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मालिश करना

2017-08-15 16:39:20
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मानव के शरीर के तंत्रिकातंत्र के किसी बिन्दु पर दबाव डालने तथा हाथों , टांगों और देह में मालिश करने का उपाय भी चीनी चिकित्सा पद्धति का एक रोग-निवारक उपाय है ।

मालिश करने के प्रमुख तरीके

मालिश करने का आधार भी चीनी चिकित्सा पद्धति ही है अर्थात रोगों का संश्रित तौर पर इलाज किया जाता है । मालिश करने से शरीर को बहुत लाभ मिलता है । बिना औषधि खाए ही इस से अनेक रोगों का इलाज करने में मदद मिलती है । मालिश का प्रयोग बहुत से रोगों के इलाज में किया जा सकता है , विशेष तौर पर रीढ़ व गदन दर्द , रीढ़ की हड्डियों के रोग तथा सार ऊतक में हुई चोट को दूर करने में मालिश को प्रभावशाली ढ़ंग से इस्तेमाल किया जा सकता है ।

मालिश करने का भी अपना मापदंड होता है तथा इस के लिए कौशल की आवश्यकता पड़ती है। मालिश करनेवालों की सतत व शक्तिशाली तौर पर रोगियों का इलाज करने की मांग की जाती है । मालिश करने वाले न सिर्फ हाथ , बल्कि पांव तथा बाजू या किसी विशेष साधनों के जरिये मालिश करते हैं । कभी कभी वे किसी विशेष तेल जैसे शूलपर्णी तेल , लालफूल तेल , टेलकम पाउडर आदि के जरिये भी मालिश करते हैं । मालिश करने के बहुत से तरीके हैं जैसे पांव से दबाव करना , उंगलियों से देह करना और हाथों से दबाना आदि । रोगी स्वयं भी मालिश कर सकते हैं पर आम तौर पर चिकित्सक से या जानकार व्यक्ति से मालिश करवायी जाती है । स्वयं मालिश करके भी लोग अपने को स्वस्थ बना सकते हैं और अपनी आंखों और टांगों आदि अंगों को आरामदेह बना सकते हैं ।

मालिश करने के प्रमुख प्रभाव

मालिश करने के प्रमुख प्रभाव निम्न लिखित हैं :

एक , आंत के असंतुलन को दूर किया जा सकता है । चीनी चिकित्सा पद्धति के अनुसार आंत में असंतुलन पैदा होने से रोग पैदा होता है । मालिश करने के जरिये आंत में आए असंतुलन को दूर किया जा सकता है और इसतरह व्यक्ति को स्वस्थ बनाया जा सकता है ।

( मालिश करने के तरीकों के चित्र )

दो , नाड़ियों के जाल में चलने वाले हात की बहाली को तेज़ किया जा सकता है । चीनी परंपरागत चिकित्सा पद्धति के अनुसार मनुष्य के शरीर में नाड़ियों का जाल मौजूद है जिसमें हात आदि चलता रहता है । अगर जाल के किसी भाग में हात नहीं बहता है तो इस अंग में सूजन आ जाती है और आंत में रोग पैदा होने लगता है । आंत में जब रोग पैदा होता है तब शरीर की सतह पर भी रोग का कुछ प्रभाव दिखाई पड़ता है । मालिश करते समय शरीर के बाहर से ही रोग का इलाज किया जा सकता है ।

(मालिश करने के तरीकों के चित्र )

तीन , मालिश करने से शरीर में मांस तथा गांठों में पैदा असंतुलन को दूर किया जा सकता है । मालिश करते समय चिकित्सक की शक्ति शरीर की त्वचा से मांस के अंदर तक पहुंच सकती है और इसतरह पूरे शरीर में हात के चलन को तेज़ बनाया जा सकता है और मानव को स्वस्थ बनाया जा सकता है । इस के अलावा मालिश करने से मांस , स्नायु तथा हड्डियों में आयी चोटों का इलाज भी किया जा सकता है । इसलिए यह कहा जाता है कि मालिश करने के जरिये न केवल आंत के रोगों का इलाज किया जाता है बल्कि चोट खाने से हुई बीमारियों का भी उपचार किया जा सकता है ।

(मालिश करने के तरीकों के चित्र )

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