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चीन के इतिहास में प्रथम राजा फ़ू सी शी

2017-08-15 17:11:06
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फ़ू सी शी चीन की ऐतिहासिक पुस्तकों में उल्लिखित सब से प्रथम राजा था, जो लगभग 5000 से ज्यादा वर्षों से पहले चीन में राज्य करता था।

कहा जाता है कि फ़ू सी शी का जन्म बहुत अनोखा था। उस की मां शी नामक एक लड़की थी। एक सुहावने दिनॉ, एक तालाब के पास खेलते समय इस लड़की ने एक बड़ा सा पदचिन्ह देखा।लड़की ने अपने दोनों पैरों से इस पदचिह्न को रौंद दिया।

कहते हैं इस के बाद ही फू सी शी को उस लड़की ने जन्म दिया। फ़ू सी शी की एक बहन थी, जिस का नाम न्वू वा था। ऐतिहासिक पुस्तकों में उल्लिखित है कि वे दोनों बहनें बहुत अजीब थीं, और उन का शरीर ड्रैगन का और सिर मनुष्य का था। वास्तव में इस से यह जाहिर होता है कि फ़ू सी शी संभवतः ड्रैगन की पूजा करने वाले एक कबीले का सरगना था।

फ़ू सी शी उसी युग में रहता था, जब उत्पादन शक्ति का विकास हो रहा था। अनेक महत्वपूर्ण विकास के पदों का उस से भी संबंध रहा है। ऐतिहासिक पुस्तकों के अनुसार, उन्होंने दुनिया के विभिन्न जीव जन्तुओं के पद चिह्नों के अनुसार, रहस्यमय अष्ट रेखाचित्रों की स्थापना की। ये आठ रेखाचित्र एक दूसरे से मेल खाते थे, और इन में दुनिया की विभिन्न चीज़ों को शामिल किया गया था। इस के बाद लोगों ने इन रेखाचित्रों से यथार्थ जीवन में घटने वाली विभिन्न घटनाओं को लिखना शुरु किया और सूत के जरिए घटनाओं को लिखने के इतिहास को समाप्त किया।

इस के बाद, फ़ू सी शी ने लोगों को सूत से मछुआरों के जाल को बुनना सिखाया और लोगों को जीव जन्तुओं को मारने की तकनीक भी सिखायी। विवाह और भरपूर फ़सल लेने की खुशी का अवसर आदि महत्वपूर्ण घटनाओं को मनाने के लिए, फ़ू सी शी ने लोगों को ' स ' नामक एक वाद्य यंत्र बनाना सिखाया और चा बेन धुन की रचना की, जिस ने दूर तक लोगों के भौगोलिक व मानसिक जीवन को प्रभावित किया था। फ़ू सी शी ने जनता को लकड़ी से आग प्राप्त करने के तरीकों को भी सिखाया और खाद्य पदार्थों को आग में पकाने के बाद खाना सिखाया। इस तरह, लोगों ने जीव जन्तुओं को मारने के बाद उसे सीधा कच्चा खाने के तरीके को छोड़ा।

कहा जाता है कि फ़ू सी शी मुख्यतः चीन के ह नान प्रांत के ह्वेई यांग और शान तुंग प्रांत के जी नींग और छ्व्यू फ़ू के आसपास रहता था। जी नींग में अभी भी फ़ू सी शी का मकबरा मौजूद है। चीनी पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष तीन मार्च को चारों ओर से किसान यहां आते हैं और इकट्ठे हो करके चीनी राष्ट्र की सभ्यता के इस राजा की पूजा करते हैं।

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