ल्यांगच्याहो (भाग 1)

2018-07-01 01:00:00
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ल्यांगच्याहो (भाग 1)

“पिछली शताब्दी के 60वें दशक के अंत में मैं केवल दस से अधिक की उम्र का था। उस समय मैं पेइचिंग से चीन के शैनशी प्रांत के येनआन शहर में स्थित ल्यांगच्याहो नामक एक छोटे से गांव में पहुंचे। मैं वहां जाकर एक किसान बना। वहां मैंने सात साल बिताये।”

महासचिव शी चिनफिंग की ल्यांच्याहो में अपने शिक्षित युवा जीवन की कहानी बताएं। जन नेता के आरंभिक आदर्श की खोज करें। गांव ल्यांच्याहो में हुए ज़मीन-आसमान के बदलाव को रिकॉर्ड करें। और आगे बढ़ाने का विश्वास प्रोत्साहित करें।

अब लीजिये सुनिये वृत्तचित्र साहित्य प्रसारण ल्यांगच्याहो का पहला भाग।

 

2015 के 13 फरवरी को चीनी पंचांग के अनुसार 25 जनवरी को था। सुबह करीब 11 बजे तीन मिनी बस ल्यांगचाहो गांव के बाहर रुकी। बस से कई आदमी उतरकर गांव की ओर चलने लगे।

“शिनफिंग वापस लौटे हैं”

यह आवाज़ सुनकर गांववासी सब गांव के द्वार की ओर दौड़ने लगे।

शी चिनफिंग पीले पठार के केंद्र में स्थित इस ल्यांगचाहो गांव में वापस लौटे। पूरे 40 साल हो चुके हैं कि शी चिनफिंग ल्यांगचाहो गांव से बाहर गये।

इस ज़मीन पर फिर एक बार आने और पुराने मित्रों से फिर मिलते समय शी चिनफिंग बहुत उत्साहित थे। इस गांव में शी चिनफिंग ने 7 साल तक काम किया था।

लोग शी चिनफिंग के साथ चलते बातचीत करते थे।

गांव की किसान कमेटी के द्वार पर कई लोग शी चिनफिंग को घेरे हुए थे।

पुरानी किसान कमेटी के महासचिव ल्यांग य्वूमिंग देर से आए। वे मुश्किल से शी चिनफिंग के पास आए। ल्यांग य्वूमिंग ने खुशी से कहा, “आप यहां रहें, मैं घर वापस लौटकर हमारे लिए खाने की तैयारी करूंगा। बाद में घर में खाना खाइए।”

शी चिनफिंग किसानों के साथ आराम से गपशप कर रहे हैं। आमदनी किस पर निर्भर है?रोज क्या खाते हैं?क्या घर के बूढ़े लोग ठीक ठाक हैं? बच्चे कैसे हैं?जीवन कैसा है?क्या रोज चावल खा सकते हैं?क्या रोज मांस खा सकते हैं?------

किसानों ने शी चिनफिंग को बताया,“अब जीवन बेहतर हो गया है। हम रोज़ सफ़ेद मोमो, सफ़ेद आटा, चावल और मांस खा सकते हैं।”

यह सुनकर शी चिनफिंग के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गयी। उन्होंने संतुष्टि से कहा,“यह तो अच्छा है। आप लोग अच्छा जीवन बिता रहे, तो मुझे बड़ी खुशी हो रही है।”

वर्ष 1975 में शी चिनफिंग ल्यांगचाहो से रवाना हुए। अब यह दूसरी बार है कि वे फिर एक बार वापस लौटे हैं।

किसानों को साफ़ साफ़ याद है कि शी चिनफिंग 1993 में पहली बार वापस आए थे।

1993 के 27 सितंबर को फूच्येन प्रांत की स्थायी कमेटी के सदस्य, फूचो शहर की सीपीसी कमेटी के महासचिव शी चिनफिंग पहली बार ल्यांगचाहो वापस लौटे थे। उस समय उन्होंने हरेक परिवार जाकर किसानों को देखा। उन्होंने लोगों से कहा,“भरपेट खाने की समस्या का हल करने के साथ साथ सांस्कृतिक समस्या का समाधान भी किया जाना चाहिए।”उन्होंने हरेक परिवार को एक इलेक्ट्रॉनिक घंटी दी, ताकि बच्चे समय पर स्कूल जा पाते।

इस बार शी चिनफिंग ने अपने पैसे निकालकर किसानों के लिए चावल, आटा, तेल, मांस और वसंत त्योहार की वस्तुएं खरीदी।


शी चिनफिंग शिक्षित युवा आँगन पहुंचे, जहां पाँच सालों के लिए वे ठहरे थे। इस आँगन में शी चिनफिंग 1975 तक रहे थे। शिक्षित युवा आँगन के बाहर बायोगैस पूल शी चिनफिंग द्वारा ल्यांगचाहो के किसानों का नेतृत्व कर निर्मित पहला बायोगैस पूल है। बाहर की दीवारों पर आत्मनिर्भरता और कड़ी मेहनत करें आठ लाल शब्द लिखे गये हैं। यह देखकर शी चिनफिंग बहुत भावुकता से कहा,“इन शब्दों को 40 साल हो चुके हैं।”


