ष 1975 की 7 अक्तूबर को शी चिनफींग ल्यांगच्याहो गांव से रवाना हुए। उसी दिन सुबह ही उनके मकान के सामने सभी गांववासी इकट्ठा हुए। बूढ़े और बाल बच्चे अपने हाथों में लाल तिथि और बाजरा आदि लिए खामोश होकर खड़े थे। शी चिनफींग की आंखों से आँसू बहने लगे। गांववासी इन्हें विदा करने के लिए अपने खेतों में काम करने नहीं गये। कुछ गांव वासी शी चिनफींग के साथ कई किलोमीटर दूर तक चले।    

कई वर्षों बाद शी चिनफींग ने ल्यांगच्याहो गांव में बीते हुए अपने जीवन की याद करते हुए कहा,“जमीन पर पांव रखने और आम लोगों के साथ रहने से मुझे बहुत शक्ति मिली है। शैनपेई (Shan Bei) पठार में मेरी जड़ें मौजूद हैं, जहां मेरे अपरिवर्तनीय विश्वास ने जन्म लिया। मैं जनता की सेवा में सुव्यवहारिक तौर पर काम करूंगा। उस समय मैं चला तो गया था, लेकिन मेरा दिल वहीं रहा।”

पर शी चिनफींग के जाने के बाद "निष्पक्षता" के प्रति जो सवाल था, शी (श्र) छून यांग हमेशा सोचते रहे। शी छून यांग ने सोचा कि मुश्किल समय में निष्पक्षता के सवाल पर सबसे अधिक ध्यान रखा जाता था। लेकिन अर्थतंत्र के बड़ी तेज़ी से विकास के युग में लोगों का ध्यान अधिक धन पैदा करने पर जुट गया है। शी छून यांग ने यैनछ्वान (Yan Chuan) काउंटी की विकास की रूपरेखा के मुताबिक ल्यांगच्याहो में सेब उद्योग के विकास का विचार प्रस्तुत किया।    

वर्ष 2015 की 13 फरवरी को शी चिनफींग ने ल्यांगच्याहो का दौरा किया। उन्होंने पहाड़ों में सेब के बगीचों का दौरा भी किया। शी (श्र) छून यांग ने राष्ट्रपति को यह बताया कि एक मू के फलदार पेड़ों को दवा और खाद डालने के लिए एक हज़ार युआन की लागत की ज़रूरत होती है। पाँच साल बाद पेड़ों में फल लगने के बाद हर साल प्रति मू में कई हज़ार युआन का मुनाफ़ा कमा सकते हैं। सबसे अच्छे काल में मुनाफा बीस हज़ार युआन तक पहुंच सकता है। शी छून यांग की बात सुनकर शी चिनफींग को बहुत खुशी हुई। क्योंकि उनके स्वेई वा (Sui Wa) भी उत्पादन करने में कुशल हो गये हैं।

वर्ष 2014 के बाद ल्यांगच्याहो का दौरा करने वाले पर्यटकों की संख्या बहुत बढ़ी है। इस तरह इस गांव में पर्यटन उद्योग का ज़ोरदार विकास हुआ। वर्ष 2015 की 1 मई को ल्यांगच्याहो ग्रामीण संस्कृति पर्यटन विकास कंपनी की स्थापना हुई। शी छून यांग ने किसी से कंपनी का प्रबंधन चार्टर और प्रणाली की स्थापना करवाई। गांव वासी कंपनी के कर्मचारी बने और 60 प्रतिशत गांव वासियों को घर के पास ही रोज़गार मिला। युग का अभी भी विकास किया जा रहा है। पहले की“निष्पक्षता” की कहानी आज भी जारी है। आर्थिक विकास का काम कभी खत्म नहीं होता, ल्यांगच्याहो की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

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