एससीओ मुख्यालय में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

2018-06-17 16:04:59
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शांगहाई सहयोग संगठन(एससीओ) के महासचिव राशिद अलीमोव भाषण देते हुए

चीन की राजधानी पेइचिंग स्थित शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) मुख्यालय में शनिवार को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।

संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित कर रखा है। चीन में हर साल बड़े पैमाने पर इस कार्यक्रम का आयोजन होता है और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। चीन में लोग योग को काफी पसंद करते हैं। लेकिन, एससीओ मुख्यालय में पहली बार इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस योग दिवस के कार्यक्रम में एससीओ के महासचिव राशिद अलीमोव के अलावा चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावाले, उनकी पत्नी अमिता बंबावाले और कई देशों के राजदूतों सहित चीन में योग को पसंद करने वाले लोगों ने हिस्सा लिया। एससीओ मुख्यालय में लगभग 200 लोगों ने एकसाथ योगाभ्यास किया।

एससीओ के महासचिव राशिद अलीमोव ने अपने भाषण में कहा कि एससीओ मुख्यालय में पहली बार योग दिवस का आयोजन कर हमें बेहद खुशी हो रही है। कुछ दिनों पहले, छिंगताओ में एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ। एससीओ के सदस्य देशों के नेताओं ने सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग के विकास पर खासा ध्यान दिया, और लोगों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए खेलों के महत्व को एक प्रभावी कारक के रूप में जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि योग उन लोगों को एकजुट करने के प्रतीकों में से एक है, जो शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को संरक्षित और बढ़ाना चाहते हैं। योग के बारे में सोचते ही हमें भारत की याद आती है। आज इस मौके पर भारतीय राजदूत की उपस्थिति से मैं बेहद अभिभूत हूं।

वहीं, चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावाले ने अपने संबोधन में कहा कि आज का योग कार्यक्रम चौथा संयुक्त राष्ट्र योग दिवस का जश्न मनाने के लिए किया जा रहा है, जो 21 जून 2018 को है। हम इसे कुछ दिन पहले ही मना रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए स्वस्थ और पूर्ण जीवन सुनिश्चित करने में भारत की योग तकनीक बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है। एससीओ देशों सहित पूरी दुनिया में योग स्कूल स्थापित हुए हैं। योगाभ्यास और उसके लाभ दुनिया के हर कोने में लोगों के लिए स्पष्ट हो रहा है, उसमें चीन भी शामिल है।

बता दें कि एससीओ में चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान सदस्य हैं। इस संगठन में भारत और पाकिस्तान पूर्णकालिक सदस्य के रूप में पिछले साल ही शामिल हुए हैं।

(अखिल पाराशर)

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