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यन राजवंश का खंडहर और पशु हड्डी व कच्छ खोल पर खुदे अक्षर

2017-08-15 16:17:00
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हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता वाले चीन की जमीन के नीचे प्रचूर मात्रा में एतिहासिक अवशेष गर्भित हैं । बीसवीं शताब्दी के बाद चीन ने पुरातत्व खुदाई में अनेक अहम उपलब्धियां प्राप्त की हैं ।

वर्ष 1928 में मध्य चीन के हनान प्रांत के आनयांग शहर के निकट खुदाई से 24 वर्गकिलोमीटर क्षेत्रफल के एक प्राचीन नगर का पता चला , जो यन राजवंश का खंडहर के नाम से विश्वविख्यात है । एतिहासिक उल्लेख के अनुसार ईसापूर्व 14 वीं शताब्दी में चीन के प्राचीन राजवंश सांग की राजधानी शानतुंग प्रांत के छ्युफू से स्थानांतरित हो कर हनान प्रांत के आनयांग के पास स्थापित हुई । इस के उपरांत तीन सौ सालों में वह सांग राजवंश का राजनीतिक , सांस्कृतिक और आर्थिक केन्द्र रहा । ईसापूर्व 1046 में तत्कालीन चाओ राजवंश के संस्थापक राजा वुनवांग ने सांग राजवंश के अंतिम राजा ज्वोवांग को परास्त कर सांग राजवंश का विनाश कर दिया । इस के कारण सांग राजवंश की राजधानी खंडहर बन गई । सांग राजवंश का दूसरा नाम यन भी कहलाता था , इसलिए उस की राजधानी का खंडहर यन खंडहर भी कहलाता है ।

यन राजवंश के खंडहर की खुदाई 20 वीं शताब्दी में चीन की सब से महत्वपूर्ण पुरातत्व खोज थी । वर्ष 1928 के बाद इस जगह की खुदाई लगातार चलती आयी , जिस में बड़ी मात्रा में पशु हड्डी और कच्छ खोल के टुकड़े तथा कांस्य बर्तन प्राप्त हुए , जिन में से पशु हड्डी व कच्छ खोल पर खुदे प्राचीनी चीनी अक्षर विश्व पुरातत्व खोज के इतिहास में प्राप्त सब से बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है ।

कच्छ खोलों और पशु हड्डियों पर खुदे अक्षर चीन के प्राचीनतम अक्षर थे । चीन के सांग राजवंश में राजा किसी प्रकार का काम शुरू करने से पहले शकुन निकालने का अनुष्ठान करता था , कच्छ खोलों व पशु हड्डियों पर जो अक्षर खोदे गए थे , वे सगुन विचारने के साधन थे ।

इस भविष्यवाणी के लिए प्रयुक्त होने वाले खोलों और हड्डियों को पहले साफ सुथरा बनाया जाता था , उसे औजार से समतल कर दिया जाता था , फिर चाकु से कच्छ खोल की भीतरी तरफ तथा हड्डी की एक तरफ को तराश कर अनेक रेखाएं बनायी जाती थीं , ये रेखाएं क्रम में होती थीं । ऐसे खोल या हड्डी पर भावी भाग्य पूछने वाले अपना नाम और अनुष्ठान के वक्त तथा पूछे जाने वाले सवाल लिख देते थे , इस के बाद आग से कच्छ खोलों और पशु हड्डियों को ताप देता था , खोल और हड्डी ताप पकड़ने पर फट जाते थे , तराश हुई रेखा पर दरार पड़ता था , इस प्रकार के दरार को चो अर्थात पूर्व संकेत कहा जाता था ।सगुन विचारक इन दरारों के फटने की स्थिति का विश्लेषण कर भविष्यवाणी निकालते थे , भविष्यवाणी के शब्द भी कच्छ खोलों और हड्डियों पर खोद कर लिखे जाते थे । इन भविष्यवाणी के उत्तरावर्ती समय सही साबित होने के बाद उन्हें राजकीय दस्तावेज के रूप में सुरक्षित किए जाते थे ।

अब तक यन खंडहर की खुदाई से कुल एक लाख 60 हजार ऐसे खोल और हड्डियां उपलब्ध हुई हैं , कुछ अखंड है और कुछ टुकड़ों में है । आंकड़ों के अनुसार इन खोलों और हड्डियों पर कुल चार हजार अक्षर है , जिन में से तीन हजार पर विद्वानों द्वारा अध्ययन किया जा चुका है । तीन हजार अक्षरों में से एक हजार के अर्थ समझ में आए , शेष को समझने में कठिनाई बनी है या विद्वानों में मतभेद है । फिर भी इन हजार अक्षरों के अध्ययन से हमें सांग राज वंश के संदर्भ में काफी विस्तार से राजनीतिक ,आर्थिक व सांस्कृतिक ज्ञान प्राप्त हुआ है ।

पशु हड्डी और कच्छ खोल पर खुदे चीनी प्राचीन लिपि के अध्ययन में सब से पुरानी पुस्तक वर्ष 1913 में प्रकाशित श्री ल्यू अ की रचना कांस्य बर्तन और कच्छ खोल का रहस्य है । वर्ष 1929 में चीन के प्रसिद्ध इतिहसकार और साहित्यकार क्वो मो रो ने पशु हड्ड़ी व कच्छ खोल पर खुदे अक्षरों का अध्ययन नाम की रचना लिखी , वह इस के संदर्भ में एक अहम रचना है । वर्तमान काल में पेइचिंग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर छ्वुशिक्वी और चीनी इतिहास अध्ययन प्रतिष्ठान के प्रोफेसर ली श्वीछिन इस विद्य के मशहूर विद्वान हैं ।

यन खंडहर की खुदाई में प्राप्त पशु हड्डी और कच्छ खोल के अलावा बाद की पुरातत्व खुदाई में पश्चिम चाओ राजवंश के काल में प्रचलित पशु हड्डी व कच्छ खोल के टुकड़े प्राप्त हुए है , पर जिन पर खुदे अक्षर कम है , इसलिए वे यन खंडहर के पशु हड्डी व कच्छ खोल से कम महत्वपूर्ण है। यन खंडहर की खुदाई में पशु हड्डी और कच्छ खोल के अलावा पिछले 70 सालों के दौरान वहां 50 से अधिक राजमहल और मंदिर समूह के खंडहर उपलब्ध हुए हैं , वहां 12 शाही मकबरा , हजारों कुलीन वर्ग व प्रजा की समाधियां , 1000 पूजा कर्म के गढ़े , 5 शिल्प वर्कशाप , अश्व रथों के 30 गढ़े तथा बड़ी मात्रा में कांस्य बर्तन , जेड के काम , मिट्टी के बर्तन तथा हड्डी के औजार प्राप्त हुए हैं , जिस में चीन के प्राचीन समाज की त्रिआयामी झलक मिल सकती है ।

 

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