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माओश्वी की आत्म सिफारिश की कहानी

2017-08-15 17:21:00
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माओश्वी की आत्म सिफारिश की कहानी चीन में काफी मशहूर है । प्राचीन चीन के युद्धरत राज्य काल में चाओ राज्य की राजधानी एक बार शक्तिशाली छिन राज्य की सेना से घिरी हुई , जिस पर कभी भी कब्जा किया जा सकता था ।

चाओ राज्य की राजधानी को बचाने के लिए चाओ राज्य के राजा ने उस समय के दूसरे शक्तिशाली छु राज्य के साथ गठबंधन कायम कर संयुक्त रूप से छिन राज्य के आक्रमण को पराजित करने का निर्ण लिया और छु राजा को समझाने के लिए चाओ राज्य के राजकुमार फिंगयुनछवुन को दूत के रूप में भेजा ।

राजकुमार फिंगयुनछुन ने अपने निजी अधिकारियों में से बीस लोग अपने साथ चलने के लिए चुनना चाहा , बार बार सोचा जाने के बाद भी मात्र 19 लोग चुने गए, अभी एक की कमी रही । इस बीच माओश्वी ने राजकुमार से अपने की सिफारिश की ।

राजकुमार फिंगयुनछुन ने माओश्वी को ताकते हुए पूछा कि तुम कौन हो , किस काम के लिए आए हो ?

माओश्वी ने कहाः मेरा नाम माओश्वी है , मैं आप के साथ छु राजा को समझाने जाना चाहता हूं ।

फिंगयुनछुन ने फिर पूछाः तुझे मेरे यहां आए कितना लम्बा समय हो गया है ?

माओश्वी ने जवाब में कहाः तीन साल ।

फिंगयुनछुन ने कहाः तीन साल का समय कम लम्बा नहीं है । किसी भी व्यक्ति की विशेष योग्यता हो , तो वह जेब में रखे सुतारी की भांति उस की कांट जरूर जेब से निकल कर दिखती है । तुझे मेरे यहां तीन साल आ चुके हैं , किन्तु मैं ने कभी नहीं सुना कि तुम्हारी कोई विशेष कार्यक्षमता है ।

फिंगयुनछुन के पते की बातों पर माओश्वी ने बड़े आत्मविश्वास की लहजे में कहाः आप ने गलत कहा है , मेरी कोई विशेषक्षमता इसलिए नहीं जाहिर हुई है , क्योंकि आप ने मुझे जेब में नहीं डाला , यदि पहले ही मुझे जेब में डाला गया होता , तो मैं सुतारी की कांट की ही तरह बाहर निकल कर दिखता ।

माओश्वी की बातों से फिंगयुनछुन को ऐसा कुछ भांपा कि माओश्वी कुछ असाधारण व्यक्ति हो , तो उस ने माओश्वी को अपने दल का 20वां सदस्य बनाया । छु राज्य में पहुंचने के बाद राजकुमार फिंगयुनछुन ने छु राजा के साथ वार्ता शुरू की और उसे गठबंधन बना कर छिन राज्य का मुकाबला करने की आवश्यकता और महत्व समझाया और छु राज्य से तुरंत चाओ राज्य की राजधानी बचाने के लिए सेना भेजने की आशा की । लेकिन आधा दिन गुजरने के बाद भी छु राजा ने हामी नहीं भरी । बाहर प्रतीक्षा में बैठे सभी 20 लोगों को काफी चिंता हो उठी ।

माओश्वी की आत्म सिफारिश की बात अन्य 19 सदस्यों से उपेक्षित रही थी , वे मन ही मन में माओश्वी को झूठा व धोखेबाज समझते थे । जब वार्ता गतिरोध में पड़ गयी , तो उन्हों ने माओश्वी की असली योग्ता जानने के उद्देश्य में उसे अन्दर देखने को उकसायाः श्रीमान माओश्वी , वार्ता अभी भी सफल नहीं है , आप अन्दर जाकर स्थिति देखें तो बेहतर होगा ।

माओश्वी ने तुरंत स्वीकार किया और वह अपने कमर पर बंधे लम्बे कृपाण कस करके छु राजा के सामने जा पहुंचाः

महा राजा , छिन राज्य का मुताबला करने के लिए छु और चाओ राज्यों में गठबंधन कायम होना बहुत जरूरी है और फोरी काम भी है , यह दो तीन वाक्यों में ही तय किया जा सकता है । लेकिन आज की वार्ता सुबह से दोपहर तक चली है , परन्तु किसी भी प्रकार का परिणाम अभी तक नहीं निकला, इस का क्या कारण है?

