भौगोलिक स्थिति

中国国际广播电台

      सिन्चांग एशिया महाद्वीप के अन्तर्स्थल में स्थित है , जहां उत्तर से दक्षिण तक कमशः अल्थाई पर्वत , थ्येनशान पर्वत और खुनलुन पर्वत खड़े हैं । इन पहाड़ों से जंगुर बेसिन और तारिम बेसिन घिरा हुआ है । परम्परा के अनुसार  थ्येनशान पर्वत के दक्षिण में स्थित भाग दक्षिणी सिन्चांग कहलाता है और पर्वत के उत्तर में फैला भाग उत्तरी सिन्चांग कहा जाता है । इस के अलावा हामी और तुरूफान बेसिन  पूर्वी सिन्चांग के नाम से भी मशहूर है । सिन्चांग के शहर और कस्बे बहुधा नख्लिस्तानों में आबाद है । तारिम और जंगुर बेसिनों के किनारे किनारे नख्लिस्तानों की श्रृंखलाएं आच्छादित हैं , जो लम्बी धागे पर पिरोई हुई मोतियां सी दिखती हैं ।

    सिन्चांग में चीन की सब से लम्बी अन्तर्स्थलीय नदी तारिम नदी बहती है , चीन की सब से बड़ी मिट्ठा पानी वाली झील  बोसफङ और समुद्र सतह से सब से कम ऊंचाई पर आबाद तुरूफान बेसिन भी इसी प्रदेश में पाती है । सिन्चांग का मौसम सूखा पड़ता है , तापमान में बड़ा अन्तर पड़ता है । अल्थाई पर्वत में चीन का सब से निम्न तापमान रिकार्ड दर्ज हुआ है , जबकि तुरूफान बेसिन में चीन का सब से ऊंचा तापमान का रिकार्ड है ।

  चीन के रेगिस्तान का दो तिहाई भाग भी सिन्चांग में है , जहां तकरामकन रेगिस्तान का क्षेत्रफल तीन लाख तीस हजार वर्ग किलोमीटर है , जो चीन का पहला बड़ा रेगिस्तान है और विश्व का दूसरा बड़ा चलता फिरता रेगिस्तान है । जंगुर बेसिन में विस्तृत गुरबानथुंगुत रेगिस्तान चीन का दूसरा बड़ा रेगिस्तान है , इस का क्षेत्रफल 48 हजार वर्ग किलोमीटर है । सिन्चांग के रेगिस्तान क्षेत्रों में तेल व गैस तथा खनिज्यों का प्रचूर भंडारण होता है ।

   सिन्चांग के भीतर बर्फिली पर्वत चोतियां मिलती हैं , जहां हिम नदियों का सिलसिला विस्तृत है , जिस से महा हिम घाटी बन गई है , जो प्राकृतिक ठोस जलाश्य सरीखा होती है । सिन्चांग में प्रति व्यक्ति के हिस्से में औसत जल संसाधन की मात्रा चीन में सर्वोधिक है ।