सूचना:चाइना मीडिया ग्रुप में भर्ती

रेवाफ

2017-08-15 14:45:04
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

रेवाफ तंतु वाद्य यंत्रों में से एक है और वह चीन की वेवुर , ताजिक और उजबेक अल्पसंख्यक जातियों के बीच बहुत लोकप्रिय है । रेवाफ ईस्वी 14 वीं शताब्दी से उत्पन्न होकर आज तक कोई 600 से अधिक साल पुराना है । तत्काल में सिंच्या और देश के भीतरी क्षेत्रों व विदेशों की विभिन्न जातियों के बीच व्यापक आर्थिक व सांस्कृतिक आदान प्रदान के माध्यम से वेवुर जाति ने अपने लोकप्रिय वाद्य संत्रों के आधार पर विदेशी वाद्य यंत्रों की बखूबियों का ग्रहण कर कुछ नये प्रकार वाले वाद्य यंत्रों का सृजन किया है , रेवाफ उन में से एक है ।

रेवाफ आम तौर पर लकड़ियों से बनाया जाता है , उस का आकार प्रकार अत्यंत विशेष है , उस का ऊपरी भाग लम्बा व पतला है , सिर मोड़दार है और सब से नीचला भार अर्ध गोलाकार है , जहां संगीत की आवाज निकल जाती है ।

रेवाफ तीन , पांच , छै , सात , आठ व नौ तंतुओं से बनाया जाता है , आम तौर पर सब से बाहर के तंतु से संगीत बजाया जाता है , अन्य तंतुओं का सम्वादी स्वर देने में प्रयोग किया जाता है ।

रेवाफ की आवाज बुलंद , मधुर और प्रभावशाली है । एकल वादन व समूह वादन करने में उस का प्रयोग किया जा सकता है । संगीतकार खड़ा होकर या बैठकर रवाब से संगीत कर सकता है । पर उसे संगीत करने के लिये रवाब को अपने सीने के आगे रखना , नीचले भाग को दायं बांह के जोड़ से सटकर रवाब के शरीर को बायं हाथ की अंगूठे व तर्जनी के बीच रखना जरूरी है , फिर बायं हाथ की उंगलियों से तंतुओं के निश्चत जगह दबाने के साथ साथ दायं हाथ में पकड़े विशेष छोटे साधन से तंतुओं को बजाने से मधुर आवाज निकल जाती है ।

रेवाफ के आकार प्रकार विविधतापूर्ण हैं , हालांकि वेवुर , ताजिक और उजबेक ये तीन अल्पसंख्यक जातियां सिंच्यांग वेवुर स्वायत प्रदेश में साथ साथ रहती हैं , लेकिन उन के बीच प्रचलित रेवाफों की किस्में व आकार प्रकार अलग अलग ही नहीं , नाम भी एक जैसा नहीं है । उदाहरण के लिये ताजिक जाति उसे रेबूप कहती है और अधिकतर बादाम पेड़ की लकड़ी से तैयार करती है । जबकि वेवुर जाति में काश्कर रवाब , नये आकार वाला रवाब , दोलांग रवाब और चरवाहा रेवाफ प्रचलित हैं । काश्कर रवाब काश्कर क्षेत्र में ज्यादा प्रचलित होने से यह नाम पड़ा , उस की आवाज नीची व सूक्ष्म होती है । उजबेक जाति में प्रलचित रवाब काश्कर रेवाफ से काफी मिलता जुलता है , पर उस की आवाज बुलंद और भारी होती है ।

[रेवाफ से बजायी गयी धुन]:मेरा रेवा

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories