बोआओ एशिया मंच : वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ता चीन

2018-04-10 09:07:08
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/2


(लेखक- अखिल पाराशर)

रविवार को एशिया के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में से एक, बोआओ एशिया मंच का वार्षिक सम्मेलन का आगाज हो गया। इस बार के सम्मेलन का विषय है “समृद्ध विश्व के लिए एक खुला और अभिनव एशिया”, जो भूमंडलीय अर्थव्यवस्था में एशिया की भूमिका निभाने के प्रति आशावान है। पिछले दो दशकों में, मंच के बदलते विषयों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में एशिया की उभरती भूमिका को एक हाशिए समुदाय से उठकर सहायता का हाथ देने तक और अब एक विकास नेता के रूप में प्रतिबिंबित किया है। इन विषयों का चयन इसलिए किया जाता है, ताकि यह दिखलाया जाए कि एशिया प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है।

चीन ने खुले विश्व आर्थिक निर्माण पर जोर दिया है, जिससे अन्य देशों को भी लाभ मिल रहा है। चीन का सुधार और खुलापन एक अच्छा संकेत है। यह न केवल चीन के लिए अच्छा है, बल्कि दुनिया के लिए भी अच्छा है। पिछले एक साल में, एशिया ने विश्व आर्थिक विकास में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान दिया है। अकेले 2017 में, चीन ने धीमी विकास दर होने के बावजूद वैश्विक विकास में एक तिहाई योगदान दिया। अन्य उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं, विशेष रूप से भारत और इंडोनेशिया ने भी इस गति में योगदान दिया।

चूंकि इस साल चीन में सुधार और खुलेपन की 40वीं वर्षगांठ हैं, तो इस मंच में सुधार और खुलेपन के नये सिलसिलेवार कदम उठाए जाएंगे, विशेष रूप से वित्तीय क्षेत्र में खुलेपन के लिए। माना जा रहा है कि चीन की बेल्ट और रोड पहल इस साल फिर से चर्चा के लिए एक मुख्य मुद्दा होगा, क्योंकि यह पहल वैश्वीकरण को गले लगाने के लिए चीन का समाधान और ज्ञान है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नए विकास के अवसर पैदा करता है।

इसके अलावा, घरेलू ढांचागत सुधार पर भी चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि कई सरकारें घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को उत्साहित करने और अधिक नौकरियों के सृजन के लिए समाधान तलाशती हैं। इस मंच ने अब तक चुनौतियों का समाधान खोजने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जो दुनिया के तमाम देशों को सामना करना पड़ रहा है।

मुझे उम्मीद है कि यह मंच एशियाई देशों और एशिया के बाहर के देशों के व्यापारिक लोगों के लिए, और यहां तक कि शिक्षाविदों को एक साथ आने और एक ऐसी आम सहमति पर पहुंचने के लिए कि एशिया को उन्नत करने में क्या करना चाहिए, का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।

बोआओ एशिया मंच की सबसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में एक संचार के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें 29 शुरुआती देशों और कुछ 200 सदस्य हैं। चूंकि अधिकांश सदस्य व्यवसाय समुदाय से हैं, इसलिए एशियाई देशों के आम विकास में योगदान दिये जाने की उम्मीद होती है। एशिया दुनिया का एकमात्र महाद्वीप है, जिसमें पार-महाद्वीप संगठन नहीं है। हालांकि यह बोआओ मंच एक गैर-सरकारी है, लेकिन पार-एशिया संगठनों की आवश्यकता को देखते हुए उसमें उस क्षमता के अनुसार योगदान दिया जा रहा है।

पूरा विश्वास है कि बोआओ एशिया मंच के जरिए चीन आपसी लाभदायक सहयोग के रास्ते पर चलता रहेगा और क्षेत्रीय एवं विश्व आर्थिक स्थिरता को बनाए रखेगा। यह वही मौका है जहां से चीन वास्तविक वैश्विक नेतृत्व दिखा सकता है।

(लेखक चाइना रेडियो इंटरनेशनल, बीजिंग में पत्रकार हैं)

 

 

शेयर