1969 में ल्यांगचाहो में कई महीनों के लिए काम करने के बाद शी चिफिंग के पड़ोसी चांग वेईफांग ने चांग क्वेईलिन की बेटी से शादी की। उस समय चांग वेईफांग का घर बहुत गरीब था। गांव की सीपीसी कमेटी के महासचिव होने के नाते शी चिनफिंग अकसर उन्हें मदद दी और अपने खाने की चीज़ों को उनके परिवार के लोगों के साथ शेयर करते थे। विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए ल्यांगचाहो से रवाना होने से पहले शी चिनफिंग ने अपनी दो रज़ाइयां, दो कोट और एक सिलाई किट को चांग वेईफांग को दिया।


वर्ष 1993 में शी चिनफिंग ल्यांगच्याहो में वापस लौटे। उसी समय च्यांग वेईफांग पहाड़ पर गेहूं की बुवाई कर रहे थे। जब उन्होंने शी चिनफिंग के वापस लौटने की खबर सुनी, तो वे फ़ौरन पहाड़ से नीचे दौड़ने लगे। आधे रास्ते पर उन्हें शी चिनफिंग से मिले। च्यांग वेईफांग ने कहा कि शी चिनफिंग ने उन्हें देखा, और स्नेह के साथ उन से हालचाल पूछा। उसी समय वे बहुत उत्साहपूर्ण थे, जो कुछ भी नहीं कह सकते थे।

शी चिनफिंग ने कहा था कि उसी समय ग्रामीण लोगों ने मुझे जीवन बिताने व काम करना सिखाया। जिससे मुझे बहुत लाभ मिले हैं। उसी समय मैं केवल 15 या 16 वर्षीय एक लड़का था। कुछ भी नहीं जानता था। बाद में मैं सभी काम कर सकता हूं, यहां तक कि ग्रामीण भोजन भी बना सकता हूं। लंबे समय में ग्रामीण भोजन न करने से मुझे इसकी खूब याद आती है।

ल्यांगच्याहो का ग्रामीण बर्तन खट्टी गोभी शी चिनफिंग कभी नहीं भूल सकते। वर्ष 2014 की 7 मार्च को चीन के एनपीसी व सीपीपीसीसी के आयोजन के दौरान शी चिनफिंग ने क्वेईचो प्रतिनिधिमंडल की बैठक में भाग लेते समय कहा कि वर्ष 1969 के जनवरी में जब मैं ग्रामीण क्षेत्रों में काम करता था, तो जनता ने मेरी खूब मदद दी। अगर उनके पास कोई स्वादिष्ट भोजन था, तो उन्होंने ज़रूर मुझे कुछ दिया। उसी समय एक कटोरे वाला खट्टी गोभी तो मेरे लिये बहुत स्वादिष्ठ भोजन था। अब जब मैंने गरीबी क्षेत्रों में रहने वाले जनता को देखा, तो मैं दिल से उन्हें सहानुभूति देना चाहता हूं। हमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में अवश्य ही जनता को अपने दिल में रखना पड़ेगा। हमें जनता के लिये वास्तविक काम करना चाहिये। नहीं तो हमारे विवेक खो जाएंगे।


ल्यांगच्याहो से रवाना होकर 40 से अधिक वर्ष बीत चुके हैं। शी चिनफिंग अकसर ल्यांगच्याहो की जनता पर ख्याल रखते हैं।

वर्ष 1994 में ल्यू होशन के दायें पैर में बीमार हो गया। अस्पताल में दो महीने तक इलाज किया गया। छह हजार से अधिक युआन खर्च करके वे बेहतर नहीं हो सके। मुसीबत में फंसे ल्यू के पास कोई उपाय नहीं है, विवश होकर उन्होंने शी चिनफिंग को पत्र भेजकर अपनी स्थिति बतायी। फिर आधे महीने में शी चिनफिंग ने उन्हें पाँच सौ युआन का यात्रा खर्च भेजकर उन्हें फ़ूचो में इलाज करने का आमंत्रण किया। फूचो में इलाज के दौरान अगर शी चिनफिंग शहर में हो, तो वे लगभग हर रात को अस्पताल में ल्यू होशन को देखते थे।

इलाज के बाद ल्यू होशन की हालात बेहतर हो गयी। वे शैनपेई वापस लौटेंगे। शी चिनफिंग ने उन के लिये विमान टिकट खरीद लिये, और दो हजार य्वान उन्हें दिये। ल्यू होशन ने उत्साह के साथ कहा कि चिनफिंग, इस बार मैंने आप के दस हजारों से अधिक पैसे खर्च किए। शी चिनफिंग ने कहा कि कोई बात नहीं है, क्योंकि हम सच्चे दोस्त हैं।

उनके अलावा शी चिनफिंग ने ल्यांगच्याहो गांव में बिजली की सुविधा दी, स्कूल की स्थापना की, पुल का निर्माण किया। शी चिनफिंग की भावना व मित्रता को ग्रामीण लोग कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने भावनात्मक रूप से कहा कि चिनफिंग का दिल हमेशा ल्यांगच्याहो में है।

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