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चीनी मिट्टी के बर्तन

2017-08-15 16:17:00
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चीनी मिट्टी के बर्तन शब्द में चीनी का अर्थ चीन का होता है , इस से जाहिर होता है कि चीनी मिट्टी के बर्तन का चीन से घनिष्ट संबंध है , अर्थात चीनी मिट्टी का बर्तन चीन का आविष्कार है ।

पुरातत्व सामग्रियों से सिद्ध हुआ है कि चीनी मिट्टी के बर्तन का पूर्व रूप प्राचीन काल में उत्पादित नीले रंग की मिट्टी का बर्तन था , जो मिट्टी के बर्तन से चीनी मिट्टी के बर्तन के रूप में बदलने की बीच की वस्तु थी । उस में आदिम मिट्टी बर्तन और चीनी मिट्टी के बर्तन की दोनों गुणवत्ता मिश्रित थी । चीन में प्राचीनतम नीले रंग की मिट्टी के बर्तन उत्तरी चीन के शानसी प्रांत की शास्यान काऊंटी में स्थित प्राचीन लुंगशान सभ्यता स्थल में प्राप्त हुए हैं , जो आज से 4200 साल पुराना है ।

चीन में असली अर्थ का चीनी मिट्टी का बर्तन पूर्व हान राजवंश के काल ( ईस्वी 25--220 ) में आविष्कृत हुआ था , सर्वप्रथम वह दक्षिण तीन के चेच्यांग प्रांत में उत्पादित हुआ , इस के बाद दक्षिण से उत्तर चीन में आया , जिस की तकनीक में भी भारी प्रगति आयी । इस के दौरान सफेद रंग के चीनी मिट्टी के बर्तन का उत्पादन एक अहम घटना था । सफेद रंग का चीनी मिट्टी बर्तन नीले रंग के मिट्टी के बर्तन के विकास से उत्पन्न हुआ, दोनों में फर्क यह है कि मिट्टी में लोह तत्व की मात्रा ज्यादा या कम निहित है , कम लोह तत्व वाले बर्तन में सफेद का रंग आता है , ज्यादा मात्रा में लोह मिलाने पर बर्तन का रंग भूरे या हल्के भूरे का होता है । चीनी मिट्टी के बर्तन के विकास में पहले एकल रंग के ग्लेज वाला बर्तन बनाया जाता था , फिर बहु रंगीन ग्लेजेड बर्तन का विकास हो गया । रंगीन ग्लेजेड चीनी मिट्टी के बर्तन में पृष्ठ रंग भी प्रायः सफेद है ,जिस के आधार पर दूसरे रंगों का काम और अधिक सुन्दर और चमकीला दिखता है । इस की दृष्टि से सफेद रंग के चीनी मिट्टी के बर्तन का आविष्कार काफी दूरगामी प्रभाव पड़ा था ।

ईस्वी दसवीं से 13वीं शताब्दी तक चीन के थांग और सुंग राजवंशों में चीनी मिट्टी के बर्तन की उत्पादन तकनीक लगातार विकसित होती गई । थांग राजवंश के त्रिरंग के चीनी मिट्टी के बर्तन का विकास रंगीन चीनी मिट्टी के बर्तन उत्पादन में विशेष स्थान रखता था । रंगीन चीनी मिट्टी के बर्तन के उत्पादन में पहले कच्चे बर्तन पर रंगीन ग्लेज लगाया जाता था , उसे आंच पर तपाने में रासायनिक परिवर्तन आता था । थांग राजवंश के त्रिरंग के चीनी मिट्टी के बर्तन में चीन की परम्परागत चित्र कला और मुर्ति कला की शिल्प विशेषता का प्रयोग किया गया था , इसके उत्पादन में कच्चे मिट्टी के बर्तन पर लाल , हरे और सफेद रंगों के ग्लेजों से चित्र बनाये जाते थे और उसे आंच से ऊंचे तापमान में तपाया जाता था , जिस से तीनों रंगों के ग्लेजों के मिश्रण से बहु रंग उत्पन्न होते थे , अंत में जो रंगीन चीनी मिट्टी के बर्तन तैयार बन जाता था , वह रंगबिरंगीन और सुन्दर दिखाई देता था । यही थांग राजवंश के त्रिरंग के चीनी मिट्टी के बर्तन की विशेष गुणवत्ता था ।

मिंग राजवंश ( ईस्वी 1368--1644) और छिंग राजवंश ( ईस्वी 1644--1911) में चीन में चीनी मिट्टी के बर्तन के विकास का स्वर्ण युग रहा था । क्वालिटी और मात्रा दोनों की दृष्टि से चीनी मिट्टी के बर्तनों का उत्पादन चोटी के स्तर पर पहुंचा । इस काल में दक्षिण चीन का च्येनतेजन शहर को चीन की चीनी मिट्टी बर्तन राजधानी की प्रसिद्धि मिली और दोनों राजवंशों के कई सौ सालों तक उस का यह स्थान बना रहा । आज भी चीन के अव्वल दर्जे के चीनी मिट्टी बर्तन च्येनतेजन शहर में उत्पादित होते हैं । चीनी मिट्टी के बर्तनों का विदेशों को निर्यात आठवीं शताब्दी से शुरू हुआ था । इस से पहले रेशम मार्ग से चीन का रेशमी वस्त्र विदेशों को पहुंच जाता आया था , आठवीं शताब्दी के बाद चीनी मिट्टी के बर्तनों के विदेशों में बेहद लोकप्रिय होने के कारण चीन चीनी मिट्टी के बर्तन देश के नाम से विश्वविख्यात हो गया ।

चीनी मिट्टी के बर्तन शुरू शुरू में मुख्यतः एशियाई देशों को निर्यात किये जाते थे । 17 वीं शताब्दी से यूरोपीय देशों के राजमहलों में चीनी मिट्टी के बर्तनों के संग्रहण का ज्वार उभरा । पुर्तगाल द्वारा नया समुद्री जल मार्ग खोला जाने के बाद चीनी मिट्टी के बर्तन यूरोप के पूरे समाज में मूल्यवान उपहार के रूप में ले लिए गए । इस के दौरान यूरोप में जो रोकोको कला शैली प्रचलित रही थी , उस की सजीव , सूक्ष्म और लावणी विशेषता चीन की कला शैली से मिलती जुलती थी , इस से चीनी मिट्टी के बर्तन यूरोप में और अधिक पसंद किये जाने लगे । अपूर्ण आंकड़ों के अनुसार 17वीं शताब्दी में चीन हर साल यूरोप को दो लाख से ज्यादा चीनी मिट्टी के बर्तन बेचता था । 18 वीं शताब्दी में चीनी मिट्टी के बर्तनों की वार्षिक निर्यात मात्रा दस लाख तक पहुंची थी । चीनी मिट्टी के बर्तन यूरोप के बाजारों पर पूरी तरह काबिज हुए और वह विश्वव्यापी तिजारती माल बन गया । चाइना का शब्द भी चीनी मिट्टी के बर्तन के साथ ब्रिटेन और पूरे यूरोप में मशहूर हो गया , जिस से चाइना और चीनी मिट्टी के बर्तन और चीन दोनों के नाम हो गए । यह तय है कि चीनी मिट्टी के बर्तनों के विकास की शानदार सफलता और उस के विश्व भर में पसंदीदा होने के कारण चीन का नाम और चीनी मिट्टी के बर्तन के नाम हमेशा के लिए एक दूसरे से घनिष्ट रूप से जुड़ गया है ।

 

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