जापानी विदेश मंत्री से मिले ली खछ्यांग

2018-01-29 12:28:24
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चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने 28 जनवरी को दोपहर बाद पेइचिंग में चीन की यात्रा पर आए जापानी विदेश मंत्री तारो कोनो से मुलाकात की।

उस दौरान ली खछ्यांग ने कहा चीन और जापान को इस वर्ष शांतिपूर्ण मित्रवत संधि पर हस्ताक्षर की 40वीं वर्षगांठ से लाभ उठाते हुए ऐतिहासिक मुद्दों का अच्छी तरह निपटारा करना चाहिए, मतभेदों का अच्छी तरह प्रबंधन करते हुए नियंत्रण करना चाहिए। ताकि इस वर्ष को चीन-जापान संबंधों के सामान्य विकास रास्ते में वापस लौटने का साल बनाया जा सके।

ली ने कहा कि वर्तमान में चीन-जापान संबंधों में सुधार का रुझान बरकरार है। जापान ने हाल में चीन के प्रति संबंधों में सकारात्मक सूचना दे रहा है, इस पर चीन ने ध्यान दिया है। लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक तत्व बढ़ने के साथ ही, अनिश्चित तत्व भी मौजूद हैं। वर्तमान की सक्रिय स्थिति मूल्यवान है, दोनों पक्षों को एक ही दिशा में आगे बढ़ते हुए समान प्रयास करने चाहिए।

ली खछ्यांग ने यह भी कहा कि चीन-जापान संबंधों का दोनों देशों पर ही नहीं, इस क्षेत्र और विश्व पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। आर्थिक क्षेत्र में दोनों देश एक दूसरे के पूरक है और सहयोग की भारी गुंजाइश मौजूद है। आशा है कि जापान इतिहास से सीखते हुए भविष्य के उन्मुख होकर बेहतरीन वातावरण बनाएगा, ताकि दोनों देशों के बीच आपसी लाभ वाले सहयोग के विस्तार, संबंधित वार्ता व्यवस्था की बहाली और पूर्वी एशियाई क्षेत्र में सहयोग के लिए आधार मज़बूत हो सके।

वहीं जापानी विदेश मंत्री तारो कोनो ने कहा कि जापान के विभिन्न जगत जापान-चीन संबंधों में सर्वांगीण सुधार की प्रतिक्षा में हैं। जापान इस वर्ष दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण मित्रवत संधि पर हस्ताक्षर की 40वीं वर्षगांठ से लाभ उठाते हुए चीन के साथ एक ही दिशा में आगे बढ़ते हुए समान कोशिश करना चाहता है, ताकि द्विपक्षीय संबंध में सुधार होकर इसे और गहराया जा सके। जापान नए दौर की जापान-चीन-दक्षिण कोरिया शिखर सम्मेलन के आयोजन की प्रतीक्षा में है और प्रधानमंत्री ली खछ्यांग की जापान की औपचारिक यात्रा का स्वागत करता है।

(श्याओ थांग)

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