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यान ल्यांग खुन

2017-08-15 14:19:14
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यान ल्यांग खुन चीनी संगीतकार संघ के उपाध्यक्ष, समूह गान कन्डाक्टर सोसाइटी के परिषद अध्यक्ष तथा चीनी केंद्रीय संगीत मंडली के कन्डाक्टर हैं । यान ल्यांग खुन का जन्म वर्ष 1923 में मध्य चीन के हूपै प्रांत की राजधानी वू हान में हुआ । वर्ष 1938 में यान ल्यांग खुन ने जापानी आक्रमण विरोधी देशोद्धार संगीत आंदोलन में अपना कन्डाक्टर जीवन शूरू किया । वर्ष 1940 में यान ल्यांग खुन प्रथम बार "बाल नाटक मंडली "द्वारा प्रस्तुत संगीत कार्यक्रम << पीली नदी का गुणगान >> का कन्डाक्शन किया । वर्ष 1942 में यान ल्यांग खुन चीनी राष्ट्रीय संगीत कॉलेज के संगीत विभाग में दाखिल हुए, और सुप्रसिद्ध प्रोफ़ैसर च्यांग दिंग श्येन से धुन बनाना सीखने एवं वू बो छाओ से कन्डाक्टर की कला सीखने लगे । वर्ष 1947 में स्नातक होने के बाद उन्होंने हांगकांग के चीनी संगीत अकादमी में प्रवेश कर संगीत शास्त्र का अध्ययन तथा कन्डाक्शन कला का अध्यापन काम शुरू किया ।

वर्ष 1949 में नए चीन की स्थापना के बाद यान ल्यांग खुन चीनी केंद्रीय संगीत कॉलेज के अध्यापक बने और इसी कॉलेज के अधीनस्थ युवा समूह गान दल के कन्डाक्टर रहे । वर्ष 1952 में उन्होंने चीनी केंद्रीय नृत्य गान मंडली के समूह गान दल के कन्डाक्टर बने । वर्ष 1954 में यान ल्यांग खुन चाइकोवस्की संगीत कॉलेज के कन्डाक्टर विभाग में शोधछात्र के रूप में तत्कालीन सोवियत संघ गए, उन का मुख्य अध्ययन विषय सिनफ़ोनी एवं समूह गान का कन्डाक्शन करना था । उसी समय उन के अध्यापक मशहूर अनोसोव तथा सोकोलोव थे । वर्ष 1958 में स्वदेश लौटकर यान ल्यांग खुन चीनी केंद्रीय समूह गान मंडली के कन्डाक्टर बने । वर्ष 1959 में नए चीन की स्थापना की 10वीं जयंती की खुशियां मनाने के लिए यान ल्यांग खुन ने संगीत समारोह में 《बेटोफ़न की नौवीं सिनफ़नी》 के मंचन का कन्डाक्शन किया । वर्ष 1961 में उन्होंने प्रथम बार समूह गान संगीत सभा का कन्डाक्शन किया और वर्ष 1964 में उन्होंने क्रांतिकारी महाकाव्य के नाम से मशहूर सहस्त्र लोगों के भव्य नृत्यगान कार्यक्रम "पूर्व में लालिमा का उदय"के प्रमुख कन्डाक्टर रहे । वर्ष 1979 में यान ल्यांग खुन ने चीनी केंद्रीय समूह गान मंडली का नेतृत्व कर फिलिपाइन में आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय समूह गान उत्सव में भाग लिया । वर्ष 1982 में उन्होंने चीनी केंद्रीय संगीत मंडली द्वारा प्रस्तुत पश्चिमी यूरोप ऑपेरा व समूह गान समारोह का कन्डाक्शन किया ।

वर्ष 1983 में हंगरी की कोडाली समृति समिति ने कोडाली की रचनाओं के प्रचार प्रसार में किए गए योगदान के लिए यान ल्यांग खुन को प्रमाण पत्र व समृति पदक से सम्मानित किया । वर्ष 1985 में यान ल्यांग खुन चीनी केंद्रीय समूह गान मंडली का नेतृत्व कर हांग कांग में"पीली नदी संगीत उत्सव"में भाग लिया और उसी वर्ष में उन्होंने हांग कांग में"एशिया कला उत्सव"के निमंत्रण पर हांग कांग समूह गान मंडली के कार्यक्रम का कन्डाक्शन किया । वर्ष 1986 में यान ल्यांग खुन दूसरे"पेइचिंग समूह गान उत्सव"की स्थाई कमेटी के सदस्य तथा कन्डाक्टर दल के नेता बने । उन्होंने उसी वर्ष में ही स्थापित"समूह गान कन्डाक्टर संघ"के अध्यक्ष बने । दूसरे "पेइचिंग समूह गान उत्सव" में यान ल्यांग खुन के कन्डाक्शन में चीनी केंद्रीय समूह गान मंडली ने प्रतियोगिता में पेशेवर ग्रुप में सर्व श्रेष्ठ कला प्रदर्शन का पुरस्कार हासिल किया ।

यान ल्यांग खुन क्रमशः अकेले या संगीत मंडली के साथ उत्तर अमरीका, पूर्व दक्षिण एशिया तथा चीन के थाई वान व हांग कांग आदि क्षेत्रों की कला प्रदर्शन यात्रा की और वे विभिन्न स्थानों में भी जा कर लेक्चर देते रहे । यान ल्यांग खुन चीन में पेशेवर समूह गान कार्य के प्रवर्तक ही नहीं, चीन में समूह गान के श्रेष्ठ कन्डाकटर भी माने जाते हैं ।

[यान ल्यांग खुन के कन्डाक्शन में समूह गीत ]: 《पीली नदी का गुणगान》

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