आधुनिक चीन का स्थापत्य निर्माण
中国国际广播电台

    चीन का आधुनिक स्थापत्य निर्माण  19 वीं शताब्दी के मध्य के बाद के चीन के स्थापत्य निर्माण को कहलाता है ।

   वर्ष 1840 में अफीम युद्ध छिड़ने से लेकर वर्ष 1949 में नए चीन की स्थापना तक  चीन के आधुनिक ढंग की स्थापत्य कला में चीनी और पश्चिमी शैलियों का मिश्रित रूप मिलता था , यह इस काल की चीनी स्थापत्य कला की विशेषता थी ।  इस एतिहासिक काल में चीन की परम्परागत स्थापत्य पद्धति काफी अच्छी तरह बनी रही थी , लेकिन बड़ी संख्या में निर्मित थिएटर , रेस्ट्रांत , होटल और दुकान जैसे वाणिज्य स्वरूपी निर्माणों में परम्परागत चीनी शैली को भंग कर दिया गया और मानव कार्यवाहियों का आयम विस्तृत हो गया । चीन के तत्कालीन बड़े शहर शांगहाई और थ्येन चिन आदि में विदेशी कांसुलट , विदेशी बैंक , होटल तथा क्लब जैसे विदेशी शैली की इमारतें खड़ी कर दी गईं।

    वर्ष 1949 में चीन लोक गणराज्य की स्थापना के  बाद चीन का स्थापत्य निर्माण एक बिलकुल नए एतिहासिक काल से गुजरने लगा । इस काल में चीन के आधुनिक स्थापत्य निर्माण संख्या , पैमाने , निर्माणों के क्षेत्र तथा आधुनिक स्तर की दृष्टि से आवचीन काल की सीमा से उल्लेखनीय रूप से आगे विकसित हो गया और एक बिलकुल नए ढंग में प्रकाश में आए । पिछली शताब्दी के अस्सी वाले दशक से ले कर अब तक चीन के स्थापत्य निर्माणों में विदेशी कला और शैली का पहले से कहीं अधिक समावेश किया गया और चीन की स्थापत्य कला विविध और बहुतत्वीय रूपों में विकसित हो गई ।