चीन में सफलता की कहानी बुनते भारतीय

2017-09-15 08:16:34
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चीन में सफलता की कहानी बुनते भारतीय

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चीन में बहुत सारे भारतीयों के सपने सच हुए हैं, महाराष्ट्र में नासिक के रहने वाले ऐसे ही एक व्यक्ति हैं निखिल गुंडाले जिन्होंने अपनी इंजीनियरिंग तक की पढ़ाई नासिक से ही की है, भविष्य बनाने के लिये उन्होंने चीन का रुख किया, चीन में उन्हें रहते हुए पंद्रह साल बीत चुके हैं।

  वर्ष 2003 में एक नौकरी के साथ चीन में आए निखिल आज ऑटो मोबाइल पार्ट्स के व्यापार में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं जिससे उन्हें एक पहचान भी मिली है। हालांकि निखिल खुद बताते हैं कि उनका यहां तक पहुंचने का सफ़र आसान नहीं था, कुछ दिक्कतें उनकी राह में भी पेश आईं लेकिन वो अपने लक्ष्य पर टिके रहे और आज उन्होंने खुद का कारोबार स्थापित कर लिया है। आज निखिल भारत, बांग्लादेश सहित कुछ और देशों के साथ साथ अमेरिका में भी ऑटोमोटिव पार्ट का निर्यात करते हैं। इसके साथ ही वो वैश्विक बाज़ार में अपनी जगह बनाने को कृत संकल्प दिखते हैं।

चीन में सफलता की कहानी बुनते भारतीय

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पहले निखिल ने कुछ वेंडरों से अपना सामान बनवाया जिसमें बड़ी कंपनियां भी शामिल थीं लेकिन बाद में उन्होंने अपने एक चीनी दोस्त लियो के साथ साझेदारी में उसकी फैक्ट्री में अपने दिशा निर्देश पर ऑटो पार्ट्स बनवाना शुरु किया, निखिल ने बताया कि यहां पर उनका सपना साकार होने के पीछे कारण चीन में भ्रष्टाचार का न होना और यहां के लोगों की ईमानदारी है। यहां आने के बाद उन्होंने जो लक्ष्य बनाया था उसे पूरा होने में भी कुछ दिक्कतें आईं लेकिन अपने लक्ष्य को लेकर वो मज़बूती के साथ खड़े रहे तो राह की मुश्किलें भी दूर होती चली गईं।

अब निखिल चाहते हैं कि भारत और चीन दोनों देश मिलकर अगर तकनीक और मानव संसाधन के क्षेत्र में काम करें तो इसका सकारात्मक असर बाज़ार पर पड़ेगा। भारत और चीन के आपसी सहयोग से न सिर्फ़ स्थानीय, बल्कि एशियाई और वैश्विक बाज़ार में भी दोनों देश अच्छा और प्रदर्शन कर सकते हैं।

चीन में सफलता की कहानी बुनते भारतीय

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निखिल का मानना है कि भारतीय युवाओं को भी इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जिससे उनकी निर्भरता सरकारी नौकरियों पर न होकर स्वरोज़गार पर रहे, वो आगे बताते हैं कि लघु और मंझोले उद्योग भारत में बड़े पैमाने पर रोज़गार और बाज़ार दोनों पैदा कर सकते हैं और हमें इस दिशा में काम करना चाहिए। इसके लिये अगर चीन की तकनीक और योजनाबद्ध तरीके को अपनाया जाए तो हम भी वैश्विक स्तर पर तेज़ी के साथ तरक्की कर सकते हैं।

चीन में सफलता की कहानी बुनते भारतीय

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भारत में आज के युवा को इसी सोच की ज़रूरत है जिससे वो शुरुआती दौर में स्वरोज़गार पाए और अपने साथ साथ दूसरों को भी रोज़गार मुहैया कराए, ऐसे ही छोटे छोटे कदमों से भारतीय लोग अपने विकास की बड़ी कहानी लिख सकते हैं।

 

पंकज श्रीवास्तव 

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