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034 लु पान के सामने कुठार कौशल दिखना

cri 2017-06-27 19:56:27
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034 लु पान के सामने कुठार कौशल दिखना

लु पान के सामने कुठार कौशल दिखना 班门弄斧

"लु पान के सामने कुल्हाड़ी का कौशल दिखना"नाम की कहानी को चीनी भाषा में"पान मन नोंग फ़ू"(bān mén nòng fǔ) कहा जाता है। इसमें"पान" चीन में प्राचीन काल के मशहूर बढ़ई लू पान हैं,"मन"का अर्थ गेट या द्वार होता है, "नोंग"दिखाना और"फ़ू"का अर्थ है कुठार। कुल मिलाकर कहा जाए, तो"पान मन नोंग फ़ू"का अर्थ निकलता है कि मशहूर बढ़ई लु पान के सामने कुल्हाड़ी का कौशल दिखाना है, यानी कि किसी विशेषज्ञ के सामने साधारण कौशल प्रदर्शित करना।

चीनी ऐतिहासिक ग्रंथों के अनुसार आज से ढाई हजार साल पहले, चीन में वसंत शरद काल में यानी ईसा पूर्व 770 से ईसा पूर्व 476 तक के समय में, लु पान नाम का एक मशहूर राजगीर था। वह लकड़ी की हर आकार की चीज़ बना सकता था। लु पान वास्तु कला में इतना माहिर था कि उसका कोई सानी नहीं था। लु पान का नाम सुनकर लोग उसकी काम दक्षता मानकर झुकते थे और उसे चीन की वास्तु कला का राजा माना जाता था।

चीन के थांग राज वंश (वर्ष 618 से वर्ष 907 तक) के महाकवि ली पाई देश के कला साहित्य इतिहास में एक महान हस्ती के रूप में मशहूर थे। उनकी कविताएं आज भी छोटे बड़े चीनियों की जबान पर हैं। ली पाई काव्य देवता के नाम से साढ़े हजार साल से प्रसिद्ध हैं। लेकिन उनका निधन बड़े दुखद ढंग से हुआ था, यानी एक रात वह जब छाई श नदी पर नौका विहार कर रहे थे, तभी अचानक पांव फिसलने से पानी में गिर कर डूब गए, और उनकी मौत हो गयी।

ली पाई की समाधि वही छाई श नदी के किनारे बनाई गई। कालांतर में कोई भी कवि वहां से गुज़रता, तो एक कविता लिखकर चला जाता । मिंग राजवंश में (वर्ष 1368 से वर्ष 1644 तक) मेई ची ह्वान (Mei Zhihuan) नाम का एक कवि भी ली पाई की समाधि से गुज़रा। समाधि पर लिखी कविताएं पढ़ने पर उसे बड़ी हंसी आई। उसने भी एक कविता लिख कर वहां रख दी।

कविता का अर्थ है:छाई श नदी के तट पर समाधि है, ली पाई का नाम सदियों में एक है, आने जाने वालों की कविता साथ है, जैसा लु पान के गेट पर फावड़े की कला दिखाना है।

मेई ची ह्वान का मतलब है कि ली पाई की कविता अतुल्य है, उसकी समाधि पर जो भी कविताएं लिखी गई हैं, वह इस तरह की कोशिश जैसी होती हैं, जिस तरह वास्तु कला के राजा के नाम से मशहूर लु पान के गेट के सामने फावड़ा चलाते हुए लकड़ी की चीज़ बनाने की अपनी कला दिखाना।

मेई ची ह्वान की कविता से यह चीनी कहावत बनी"लु पान के सामने कुल्हाड़ी का कौशल दिखना"। इसे चीनी भाषा में"पान मन नोंग फ़ू"(bān mén nòng fǔ) कहा जाता है। अर्थात खुद को सही आंकना चाहिए, घमंड और अहंकार से बचना चाहिए, वरना आप हंसी के पात्र बन सकते हैं।

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