माओश्वी की आकस्मिक पेशकश और बातों की लहजे पर छु राजा बड़ा नाखुश हुआ , उस ने माओश्वी की ओर नजर फिर कर फिंगयुनछुन से बड़े क्रोध के स्वर में पूछाः वह कौन है?

फिंगयुनछुन ने कहाः वह मेरे दल का सदस्य है ।

छु राजा को और गुस्सा आया , उस ने माओश्वी की ओर मुड़ कर उस की निन्दा करते हुए कहाः

मैं और आप के स्वामी के साथ वार्ता कर रहा हूं , तुम कौन सी चीज हो , जो बीच में आकर बोला ।

छु राजा की बातों से माओश्वी में रोष भड़क उठा , उस ने म्यान में से कृपाण निकाल कर छु राजा के आगे दो कमद बढ़ कर बुलंद आवाज में कहाः

महाराजा , आप इसलिए मेरी भर्त्सना करने के साहसी है , क्योंकि आप छु राज्य को बड़ा शक्तिशाली समझते हैं , आप समझते हैं कि आप के पास अंगरक्षक बहुत ज्यादा हैं । लेकिन अब मैं बताता हूं कि इस समय दस कदमों के दायरे में आप का शक्तिशाली राज्य काम की चीज नहीं आएगा , आप के बड़ी संख्या वाले अंगरक्षक काम नहीं आएंगे , आप की जान मेरे हाथ में है , आप अब क्या समझे ?

माओश्वी की तर्कसंगत बातों से छु राजा का गला दब गया और उस के चेहरे पर पसीने आए।

माओश्वी ने आगे कहाः छु राज्य बड़ा देश है , उसे विभिन्न राज्यों का प्रभु होना चाहिए था । लेकिन असल में आप छिन राज्य से इतना डरते हैं , इतना डरते हैं कि उस के आक्रमण का मुकाबला करने की जरा भी हिम्मत नहीं रही । छिन राज्य ने छु राज्य पर अनेक बार चढ़ा कर बहुत से स्थानों को छीन लिया , यह गजब का अपमान है । इस पर सोच कर हमारे चाओ राज्य वासियों को भी शर्म आती है । अब हम आप के साथ गठबंधन बना कर छिन राज्य के आक्रमण का विरोध करने को तैयार हैं , तो प्रत्यक्ष रूप में चाओ राज्य की राजधानी हानतान को बचाया जाएगा , असल में छु राज्य के लिए छिन राज्य के आक्रमण का बदला लेने का मौका भी है । लेकिन आप इतना कायर निकले , आप कौन सा राजा हों , आप को शर्म नहीं आएगी क्या ?

माओश्वी की बुलंद हौसले से भरी बातें सुन कर छु राजा को बड़ी शर्म आयी , उस के मुंह से एक शब्द भी निकल पाया।

माओश्वी ने फिर कहाः महान राजा , अब आप का क्या ख्याल है ? हमारे चाओ राज्य के साथ गठूंधन कायम करना चाहते कि नहीं?

हां , हां , अवश्य बनाएंगे , अवश्य बनाएंगे । छु राजा ने एक स्वर में मंजूरी दी ।

इस के बाद छु और चाओ राज्यों में छिन राज्य का मुकाबला करने का गठबंधन कायम हुआ और राजकुमार फिंगयुनछुन और उस का दल जल्द ही चाओ राज्य लौटे । फिंगयुनछुन ने चाओ राजा को वार्ता की जानकारी देते हुए कहाः

मेरे मौजूदा मिशन की सफलता मुख्यतः माओश्वी पर निर्भर है , उस ने चतुर वाकपटुता के बल पर चाओ राज्य का स्थान ऊंचा कर दिया , उस की भूमिका लाखों सैनिकों की शक्तिशाली सेना से भी प्रबल है ।

बहुत जल्द ही माओश्वी का नाम चाओ राज्य में फैल गया और माओश्वी की आत्म सिफारिश यह उक्ति भी प्राचीन कहावत के रूप में सदियों से प्रचलित आयी ।

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