टैगोर की 157वीं जयंती का स्मृति समारोह पेइचिंग में आयोजित

2018-05-21 11:36:22
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चीन स्थित भारतीय राजदूत गौतम बाम्बावाले भाषण देते हुए

रविन्द्रानाथ टैगोर की 157वीं जयंती का स्मृति समारोह हाल में पेइचिंग स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित हुआ। चीन स्थित भारतीय राजदूत गौतम बाम्बावाले, पेइचिंग में टैगोर अनुसंधान के शोधकर्ता, पेइचिंग विश्वविद्यालय, पेइचिंग भाषा विश्वविद्यालय आदि उच्च स्तरीय कॉलेजों के शिक्षक और विद्यार्थी, चीनी और भारतीय पत्रकार सम्मेलन सौ से अधिक लोगों ने समारोह में भाग लिया।

राजदूत बाम्बावाले ने समारोह में भाषण देते हुए कहा कि भारत और चीन एशिया में दोनों महान सभ्यता वाले देश हैं। रविंद्रनाथ टैगोर चीन और चीनी प्राचीन सभ्यता से बहुत आकर्षित थे। वे भारत में द्विपक्षीय समझ और सहयोगी साझेदार संबंध की व्याख्या करने वाले सबसे पहले आधुनिक विचारकों में से एक थे। साल 1924 और 1929 में उन्होंने दो बार चीन की यात्रा की थी और चीनी जनता के साथ गहरी दोस्ती कायम की। कोलकाता में टैगोर ने शांति निकेतन में विश्वविख्यात चीन-भवन की स्थापना की, जो चीन और भारत के बीच संस्कृति और ज्ञान के आदान प्रदान का पुल बना है।

  बाम्बावाले ने यह भी कहा कि कुछ दिन पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच वूहान में अनौपचारिक वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने तहे दिल से विचार विमर्श किया और आपसी समझ को बढ़ाया। उन्होंने विश्वास जताया कि टैगोर की स्मृति गतिविधि के आयोजन से चीनी और भारतीय जनता के बीच सांस्कृतिक मेलजोल मंज़बूत किए जाने के साथ-साथ आपसी दोस्ती और समझ को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्मृति समारोह में चीनी और भारतीय विद्वानों, शिक्षकों और छात्रों ने टैगोर की कविता पढ़ने, गीत गाने और नाचने जैसे तरीके से महान विचारक टैगोर की स्मृति जतायी।

(श्याओ थांग) 

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