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चीन की जातीय संस्कृति

2017-08-15 15:00:58
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चीन की अल्पसंख्यक जातीय संस्कृति को विरासत में लेने तथा उन का विकास करने के लिए चीन में विभिन्न जातीय स्वशासन क्षेत्रों व स्वायत्त प्रिफ़ैक्चरों ने अपनी स्थिति के मुद्देनज़र क्रमशः क्षेत्रीय लेखक संघ, ऑपेरा संघ, संगीत संघ, नृत्य संघ, ललित कला संघ तथा फ़ोटोग्राफी संघ आदि संगठनों की स्थापना की । कुछ अल्पसंख्यक जातीय क्षेत्रों ने अपने उच्च शिक्षालयों व जातीय प्रतिष्ठानों में अल्पसंख्यक जातीय संस्कृति के कोर्स खोले, और कला स्कूलों की स्थापना की , जिन में संगीत प्रतिष्ठान , ऑपेरा प्रतिष्ठान और सीनेमा कोलेज आदि शामिल है , जिस से बड़ी तादादा में अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों को प्रशिक्षित किया गया । उदाहरण के लिए जातीय चिकित्सा के क्षेत्र में अब तक चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश, भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश तथा शिन च्यांग वेइगुर स्वायत्त प्रदेश में अलग अलग तौर पर तिब्बती चिकित्सा, मंगोल चिकित्सा और वेइगुर चिकित्सा कालेजों और माध्यमिक चिकित्सा स्कूलों की स्थापना की गयी ।

वर्तमान में चीन में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक जातीय लेखक व कलाकार उभरे हैं । मसलन् मान जाति के लेखक लाओ श, ताई जाति के कवि खांग लांग यिंग , हज जाति के लेखक वू.पाई शिंग आदि बहुत ही मशहूर हैं । इस के साथ ही बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक जातीय कला मंडलियों की स्थापना हुई और वे अल्पसंख्यक जातीय क्षेत्रों के गांवों, चरहवाह क्षेत्रों व शहरों कस्बों में सक्रिय रहे हैं ।

अल्पसंख्यक जातियों के लोक कला साहित्य की मुल्यवान सामग्री भी प्रकाशित की जाती है । मसलन् 20 साल पूर्व संबंधित विभागों ने "चीनी लोक गीत संग्रह ","चीनी ऑपेरा संगीत संग्रह ","चीनी जातीय लोक वाद्य संग्रह","चीनी जातीय लोक नृत्य संग्रह","चीनी ऑपेरा का इतिहास","चीनी लोक कथाएं ","चीनी नीति कथाएं"तथा "चीनी नाटक कला" आदि पुस्तकों को प्रकाशिक किया, इन में चीनी अल्पसंख्यक जातियों के पर्याप्त सांस्कृतिक सामग्रियां शामिल हैं ।

चीन की अल्पसंख्य जातीय पत्र पत्रिकाओं के विकास को भी अब प्रगति मिली । वर्तमान में चीन में विभिन्न अल्पसंख्यक जातीय सांस्कृतिक व कला पत्रिकाओं की 100 से ज्यादा किस्में हैं । कुछ अल्पसंख्य जातीय क्षेत्रों में अपनी कविता, संगीत, चित्रकला, ऑपेरा व फिल्म की विशेष पत्रिकाओं का पर्काशन किया गया , जिन में 20 से ज्यादा किस्मों की पत्रिकाएं अल्पसंख्यक जातीय भाषाओं में निकलती हैं । इस के अलावा, चीन के जातीय स्वशासन क्षेत्रों में प्रकाशित पुस्तकों, अखबारों और पत्रिकाओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है , इन में अल्पसंख्यक जातीय भाषाओं में प्रकाशित पुस्तकों की किस्में 3400 से ज्यादा हैं ।

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