शांगहाई सहयोग संगठन का छिंगताओ शिखर सम्मेलन समाप्त शी चिनफिंग के सुझाव पर गर्म प्रतिक्रिया

2018-06-11 11:18:35
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शांगहाई सहयोग संगठन का छिंगताओ शिखर सम्मेलन समाप्त शी चिनफिंग के सुझाव पर गर्म प्रतिक्रिया

शांगहाई सहयोग संगठन का18वां शिखर सम्मेलन 10 तारीख को पूर्वी चीन के छिंगताओ शहर में समाप्त हुआ। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफींग ने सम्मेलन में “शांगहाई की भावना” से संगठन का समान भाग्य समुदाय स्थापित करने का सुझाव पेश किया। जिस के प्रति विभिन्न पक्षों की गर्म प्रतिक्रियाएं पैदा हुईं।

शी चिनफिंग ने अपने भाषण में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शांगहाई सहयोग संगठन की स्थापना से इधर के 17 सालों में संगठन की उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हो चुकी हैं और गुट निरपेक्ष, कोई टकराव न करने और तीसरी पार्टी के खिलाफ न करने के रचनात्मक संबंधों की स्थापना की गयी है। जिससे क्षेत्रीय शांति व विकास के लिए नया योगदान पेश किया गया है।

चीन स्थित रूसी दूतावास के मिनिस्टर कौन्सलर दिमित्री लुकिएनत्सेव ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने भाषण में क्षेत्रीय व वैश्विक परिस्थितियों का  स्पष्ट विश्लेषण किया । उन्होंने कुछ अर्थवान अनुमोदन भी प्रस्तुत किये। मुझे विश्वास है कि उनके अनुमोदन को विभिन्न सदस्य देशों की तरफ से समर्थन प्राप्त होगा और इन्हें साकार भी किया जाएगा।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने भाषण में कहा कि शांगहाई सहयोग संगठन ने पारस्परिक विश्वास, पारस्परिक लाभ, समानता, वार्ता, विविध सभ्यताओं का समादर करने,  और समान विकास की कोशिश करने के सिद्धांत पेश किये हैं। इसी भावना के आधार पर शांगहाई सहयोग संगठन के समान भाग्य समुदाय का निर्माण किया जाना चाहिये।पाकिस्तान के पंजाब विश्वविद्यालय के डॉ. अमजद अब्बास ने कहा कि समान भाग्य समुदाय की दृष्टि से शांगहाई सहयोग संगठन के सदस्यों के बीच विकास का मार्गनिर्देशन किया जाएगा। संगठन के विभिन्न सदस्यों को उन के बीच मतभेदों को छोड़कर सहयोग करना चाहिये। आतंकवाद का विरोध करने से सभी देशों से संबंधित है। विभिन्न देशों के लिये एकता के जरिये ही स्थिरता और विकास का लक्ष्य पूरा हो सकेगा।

शांगहाई सहयोग संगठन का छिंगताओ शिखर सम्मेलन समाप्त शी चिनफिंग के सुझाव पर गर्म प्रतिक्रिया

भारत के चीन स्थित राजदूत गौतम बंबावाले ने कहा कि भारत शांगहाई सहयोग संगठन के भीतर अधिक भूमिका अदा करने को तैयार है। यह पहली बार है कि भारत ने शांगहाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लिया है। भारत ने शांगहाई सहयोग संगठन के ढ़ांचे में सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में अपना योगदान पेश किया है। बेशक भारत अधिक भूमिका अदा करेगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने भाषण में विश्व सांस्कृतिक विनिमय, वैश्विक आर्थिक सहयोग, राजनीतिक आपसी विश्वास और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। जिसका शांगहाई सहयोग संगठन के सदस्यों ने स्वागत किया और वह विश्व के विकास के हित में भी है।

   ( हूमिन )

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