चीन भारत मित्रता पर हिन्दी के योगदान को लेकर भारतीय विदेशमंत्री आशावान

2018-04-23 15:08:01
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भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इन दिनों चार दिनों की चीन यात्रा पर हैं जिसकी शुरुआत दक्षिणी चीन के खुनमिंग शहर से हुई, आज 23 अप्रैल को सुषमा स्वराज ने राजधानी पेइचिंग में चीन भारत मैत्री में हिन्दी भाषा के योगदान विषय पर एक समारोह की अध्यक्षता की।

इस विशेष अवसर पर चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावले ने अपने भाषण से समारोह की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने हिन्दी भाषा के महत्व और चीन भारत में इसके योगदान पर चर्चा की, राजदूत के बाद चीनी विश्वविद्यालय के प्राध्यापक च्यांग चिंगख्वेई ने हिन्दी विषय पर अपने भाषण में हिन्दी के महत्व पर बात की और कहा कि अगर हमें भारत को जानना है तो हमें हिन्दी को जानना बहुत ज़रूरी है, साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि हिन्दी भाषा उनके दिल की भाषा है और हिन्दी बोलते समय वो बहुत सहजता महसूस करते हैं।

 साथ ही चीन के अलग अलग विश्वविद्यालय में हिन्दी सीखने वाले विद्यार्थियों ने हिन्दी में अपनी बात इस समारोह में कही। सभी चीनी विद्यार्थियों ने चीन में हिन्दी सीखने के अपने अनुभवों को समारोह में बैठे सभी उपस्थितों के साथ साझा किया। इन विद्यार्थियों में सभी का सपना कम से कम एक बार भारत की सैर करना है।

समारोह के अंत में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सारे चीनी विद्यार्थियों की इस बात के लिये प्रशंसा की कि न सिर्फ़ इन्होंने हिन्दी भाषा सीखी बल्कि हिन्दी साहित्य और कविताओं का गूढ़ अध्ययन भी किया है। जिन साहित्यकारों और कवियों की रचनाओं का उल्लेख इन विद्यार्थियों ने किया वो प्रशंसनीय है, और इससे पता चलता है कि हिन्दी को लेकर चीनी विद्यार्थी कितने गंभीर हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने भाषण के अंत में 25 चीनी विद्यार्थिओं को भारत आने का निमंत्रण दिया साथ ही ये भी कहा कि इनका खर्च भारत सरकार उठाएगी और इन सभी बच्चों को भारत आने पर भारतीय उपहार भी दिये जाएंगे।

समारोह में उपस्थित सभी लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के साथ विदेश मंत्री के भाषण का अंत हुआ।

दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिये हिन्दी भाषा आने वाले दिनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है।

पंकज श्रीवास्तव।

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