2018 चीन-भारत नाथुरा दर्रा सीमा व्यापार रास्ता खुला

2018-05-02 10:57:36
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/3
चीन-भारत नाथुरा दर्रा सीमा व्यापार रास्ता ( फ़ाइल फोटो)

पहली मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के दिन चीन-भारत नाथुरा दर्रा सीमा व्यापार रास्ता खोलने की रस्म शिकाज़े प्रिफेक्चर की यातोंग कांउटी में आयोजित हुई। तत्स्थल पर कस्टम द्वार खोलने के बाद चीनी और भारतीय सीमावर्ती नागरिकों ने बाज़ार में प्रवेश किया, उसके बाद सालाना चीन-भारत सीमा व्यापार का मौसम शुरु हुआ।

नाथुरा दर्रे की ऊँचाई समुद्र तल से 4300 मीटर है, जो विश्व में सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित चीन और भारत के बीच सबसे नज़दिक थल व्यापार रास्ता है। साल 1962 में इसे बंद कर दिया गया और साल 2006 में पुनः खोल दिया गया। वर्ष 2015 में भारतीय श्रद्धालुओं के चीन के तिब्बत में कैलाश और मानसरोवर की तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए चीन ने नाथुरा दर्रे पर तीर्थयात्रा रास्ता खोलने की मंजूरी दी। 

शिकाज़े प्रिफेक्चर की यातोंग कांउटी के उप प्रमुख मीमा त्सेरन ने पहली मई को आयोजित शुभारंभ समारोह में कहा कि“बेल्ट एंड रोड”के निर्माण को आगे बढ़ाया जा रहा है। यातोंग दक्षिण एशिया के उन्मुख महत्वपूर्ण खिड़की है। नाथुरा दर्रा खोले जाने के पिछले 12 सालों में यातोंग का सीमा व्यापार तेज़ विकास हो रहा है। सीमा व्यापार वस्तुएं विविधतापूर्ण ही नहीं, सौदे की रकम साल ब साल बढ़ रही है। स्थानीय आर्थिक निर्माण का स्तर कदम ब कदम उन्नत हो रहा है।

वहीं, यातोंग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष निमा तुनचु ने कहा कि“बेल्ट एंड रोड”प्रस्ताव के कार्यान्वयन से यातोंग में सीमा व्यापार के विकास को बड़ा अवसर मिला है। व्यापार अर्थतंत्र का विकास स्थानीय सीमावर्ती नागरिकों के आर्थिक स्रोत का महत्वपूर्ण भाग बन चुका है। इससे स्थानीय नागरिकों का जीवन स्तर भी उन्नत हुआ है।

(श्याओ थांग)

शेयर