तिब्बती जूते बनने से धनी- पासांग त्सेरन

2018-04-15 16:51:23
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पासांग त्सेरन सहकारी संस्था की सदस्य द्वारा बनाए गए जूते की गुणवत्ता की जांच करते हुए

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की पाईलांग कांउटी में का-तोंग कस्बे में गांववासी पासांग त्सेरन तिब्बती जूते बनाने वाला एक उत्तराधिकारी है, जो 14 वर्ष की आयु से ही तिब्बती जूते बनाना सीखने लगा। साल 2012 में उसने तिब्बती जूते बनाने वाली सहकारी संस्था की स्थापना की। अब इस संस्था में कुल 45 सदस्य हैं, जो सभी स्थानीय गांववासी हैं। पासांग त्सेरन उनका नेतृत्व कर तिब्बती जूते बनाने से धनी के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। तिब्बती जाति के इस कलात्मक तकनीक को विरासत में ग्रहण करते हुए इसका विकास करने के लिए पासांग त्सेरन खास तौर पर कई पेशेवर शिक्षक को आमंत्रित किया। गांववासी शिक्षकों से मुफ्त जूते बनाने की तकनीक सीख सकते हैं। साल 2017 में पासांग त्सेरन की इस सहकारी संस्था द्वारा बनाए गए जूतों की बिक्री 10 लाख युआन तक पहुंच गई। अब इस सहकारी संस्था ने“उत्पादन, सप्लाई, खरीदारी, बिक्री और प्रशिक्षण”की जोड़ वाला प्रचालन नमूना कायम किया। जूते बनाने से वर्तमान में का-तोंग कस्बे में किसानों की आय में बड़ी वृद्धि हुई और उनका जीवन धीरे-धीरे धनी होता जा रहा है।

(श्याओ थांग)

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